गोपालगंज की खबरें :  छेड़खानी करने का विरोध करने पर कुछ युवकों एक किशोरी को मारपीट कर घायल कर दिया

गोपालगंज की खबरें :  छेड़खानी करने का विरोध करने पर कुछ युवकों एक किशोरी को मारपीट कर घायल कर दिया

श्रीनारद मीडिया‚ राकेश सिंह‚ स्टेट डेस्क:

गोपालगंज । कटेया थाना क्षेत्र के पंचदेवरी तिवारी टोला गांव में शुक्रवार की देर शाम छेड़खानी करने का विरोध करने पर कुछ युवकों एक किशोरी को मारपीट कर घायल कर दिया। इस बीच किशोरी को बचाने पहुंचे परिवार के सदस्यों पर लाठी डंडा व रॉड से हमला कर दिया गया। इस हमले में पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद आसपास के लोगों ने सभी घायलों को इलाज के लिए रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया। जहां घायलों की हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने उन्हें सदर अस्पताल रेफर कर दिया। घायलों का बयान दर्ज कर पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है।बताया जाता है कि पंचदेवरी तिवारी टोला गांव में शुक्रवार की देर शाम एक किशोरी किसी काम से अपने घर से बाहर निकली थी। तभी रास्ते में कुछ युवक किशोरी के साथ छेड़खानी करने लगे। जिसका किशोरी विरोध करने लगी। किशोरी के विरोध करने पर युवकों ने उसे मारपीट कर घायल कर दिया। इस बीच किशोरी के चिल्लाने पर उसे बचाने पहुंचे पंकज कुमार, संजय कुमार, सोना देवी सहित पांच लोगों पर लाठी डंडा व रॉड से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। इस घटना के बाद आसपास के लोगों ने सभी घायलों को इलाज के लिए रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया। जहां घायलों की हालत गंभीर देखकर चिकित्सकों उन्हें सदर अस्पताल रेफर कर दिया। इस घटना की सूचना मिलने पर सदर अस्पताल पहुंची कटेया थाना पुलिस घायलों का फर्द बयान दर्ज कर मामले की छानबीन कर रही है।

 

 

कोरोना संकट का काल प्रारंभ होने के बाद जिले में जांच का दायरा बढ़ गया

श्रीनारद मीडिया‚ राकेश सिंह‚ स्टेट डेस्क:

गोपालगंज। कोरोना संकट का काल प्रारंभ होने के बाद जिले में जांच का दायरा बढ़ गया है। मार्च महीने में जब जिले में कोरोना का पहला मामला सामने आया तो जिले में प्रत्येक दिन मात्र एक से दो लोगों की जांच की व्यवस्था थी। 25 मार्च को जिले में मात्र 20 किट उपलब्ध कराया गया। इसके बाद अप्रैल माह के दूसरे सप्ताह में जिले को 30 और किट प्राप्त हुआ। समय के साथ जिले में जांच के लिए किट का मिलना तेज हुआ और आज जिले में एक दिन में 80 लोगों की जांच हो रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में अब जांच किट की कोई कमी नहीं है। जिस व्यक्ति में कोरोना संक्रमण की संभावना दिख रही है, उसकी तत्काल जांच कराई जा रही है। अबतक जिले में 2297 लोगों की कोविड 19 जांच हो चुकी है। इनमें से 2130 लोगों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई है।

 

कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ते देख आइसोलेशन वार्ड की संख्या बढ़ाकर चार कर दी गई

श्रीनारद मीडिया‚ राकेश सिंह‚ स्टेट डेस्क:

गोपालगंज : कोरोना के दस्तक देने के समय जिला मुख्यालय में एक आइसोलेशन वार्ड बनाया गया था। जहां आठ लोगों के रखने की व्यवस्था थी। धीरे धीरे जिले में कोरोना के मरीजों का आंकड़ा बढ़ने के साथ ही आइसोलेशन वार्ड की संख्या बढ़ाकर चार कर दी गई। वर्तमान समय में जिला मुख्यालय में बनाए गए चारों आइसोलेशन वार्ड में 188 लोगों के रखने की व्यवस्था है। इसी प्रकार चार माह में क्वारंटाइन सेंटर की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हुई है। वर्तमान समय में जिला स्तरीय आठ क्वारंटाइन सेंटर के अलावा प्रखंडों में 158 क्वारंटाइन सेंटर कार्य कर रहा है। जहां 14 हजार लोगों के रखने की व्यवस्था है। आंकड़ों के अनुसार जिले के तमाम क्वारंटाइन सेंटर में वर्तमान समय में 12,303 लोगों को रखा गया है। इनमें प्रवासियों की संख्या करीब 11 हजार है। प्रवासियों की संख्या में बढ़ोत्तरी को देखते हुए 20 नए क्वारंटाइन सेंटर को बनाने की भी प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।

