टीबी उन्मूलन कार्यक्रम को जनआंदोलन का रूप देने का हो रहा प्रयास

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टीबी हारेगा, देश जीतेगा’ कैंपन की सफलता के लिए पूरे महीना संचालित होगा विशेष अभियान

श्रीनारद मीडिया, अररिया,  (बिहार )

जिले में संचालित टीबी उन्मूलन कार्यक्रम को जन आंदोलन का रूप देने की कवायद जारी है। आगामी 24 मार्च को विश्व टीबी दिवस का आयोजन होना है। इसे लेकर पूरे महीने टीबी रोग के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से कई कार्यक्रम आयोजित किये जाने हैं। अभियान की सफलता को लेकर प्रखंडवार माइक्रोप्लान तैयार किया गया है। वर्ष 2025 तक देश से टीबी रोग के उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित है। इसे ध्यान में रखते हुए विभाग जरूरी प्रयासों में जुटा है। जिला संचारी रोग पदाधिकारी डॉ वाईपी सिंह के मुताबिक कोरोना संक्रमण के दौर में टीबी उन्मूलन कार्यक्रम को स्वभाविक रूप से आघात पहुंचा है। इसे लेकर ‘टीबी हारेगा, देश जीतेगा’ के स्लोगन के तहत पूरे मार्च महीना इसे लेकर खास अभियान के संचालन की तैयारी है।

प्रखंड स्तर पर होंगे पेशेंट सपोर्टि ग्रुप मीटिंग:
विश्व टीबी दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए जिला टीबी व एड्स कोर्डिनेटर दामोदर प्रसाद ने बताया विश्व टीबी दिवस के मौके पर सभी प्रखंड मुख्यालयों में पेशेंट सपोर्ट ग्रुप मीटिंग का आयोजन किया जाना है। इसमें टीबी चैंपियन, सपोर्टर, निर्वाचित जनप्रतिनिधि, धार्मिक संस्थानों के प्रमुख, एमओआईसी, बीडीओ, सीडीपीओ, बीआरपी, बीईओ, एमएम, एमओ एवं हेल्थ वैलनेस सेंटर के प्रभारी भाग लेंगे। 16 मार्च को रानीगंज व भरगामा प्रखंड मुख्यालय में बैठक आयोजित किया जाना है। वहीं सिकटी व कुर्साकांटा प्रखंड में 17 मार्च, फारबिसगंज व नरपतगंज प्रखंड में 18 मार्च, जोकीहाट व पलासी प्रखंड में 18 मार्च व 20 मार्च को पीएचसी अररिया में बैठक का आयोजन निर्धारित हैं। बैठक के माध्यम से टीबी रोग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी जायेगी। ताकि वह टीबी रोग से जुड़े लक्षणों की पहचान करते हुए बीमार व्यक्ति को तत्काल इलाज के लिये निकटतम स्वास्थ्य केंद्र भेज सके। सभी सरकारी अस्पतालों में टीबी रोगियों के मुफ्त स्क्रीनिंग का इंतजाम है। परीक्षण के उपरांत नि:शुल्क इलाज का भी प्रावधान है।

धर्म गुरू फैलायेंगे जागरूकता, केयर की टीम करेगा सहयोग:
विश्व टीबी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम की जानकारी देते हुए जिला संचारी रोग पदाधिकारी डॉ वाईपी सिंह ने बताया सहयोगी संस्था केयर इंडिया सभी प्रखंडों में अभियान की सफलता में अपेक्षित सहयोग करेगा। टीबी पेशेंट सपोर्ट ग्रुप मीटिंग के माध्यम से जनप्रतिनिधि, धार्मिक संस्थान के प्रमुख, टीबी चैंपियन, प्रखंड स्तरीय अधिकारियों को टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत रोगियों को उपलब्ध करायी जा रही सुविधाएं एवं निक्षय पोषण योजना के विषय में समुचित जानकारी उपलब्ध करायी जाएगी। कार्यक्रम के लिये केयर इंडिया की टीम संबंधित लोगों के बीच आपसी समन्वय को बेहतर बनाने व निर्धारित रोस्टर के निर्माण में मदद कर रहे हैं।

कुपोषण के शिकार लोगों को टीबी का खतरा अधिक:
सीडीओ डॉ वाईपी सिंह ने बताया कुपोषित व्यक्तियों को टीबी का खतरा अधिक होता है। उन्होंने कहा टीबी एक संक्रामक बीमारी है। इसे जड़ से खत्म करने के लिये एकजुट लड़ाई लड़ने की जरूरत है। अधिकतर गरीब तबके के लोग आसानी से टीबी रोग की चपेट में आते है। इसमें कुपोषित बच्चे व पुरूष की संख्या अधिक होती है। परिवार में अगर कोई एक व्यक्ति टीबी रोग से संक्रमित होता है तो परिवार के अन्य सदस्यों का संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिये परिवार के सभी लोगों की जांच करानी चाहिए।

टीबी रोग के लक्षण:
– लगातार दो सप्ताह या उससे अधिक समय से खांसी का आना
– खांसी के साथ खून का आना
– छाती में दर्द और सांस का फूलना
– वजन का कम होना और ज्यादा थकान महसूस होना
– शाम को बुखार का आना और ठंड लगना
– रात में पसीना आना

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