9/11 Terror Attack: इस हमले के साथ लादेन ने साइन कर दिया था अपना Death Warrant

9/11 Terror Attack: इस हमले के साथ लादेन ने साइन कर दिया था अपना Death Warrant

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

दिवस पर विशेष

 9/11 18th Anniversary: 18 वर्ष पहले ग्यारह सितंबर 2001 को अमेरिका का सामना इतिहास की सबसे बड़ी आतंकी घटना से हुआ था, जिसमें तीन हजार मासूमों की जान गई थी। ये हमला अमेरिका के प्रसिद्ध वर्ल्ड ट्रेड सेंटर समेत चार महत्वपूर्ण जगहों पर हुआ था। इन हमलों में मारे जाने वाले लोगों में दुनिया भर के नागरिक शामिल थे। माना जाता है कि अमेरिका पर ये हमला कर, अल कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन ने अपने डेथ वारंट (Death Warrant) पर साइन कर दिया था। यही से ओसामा के मारे जाने की कहानी शुरू हुई थी।

अमेरिका जैसे महाशक्ति शाली देश पर हुए इस हमले ने पूरी दुनिया में दहशत पैदा कर दी थी। आतंकी संगठन अलकायदा ने अमेरिका में एक के बाद एक चंद मिनटों में चार ठिकानों पर हमले किए थे। इन हमलों को विमान हाईजैक के जरिए अंजाम दिया गया था। वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (डब्ल्यूटीसी) पर जैसे ही विमान टकराया, पलभर में ये इमारत राख के ढेर में तब्दील हो गया। हजारों लोगों की मौत हो गई। इन हमलों से अमेरिका को आर्थिक स्तर पर भी बड़ा झटका लगा।

…और थर्रा उठी दुनिया
हर रोज से अलग ये सुबह हमेशा के लिए इतिहास में दर्ज होने वाली थी। दहशत पैदा करने के लिए आतंकी संगठन अलकायदा ने चार अमेरिकी विमानों का अपहरण कर दो विमान वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के ट्विन टावर से टकराए, तीसरा विमान वॉशिंगटन डी.सी. के बाहर पेंटागन और चौथा विमान पेंसिलवेनिया के खेतों में गिरा। इस हमले ने पूरी दुनिया के सामने आतंकवाद से निबटने की चुनौती रख दी। इसके बाद अमेरिका ने सीमाओं को इतना मजबूत कर दिया कि आज कोई आतंकी संगठन आंख उठा कर देखने का दुस्साहस नहीं कर सकता।

अरबों डॉलर हुए राख
अमेरिका को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के लिए आतंकियों ने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर को निशाना बनाया। इस आतंकी हमले में अरबों डॉलर का नुकसान हुआ। अकेले डब्ल्यूटीसी में नष्ट हुई कलाकृतियों की कीमत 10 करोड़ डॉलर थी। यहां से 18 लाख टन मलबा हटाने में करीब नौ महीने का समय लगा।

हजारों लोगों ने गंवाई जान
9/11 हादसे में करीब तीन हजार लोगों ने जान गंवाई। इनमें चार सौ पुलिसकर्मी और अग्निशमन दस्ते के सुरक्षाकर्मी थे। हमले में मारे गए 372 गैर अमेरिकी लोग थे, जिनमें विमान अपहरणकर्ताओं के अलावा 77 देशों के नागरिक भी शामिल थे।

2011 में मारा गया ओसामा
अमेरिका ने इन हमलों के तुरंत बाद अलकायदा के मुखिया ओसामा बिन लादेन को जिंदा या मुर्दा पकड़ने के लिए 2.5 करोड़ डॉलर का इनाम रखा था।

पाकिस्‍तान के ऐबटाबाद में ओसामा को किया था ढेर
मालूम हो कि लादेन को अमेरिकी सैनिकों ने पाकिस्तान में घुसकर 2 मई 2011 को मार गिराया था। इस ऑपरेशन की 8वीं वर्षगांठ पर लादेन को गोली मारने वाले अमेरिकी नेवी सील के कमांडो रॉब ओ नील ने कहाथा कि ‘हमारे दल में शामिल सभी कमांडो मान चुके थे कि वह मरने वाले हैं। उन्होंने अपने घर वाले को अलविदा भी कह दिया था। नील का कहना था लादेन के गढ़ में पहुंचने पर कमांडो को लगा था कि यह ऑपरेशन उनका आखिरी ऑपरेशन होगा। एक साक्षात्कार में नील ने कहा था कि, मिशन पूरा कर जब हम सभी हेलीकॉप्टर में वहां से निकले तब लगा कि हमारी जान बच सकती है। पायलट ने संदेश दिया कि हम अफगानिस्तान में हैं। यह सुनने के बाद लगा कि हमने कर दिखाया।’ उस वक्त यह एक गर्व की बात थी। ऐसी टीम का हिस्सा होना मेरे लिए सम्मानजनक है।’

