कोरोना का कहर और प्रशासन की अपील का पड़ा प्रभाव,घर से ही पुजा-प्रसाद चढ़ाने को विवश श्रद्धालु।

कोरोना का कहर और प्रशासन की अपील का पड़ा प्रभाव,घर से ही पुजा-प्रसाद चढ़ाने को विवश श्रद्धालु।

विजयीपुर । संग्राम ओझा”भावेश”

  1. विजयीपुर प्रखण्ड में आस्था का एक सशक्त केन्द्र धोबवल माता का मंदीर है जहाँ हर वर्ष चैत के महिने में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पुजा के लिए उमड़ती है।आस-पास के दस-बीस किलोमीटर से श्रद्धालु अपने मन में जो कुछ भी पाने का मन्शा लिए आते हैं माता उनकी इच्छाऐं पुरी करतीं है।हर वर्ष चैत मास में माता के प्रागंण में आकर लोग प्रसाद चढ़ाते है।जिसमे लोग खीर,पुड़ी,सब्जी,हलुआ बनाकर माता को प्रसाद रूप में अर्पण करतें हैं।किन्तु इसबार कोरोना जैसी विभिषिका तथा प्रशासनिक चेतावनी की वजह से सभी भक्तजन अपनी आस्था को अपने घर से ही प्रदर्शित कर रहें हैं।और अपने घर से ही पुजा प्रसाद चढ़ाने को मजबुर हैं।धोबवल माता मंदीर के पुजारी का कहना है की चैत नवरात्री के प्रथम दिवस यानी बुधवार को ही स्थानिय प्रशासन के आदेशानुसार मंदीर को बन्द कर दिया गया।किन्तु फिर भी पुजा के लिए इक्का-दुक्का लोगों का आना लगा रहता है जो मंदीर के बाहर से ही पुजा करके चले जाते है।धोबवल माता पुजा समिति का कहना है कि कोरोना जैसी महामारी के समाप्त होने के बाद माता रानी के प्रागंण में एक महोत्सव किया जायेगा।जिसमें सभी श्रद्धालु व भक्तगण अपनी भावना और आस्था को प्रकट कर सकेंगें।वहीं नजदीक के गाँव धोबवल ,पटखौली,सुदामाचक,रामनगर,मुसेहरी,गंगाछापर, व बलवाँ के सभी लोगों ने सरकारी आदेश का पालन करते हुए अपने-अपने घर से ही पुजा-प्रसाद चढ़ाया।

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