आज ही के दिन अमेरिका को मिला था सबसे बड़ा आतंकी जख्म

आज ही के दिन अमेरिका को मिला था सबसे बड़ा आतंकी जख्म

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

दिवस पर विशेष

इतिहास में 11 सितंबर वह दिन एक दुखद घटना के साथ दर्ज है। दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका के सीने पर घातक आतंकी हमले ने एक ऐसा जख्म दिया, जिसकी टीस रहती दुनिया तक कायम रहेगी। 11 सितंबर, 2001 को अमेरिका पर हुए आतंकी हमलों की बुधवार को 18वीं बरसी है।

साल 2001 में अमेरिका में आतंकवादियों ने विमान अपहरण कर न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की दो इमारतों, वर्जीनिया स्थित पेंटागन और पेन्सिलवेनिया पर हमला किया था। इस हमले में 2,977 लोगों की मौत हुई थी। इसे अमेरिका के इतिहास के सबसे बड़े आतंकी हमले के तौर पर देखा जाता है।
इस हमले में अल कायदा के मुखिया ओसामा बिन लादेन का हाथ था जो कि हमले के बाद पाकिस्तान में जाकर छुप गया था। लादेन को बाद में पाकिस्तान के एबटाबाद में अमेरिकी सील कमांडो ने ढेर कर दिया था। इससे पाकिस्तान के उस झूठ की कलाई खुल गई थी कि लादेन पाकिस्तान में नहीं है।
आपको बता दें कि वर्ल्ड ट्रेड सेंटर न्यूयार्क के मैनहैटन में बने दो टावर रूपी इमारतों का जोड़ा था. इसके एक टावर का निर्माण 1966 में शुरू हुआ था जो 1972 में पूर्ण हुआ. दूसरे टावर को बनाने का काम 1966 में शुरू होकर 1973 में समाप्त हुआ था.

अपहरणकर्ताओं ने जानबूझकर उनमें से दो विमानों को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, न्यूयॉर्क शहर के ट्विन टावर्स के साथ टकरा दिया, जिससे विमानों पर सवार सभी लोग तथा भवनों के अंदर काम करने वाले अन्य अनेक लोग भी मारे गए थे. दोनों बड़ी इमारतें 2 घंटे के अंदर ढह गई थीं, यहां तक कि उनके पास वाली इमारतें भी तबाह हो गईं थी और दूसरी इमारतों को भारी नुकसान हुआ था. अपहरणकर्ताओं ने तीसरे विमान को वाशिंगटन डी.सी. के बाहर आर्लिंगटन, वर्जीनिया में पेंटागन से टकरा दिया था.

इन हमलों में लगभग 3,000 शिकार तथा 19 अपहरणकर्ता मारे गए. न्यूयॉर्क राज्य स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जून, 2009 तक अग्निशामकों एवं पुलिस कर्मियों सहित, 836 आपातसेवक मारे जा चुके हैं. वर्ल्ड ट्रेड सेन्टर पर हुए हमले में मारे गए 2,752 पीड़ितों में से न्यूयॉर्क शहर तथा पोर्ट अथॉरिटी के 343 अग्निशामक और 60 पुलिस अधिकारी थे. पेंटागन पर हुए हमले में 184 लोग मारे गए थे. हताहतों में 70 देशों के नागरिकों सहित नागरिकों की भारी संख्या थी.

यह हमला कितना बड़ा था इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस हमले में लगी आग को बुझाने में लगभग 100 दिन का समय लगा था. इस हमले में ट्विन टावर में 90 से ज्यादा देशों के नागरिक मारे गए थे.

जिस ट्विन टावर को आतंकियों ने निशाना बनाया था. वे 4 अप्रैल 1973 को बनकर तैयार हुए थे, जिसकी 7 इमारते थीं. इसको बनाने में 400 मिलियन डॉलर खर्च हुए थे. ट्विन टावर में लगभग 50 हजार कर्मचारी काम करते थे. यह इमारत कितनी विशाल थी. इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां 239 लिफ्ट थीं.

11 सितंबर को अलकायदा आतंकवादियों के एक ग्रूप ने स्थानीय समय के मुताबिक नौ बजे वर्जीनिया से लॉस एंजेल्स जा रहे अमेरिकी उड़ान संख्या 77 के विमान को पेंटागन की इमारत से टकरा दिया था. अमरीकी अधिकारियों के मुताबिक विमान पेंटागन के पहले और दूसरी मंजिल के बीच गिरा, जिसमें 184 लोग मारे गए थे.

इस दिन अमेरिका से तीन विमान हाईजैक हुए थे. हाईजैकर्स ने एक विमान को पेंटागन की इमारत से टकरा दिया था वहीं दूसरे विमान को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की इमारत से टकरा दिया था. हाईजैक हुआ तीसरा विमान एक खाली जगह पर कैश हो गया था.

इसके बाद अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआई ने 11 सितंबर 2001 को पेंटागन पर हुए हमले के बाद की कुछ अनदेखी तस्वीरें जारी की थीं. उन तस्वीरों के माध्यम उस घटना में हुई तबाही को महसूस किया जा सकता था. तस्वीरों से समझा जा सकता है कि किस तरह से अलग-अलग अमेरिकी एजेंसियों ने इस हमले के बाद बचाव कार्य को अंजाम दिया था.

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