Ballia:में धूम धाम से मनाई गई स्वामी विवेकानंद की जयंती

Ballia:में धूम धाम से मनाई गई स्वामी विवेकानंद की जयंती

स्वामी विवेकानंद एक व्यक्ति नही,बल्कि एक विचार है:राजेश मिश्रा

श्रीनारद मीडिया, प्रसेनजीत चौरसिया, रघुनाथपुर/बलिया,(उत्तरप्रदेश)

विचार मंच जनपद बलिया के तत्वाधान में स्वामी विवेकानंद की जयंती धूमधाम से मंच के जिला संयोजक एवं पूर्व उपाध्यक्ष छात्रसंघ सतीश चंद्र कॉलेज बलिया राजेश मिश्रा के आवास पर मनाई गई। इस अवसर पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया गोष्ठी को संबोधित करते हुए राजेश मिश्र ने कहा कि स्वामी विवेकानंद एक व्यक्ति नही, बल्कि एक विचार है। जिन्होंने पूरे विश्व में भारत के विचारों का प्रतिनिधित्व किया स्वामी विवेकानंद कहा करते थे जागो उठो और तब तक चलते रहो जब तक तुम अपने लक्ष्य को प्राप्त ना कर लो उनका कहना है सत्य एक है भले आप उसे हजार प्रकार से बताएं फिर भी वह एक ही सत्य है स्वामी विवेकानंद जी परमहंस रामकृष्ण के शिष्य थे मां काली के भक्त थे और वेदांत वेद के बहुत बड़े ज्ञाता थे विश्व धर्म सम्मेलन 1893 में शिकांगो में आयोजित था।

इसमें भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर स्वामी विवेकानंद को प्राप्त हुआ था। एक अमेरिकी प्रोफेसर के प्रयासों से 11 सितंबर 1893 मैं अपना उद्बोधन दिया था और उनके एकमात्र वाक्य अमेरिकी भाई एवं बहनों पर इतनी तालियां बजी जितने पूरे सम्मेलन के दौरान नहीं बजी थी उसी सम्मेलन के दौरान कई घटनाएं घटी राजेश मिश्र ने बताया कि सम्मेलन में सभी धर्मों के धर्म ग्रंथ रखे गए थे जिस में सबसे नीचे श्रीमद्भागवत गीता को रखा गया था एक विदेशी ने कहा कि स्वामी तुम्हारी गीता तो सबसे नीचे स्वामी विवेकानंद ने कहा सबसे नीचे है इसीलिए सभी धर्म टिके हुए हैं क्योंकि सभी धर्मों में सबसे श्रेष्ठ हमारा हिंदू धर्म है और वह नीव का ईट है अगर यह धर्म न हो तो किसी भी धर्म का कोई अस्तित्व नहीं है सम्मेलन के पश्चात एक अमेरिकी युवती स्वामी जी के पास आयी तथा कही कि आपसे शादी करना चाहती हू स्वामी जी ने पूछा कि ऐसी विचार आपको क्यों है उसने कहा कि मैं चाहती हूं कि आप ही जैसा मेरा भी पुत्र हो स्वामी विवेकानंद ने कहा कि आप मेरी मां समान हो और मैं आपका पुत्र ।ऐसे उच्च विचारों वाले स्वामी विवेकानंद को शत शत नमन करते हैं उन्होंने नौजवानों का आह्वान किया कि आप स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात करें एवं एक श्रेष्ठ भारत के निर्माण में अपना योगदान दें ।
गोष्ठी का संचालन छात्र नेता आशीष मिश्रा ने किया जबकि अध्यक्षता पंडित श्री बृजमोहन मिश्रा गोष्ठी में रूद्र नारायण पांडे, अमरनाथ मिश्र श्री राधा कृष्ण मिश्र पूर्व प्रधान श्री सरल मिश्र श्री भोला मिश्र ,मनोज पांडे ,अखिलेश मिश्रा ,अमित मिश्रा, अंकित मिश्रा, दीपक मिश्रा ,अनमोल मिश्रा ,अमित पांडे ,पिंटू तिवारी, शशिकांत तिवारी, राम लखन सिंह ,अनिल वर्मा आदि लोग मौजूद रहे

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