9/11 हमले का सिलसिलेवार घटनाक्रम
सबुह 8:46 बजे : बोस्‍टन से लॉस एंजिलिस की उड़ान पर निकले अमेरिकन एयरलाइंस के बोईंग 767 में सवार पांच अपहरणकर्ताओं ने अगवा कर लिया था। उन्‍होंने इसको वर्ल्‍ड ट्रेड सेंटर के उत्‍तरी टावर से टकरा दिया। जिसके चलते आग पूरी इमारत आग के गोले में तब्‍दील हो गई। इसमें 92 लोग सवार थे।
सुबह 9:30 बजे : अमेरिकी राष्‍ट्रपति जॉर्ज डब्‍ल्‍यू बुश ने इसे आतंकी हमला करार दिया था।
सुबह 9:37 बजे : वॉशिंगटन डलास से लॉस एंजिलिस जा रहे अमेरिकन एयरलाइंस के बोईंग 757 को भी इसमें सवार पांच अपहरणकर्ताओं ने हाईजैक कर लिया था। इसमें 64 लोग सवार थे। इस विमान को आतंकियों ने पेंटागन से टकरा दिया था।
सुबह 9:42 बजे : यूएस फेडरल एविएशन एडमिनिस्‍ट्रेशन ने सभी विमानों की आवाजाही पर रोक लगाई।
सुबह 9:59 बजे : वर्ल्‍ड ट्रेड सेंटर से टकराने के करीब 56 मिनट बाद दक्षिण टावर गिरा।
सुबह 10:03 बजे : नेवार्क से सेन फ्रांसिस्‍को जो रहे यूनाइटेड एयरलाइंस के बोईंग 757 को विमान में सवार चार अपहरणकर्ताओं ने अगवा कर लिया। इसमें 44 लोग सवार थे। यह विमान पेंसिल्वेनिया में शैंक्सविले के क्रैश हो गया था।
सुबह 10:28 बजे वर्ल्‍ड ट्रेड सेंटर के 42 मिनट बाद उत्‍तरी टावर गिरा और मैनहट्टन का आसमान धूल और धुंए से पट गया।

कई विशेषज्ञ हमले के वक्त स्कूल में कर रहे थे पढ़ाई
न्यूयॉर्क स्थित लैब में काम कर रहे कई विशेषज्ञ हमले के वक्त प्राथमिक विद्यालय में पढ़ रहे थे। डिजायर ने कहा, ‘हमले के बारे में ज्यादा कुछ याद नहीं होने पर भी वे समझते हैं कि यह कितना महत्वपूर्ण है। सभी बड़ी संवेदनशीलता से अपना काम कर रहे हैं।’ दक्षिण अफ्रीका से लेकर अर्जेंटीना तक की टीमें न्यूयॉर्क में इन विशेषज्ञों से सीखने आती हैं।

अमेरिका में हुए अब तक से सबसे भीषण आतंकी हमले को 18 साल का लंबा वक्त गुजर चुका है। साल 2001 में आज ही के दिन यानि 11 सितंबर को ही यह भीषण आतंकी हमला हुआ था। इतना लंबा वक्त गुजर जाने के बावजूद यह घटना हर किसी के जेहन में इतनी ताजा है कि ऐसा लगता है जैसे कल की ही बात है। आतंकियों ने यात्री विमानों को हथियार बनाकर न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और पेंटागन पर हमला बोला, जिसमें करीब 3000 लोग मारे गए थे। दो विमानों ने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के ट्विन टावर को निशाना बनाया, जबकि एक विमान अमेरिका के रक्षा मंत्रालय यानि पेंटागन की बिल्डिंग पर टकराया। एक और यानी चौथा विमान भी आतंकियों ने हाइजैक किया था, जिसका संभावित निशाना अमेरिका का राष्ट्रपति भवन यानि व्हाइट हाउस था। विमान में मौजूद यात्रियों की सूझबूझ के चलते यह विमान व्हाइट हाउस तक पहुंच ही नहीं पाया। यहां पढ़ें विमान में मौजूद उन 44 लोगों के साहस की अद्भुत कहानी…

