आयुष्मान भारत के योजना के कार्य में आयी तेजी, 72000 से अधिक लोगों को मिला गोल्डेन हेल्थ कार्ड

आयुष्मान भारत के योजना के कार्य में आयी तेजी, 72000 से अधिक लोगों को मिला गोल्डेन हेल्थ कार्ड
• अब तक जिले के 2936 लोगों का हुआ मुफ्त इलाज
• डीएम के निर्देश पर कार्य में आयी तेजी
• ढाई लाख लोगों को लाभान्वित करने का है लक्ष्य

श्रीनारद मीडिया‚ पंकज मिश्रा‚ अमनौर‚ सारण (बिहार)

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छपरा : आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना के तहत सारण में तेजी से काम हो रहा है। जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन के निर्देश पर इस कार्य में तेजी आयी है। समीक्षा बैठक के दौरान डीएम ने गोल्डेन हेल्थ कार्ड बनाने के कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया था। सारण में अब तक इस योजना के तहत 72095 बीपीएल परिवार के लोगों का स्वास्थ्य गोल्डेन कार्ड बनाए गए हैं। वहीं पूरे जिले में अब तक 2936 लोगों का मुफ्त इलाज कराया गया है। पहले की अपेक्षा मरीज अस्पताल में ज्यादा पहुंच रहे हैं। प्रति महीने 10 से 15 मरीजों का आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज सदर अस्पताल में मुफ्त में कराया जा रहा है।
आयुष्मान भारत के प्रमंडलीय समन्वयक संजय कुमार ने बताया कि जिले में आयुष्मान भारत योजना का शुभारंभ 23 सितंबर 2018 को सदर अस्पताल में हुआ था। आंकड़ों के अनुसार जिले में ढाई लाख बीपीएल कार्ड धारक हैं। अभी तक 72095 लोगों को गोल्डेन कार्ड दिया गया है। जिसमें 2936 मरीजों का इलाज किया गया है। शेष लोगों के दस्तावेजों की जाँच कर उन्हें शीघ्र ही गोल्डन कार्ड उपलब्ध कराये जाएंगे। योजना के तहत कार्ड बनाने की जिम्मेवारी कार्यपालक सहायक पद पर कार्यरत आरोग्यमित्र की है।
गोल्डेन कार्ड बनवाने के लिए लाभुकों को चाहिए ये कागजात :गोल्डेन कार्ड बनाने के लिए बीपीएल राशन कार्ड एवं प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना का पत्र जरूरी है। इसके बिना गोल्डन कार्ड यानी आयुष्मान भारत कार्ड नहीं बन सकता है। बीपीएल कार्ड धारक प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना का पत्र ब्लॉक में कार्यरत आशा कार्यकर्ता से आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

 

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इन कागजातों को भी लगाना जरूरी: इन दोनों कागजातों के अलावा लाभुकों को आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, बैंक पासबुक में से कोई एक दस्तावेज लगाना अनिवार्य है। तभी लोगों का गोल्डन कार्ड बनाया जा सकता है।
क्या है योजना: वर्ष 2011 के सामाजिक-आर्थिक एवं जातिगत जनगणना में चिन्हित गरीब परिवारों को इस योजना का पात्र बनाया गया है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लाभार्थी परिवार पैनल में शामिल सरकारी या निजी अस्पतालों में प्रति वर्ष 5 लाख रूपये तक कैशलेसईलाज करा सकते हैं। योजना का लाभ उठाने के लिए उम्र की बाध्यता एवं परिवार के आकार को लेकर कोई बंदिश नहीं है। योजना को संचालित करने वाली नेशनल हेल्थ एजेंसी ने एक वेबसाइट और हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। इसके जरिये लाभार्थी यह जान सकते हैं कि उनका नाम लिस्ट में शामिल है या नहीं. लिस्ट में नाम जांचने के लिए mera.pmjay.gov.in वेबसाइट देख सकते हैं या हेल्पलाइन नंबर 14555 पर कॉल कर जानकारी ली जा सकती है.आयुष्मान भारत योजना में 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार प्रदान करती है।
आयुष्मान भारत के तहत कई रोगों मुफ्त में इलाज : आयुष्मान भारत योजना के तहत हड्डी, ऑर्थो, बर्न, नसबंदी, प्रसव, नवजात शिशु, इमरजेंसी रूम पैकेज, जानवर के काटने पर इलाज, शरीर के अंग के टूटने पर प्लास्टर, फूडप्वाइजनिंग, हाई फीवर का इस टीनएज, नवजात शिशु, जनरल सर्जरी, जनरल मेडिसिन आदि के मुफ़्त ईलाज का प्रावधान है।

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