आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे वन माफिया

आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे वन माफिया
वन विभाग की मिली भगत से वन माफियाओं को पुलिस भी देती है सहयोग

श्रीनारद मीडिया, लक्ष्‍मण सिंह, बाराबंकी (यूपी):

आपको बता दे कि असद्र्र्रा थाना क्षेत्र के पश्चिम बेलाव के पास में हरी-भरी बाग लकड़ कट्टों ने काट डाला जिसमे काई पेड़ महुआ के कांटे गए जब बाग के पास
द्वारा देखा गया कि हरे भरे पेड़ पर वन माफिया द्वारा दिनदहाड़े लगभग 12:15 बजे दिन में पेड़ काटे जा रहे थे जब इस संबंध में वन माफिया कुंवर चंद से पूछा गया कि क्या परमिट वन विभाग के द्वारा बनाया गया है तब वही पर मौजूद वन माफिया कुंवर चंद
ने अपनी गरम जोशी से तेज आवाज में कहा कि मैंने काफी पेड़ों का परमिट बनवाया है इतना ही नहीं वन माफियाओं ने कहा कि चाहे आचार संहिता हो चाहे कुछ भी हो मुझे वन विभाग ने परमिशन बनाकर दे दिया है जब परमिशन रिपोर्ट देखी गई तब उसमें चार ही पेड़ों का परमिट बना था जबकि वन माफिया ने बाग के अंदर जाने से बार-बार मना करता रहा जब इस संबंध में थाना असंदरा से बात की गई तब उन्होंने बताया कि यह बात मेरी संज्ञान में नहीं है

जबकि यह बात वन माफियाओं ने बताया कि पुलिस के संज्ञान में पेड़ काटे जा रहे हैं ना की चोरी से नहीं जबकि परमिट का डेट =13=3= 2019 से लेकर 15=3=2019 तक ही था और 16=3=2019 के दिन में पेड काटे जा रहे थे अब बात यह है कि वन विभाग ने आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए वन विभाग ने परमिट बना दिया और हरे पेड़ों पर दिनदहाड़े आरा चलवा दिया इतना ही नहीं यह बात गांव से लेकर गली चक्की चौराहों पर गूंज रहीैं है जबकि महुआ के काफी पुराने पेड़ कूच आने वाला था जिससे महुआ में लगने वाले फल का भारी नुकसान पहुंचा जबकि योगी सरकार का जरा भी डर नहीं आया चुनाव आते ही वन माफियाओं ने अपनी बुलंदी सितारा जड़ने में सबसे आगे नजर आ रहे हैं अब बात यह आती है कि आखिर वन विभाग ने आचार संहिता का उल्लंघन वन माफियां द्वारा कैसे करवाया गया और किस कानून को देखते हुए परमिट बनाया गया

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