क्या हुआ उस दिन
मंगलवार का दिन था। अभी कुछ ही देर पहले सुबह हुई थी और लोग अपने-अपने दफ्तरों में पहुंचे ही थे, कुछ लोग जल्दी-जल्दी में दफ्तर की तरफ बढ़ रहे थे। अलकायदा के 19 आतंकवादियों ने उस दिन अमेरिका ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व को हिला डालने की साजिश रची थी। सुबह के वक्त एयरपोर्ट की सुरक्षा में सेंध लगाकर यह आतंकी हथियारों के साथ चार विमानों में सवार हो गए और जल्द ही इन्होंने विमानों का अपहरण कर लिया। दो विमान न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की ओर बढ़े और एक-एक कर दोनों टावर्स से जा टकराए। ट्रेड सेंटर की नॉर्थ टावर से सुबह 8.45 बजे जो विमान टकराया वह अमेरिकी एयरलाइंस का बोइंग 767 विमान था और इसमें 20 हजार गैलन जेट फ्यूल भरा हुआ था। तीसरे विमान ने वॉशिंगटन डीसी के बाहर पेंटागन को अपना निशाना बनाया। चौथा विमान (यूनाइटेड फ्लाइट 93) पेन्सिलवेनिया के शांक्सविले में एक खेत में क्रैश हो गया। माना जाता है कि इस चौथे विमान का निशाना व्हाइट हाउस था।

 

विमान के उड़ान में देरी से हुआ फायदा
न्यूजर्सी से उड़ान भरने वाले यूनाइटेड फ्लाइट 93 विमान को कैलिफोर्निया जाना था। इस विमान की उड़ान में देरी हुई और विमानयात्री काफी देर तक विमान के अंदर बैठकर उसकी उड़ान का इंतजार करते रहे। इसी दौरान न्यूयॉर्क के ट्विन टावर्स और पेंटागन पर हमले के लिए निकले तीनों विमान उन बिल्डिंगों से टकरा चुके थे। उड़ान के इंतजार में न्यूजर्सी के नेवार्क लिबर्टी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर विमान के अंदर बैठे कई यात्रियों को फोन के जरिए इस आतंकी हमले की खबर लग चुकी थी। इस बीच यूनाइटेड फ्लाइन 93 के हाइजैक होने की भी खबर लग चुकी थी। अब कुछ यात्रियों और विमान के अटेंडेंट्स ने आतंकियों से लोहा लेने का प्लान बनाया।

‘मैं जानता हूं हम मरने वाले हैं’
विमान हाईजैक होने के बाद यूनाइटेड फ्लाइट 93 विमान में मौजूद एक यात्री थॉमस बुर्ने जूनियर ने अपनी पत्नी को फोन किया। उन्होंने अपनी पत्नी से कहा, ‘मैं जानता हूं हम मरने वाले हैं। हममें से तीन लोग आतंकियों से लड़ने जा रहे हैं। आई लव यू हनी।’ एक अन्य यात्री टॉड बीमर को एक ओपन लाइन पर यह बोलते हुए सुना गया, ‘क्या आप लोग तैयार हैं? लेट्स रोल।’

 

फ्लाइट अटेंडेंट के वो आखिरी शब्द
विमान में मौजूद एक फ्लाइट अटेंडेंट सैंडी ब्रैडशॉ ने अपने पति को फोन करके कहा, ‘मैं एक गलियारे में हूं और सुराही में गर्म पानी भर रही हूं। सब लोग फर्स्ट क्लास की तरफ भाग रहे हैं। मुझे अब जाना होगा, बाय…’

चार आतंकियों से भिड़ गए यात्री
यात्रियों को अब तक पता चल चुका था कि उनका विमान भी हाईजैक हो गया है और अब उनमें से शायद ही कोई जिंदा बचेगा। इस बीच कुछ यात्रियों ने गजब का साहस दिखाया। यात्री विमान के अंदर मौजूद चार आतंकवादियों से भिड़ गए। यात्रियों ने कॉकपिट में घुसे आतंकियों पर हमला बोल दिया। विमान हवा में पलट गया और अब 500 मील प्रति घंटे की रफ्तार से जमीन की तरफ गिरने लगा। अंतत: सुबह 10.10 बजे यह विमान पश्चिमी पेन्सिलवेनिया के शांक्सविले में एक खेत में जा गिरा। विमान में मौजूद सभी 44 लोगों की मौत हो गई।

 

व्हाइट हाउस था आतंकियों का निशाना!
यूनाइटेड फ्लाइट 93 विमान के यात्रियों ने आतंकियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया था। भले ही उनमें से किसी की भी जान नहीं बची, लेकिन उन्होंने किसी बड़े संभावित टारगेट को निशाना बनने से रोक दिया। हालांकि, यह आज तक पता नहीं चल सका कि इस विमान हो हथियार बनाकर आतंकी कहां हमला करना चाह रहे थे। आतंकियों के संभावित निशानों में व्हाइट हाउस, द यूएस कैपिटल, मैरिलैंड स्थित द कैंप डेविड प्रेसिडेंशियल रिट्रीट और देशभर में मौजूद कई न्यूक्लियर पावर प्लांट हो सकते थे।

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