पटना को डूबोने वाले 27 अधिकारी नप गए

पटना को डूबोने वाले 27 अधिकारी नप गए

श्रीनारद मीडिया‚ राकेश सिंह‚ स्टेट डेस्क:

पटना को डूबोने वाले 27 अधिकारी नप गए हैं। इनमें बुडको के तत्कालीन प्रबंध निदेशक (एमडी) और आईएएस अधिकारी अमरेन्द्र प्रसाद सिंह भी शामिल हैं। पटना नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त अनुपम कुमार सुमन (आईआरएस सेवा) के खिलाफ कार्रवाई के लिए केन्द्र सरकार से अनुशंसा की जाएगी। जल जमाव के लिए दोषी 14 अभियंताओं को भी निलंबित कर विभागीय कार्यवाही की जाएगी। वहीं संविदा पर तैनात 7 अभियंताओं को कार्युमक्त करने का निर्णय लिया गया है।

बुडको एमडी ने जिम्मेदारी नहीं निभाई
नगर विकास विभाग के सचिव आनंद किशोर ने सोमवार को बताया कि जल जमाव के बाद गठित जांच समिति की रिपोर्ट और इसपर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अनुमोदन के बाद यह कार्रवाई की गई है। जिन अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है उनके खिलाफ गंभीर आरोप हैं। बुडको के तत्कालीन एमडी पर संप हाउस की व्यवस्था की मॉनिटरिंग और संचालन की व्यवस्था की समीक्षा नहीं की गई। रख-रखाव और मरम्मति कार्य का अनुश्रवण भी नहीं किया गया।

मानसून को लेकर कोई प्लान नहीं था
तत्कालीन नगर आयुक्त और वर्तमान में अपने मूल कैडर में वापस गए अनुपम कुमार सुमन पर भी गंभीर आरोप है। जिम्मेदारी भरे पद पर रहते हुए उन्होंने कर्तव्य पालन में घोर लापरवाही बरती। मानसून को लेकर उन्होंने कोई प्लान नहीं किया था। नाला सफाई की समीक्षा भी उनके द्वारा नहीं की गई जिससे पटना कई दिनों तक डूबा रहेगा।नहीं हुई थी नालों की सफाई
नगर निगम के चार कार्यपालक पदाधिकारियों पर भी गाज गिरी है। पूनम कुमारी (तत्कालीन कंकड़बाग अंचल), बिरेन्द्र तरूण (बांकीपुर अंचल), शैलेश कुमार (नूतन राजधानी अंचल) और मनीष कुमार (पाटलिपुत्र अंचल) शामिल हैं। इनपर नालों की साफ-सफाई में खानापूर्ति करने का आरोप हैं। जांच के दौरान नालों में गाद भरा मिला था। मनीष कुमार को छोड़ बाकी के तीनों कार्यपालक पदाधिकारी बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं।

संप हाउस फेल हो गया
बुडको के तत्कालीन मुख्य अभियंता भवानी नंदन और अधीक्षण अभियंता रामचंद्र प्रसाद समेत विभिन्न विभागों से बुडको में प्रतिनियुक्त 14 अभियंताओं पर भी कार्रवाई हुई है। संप हाउस के काम नहीं करने और दूसरे अन्य मामलों में इनकी लापरवाही के चलते उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। इसके अलावा संविदा पर कार्यरत्त 7 अभियंताओं को कार्यमुक्त करने की तैयारी कर ली गई है। लापरवाही के आरोप में उनसे सवाल-जवाब किए गए हैं। जवाब मिलते ही नगर विकास विभाग उन्हें कार्यमुक्त कर देगा।

 

 

 

 

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