 

आपसी विवाद से आक्रोशित एक ग्रामीण ने अपने पुत्र को चाकू से गोंद कर गंभीर रूप से घायल कर दिया

श्रीनारद मीडिया‚ राकेश सिंह‚ स्टेट डेस्क:

गोपालगंज। विशंभरपुर थाना क्षेत्र के रामपुर मुकुंद गांव में आपसी विवाद से आक्रोशित एक ग्रामीण ने अपने पुत्र को चाकू से गोंद कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। इस घटना के बाद आसपास के लोगों ने घायल को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुचायकोट में भर्ती कराया। जहां घायल की हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया।

मिली जानकारी के अनुसार विशंभरपुर थाना क्षेत्र के रामपुर मुकुंद गांव निवासी परमानंद साह का अपने पुत्र लखीचंद साह से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। दोनों के बीच बहस होने लगी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि परमानंद साह ने आक्रोशित होकर अपने पुत्र लखीचंद साह को चाकू से गोंद कर गंभीर रूप से घायल कर दिया । इस घटना के बाद आसपास के लोग घायल को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुचायकोट ले गए। जहां चिकित्सकों ने घायल की स्थिति गंभीर देख उन्हें मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया। इस मामले में समाचार लिखे जाने तक प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई है।

 

गांव में डीजे बजाने का विरोध करने पर कुछ लोगों ने फरसा से हमला विकास मित्र सहित पांच लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया

श्रीनारद मीडिया‚ राकेश सिंह‚ स्टेट डेस्क:

गोपालगंज। शहर के हजियापुर मुसहर टोली गांव में डीजे बजाने का विरोध करने पर कुछ लोगों ने फरसा से हमला विकास मित्र सहित पांच लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस घटना के बाद आसपास के लोगों ने सभी घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया। घायलों का बयान दर्ज कर पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है।

बताया जाता है कि हजियापुर मुसहर टोली गांव निवासी विकास मित्र रामानंद रावत के घर के पास शुक्रवार की रात कुछ लोग शराब पीकर डीजे बजाते हुए डांस कर रहे थे। जिसे देखकर विकास मित्र रामानंद रावत तथा इनके भाई रामकिशोर रावत डीजे बजाने से मना करने लगे। इनके मना करने पर डीजे की धुन पर डांस करने वालों से विवाद हो गया तथा फरसा से हमला कर दोनों भाइयों को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। इस बीच इन्हें बचाने पहुंचे चनेश्वर रावत, शिल्पी कुमार सहित तीन लोगों पर भी हमला कर उन्हें घायल कर दिया गया। इस घटना के बाद आसपास के लोगों ने सभी घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायलों का बयान दर्ज कर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

 

एनडीआरफ टीम ने पांच गांवों को सैनिटाइज करने का काम शुरू किया

श्रीनारद मीडिया‚ राकेश सिंह‚ स्टेट डेस्क:

गोपालगंज । सदर प्रखंड में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने के बाद शनिवार को एनडीआरफ टीम ने पांच गांवों को सैनिटाइज करने का काम शुरू किया। इस दौरान एनडीआरफ की दो टीमें सदर प्रखंड के मैनपुर, कोन्हवां, विशनपुरा, काकड़पुर सहित पांच गांव में सैनिटाइजर का छिड़काव किया। जिले में पिछले चार पांच दिनों में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। सदर प्रखंड में भी 19 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। जिसमें तीन पॉजिटिव मरीज नगर परिषद क्षेत्र से हैं। सदर प्रखंड में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ने को देखते हुए एसडीओ उपेंद्र कुमार पाल के निर्देश पर शनिवार को एनडीआरएफ की टीम ने कोरोना प्रभावित तथा इसके आसपास के गांवों को सैनिटाइज करने का काम शुरू किया। पहले दिन एनडीआरएफ की दो टीमों ने मैनपुर, एकड़ेरवा, कोन्हवां, विशनपुरा व काकड़पुर गांव में सैनिटाइजर का छिड़काव किया। सीओ विजय कुमार सिंह ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने के बाद सैनिटाइजर का छिड़काव कार्य तेज कर दिया गया है। साथ ही जिन इलाके में कोरोना पॉजिटिव ज्यादा मामले सामने आए हैं, उन गांवों में शारीरिक दूर के निर्देश का सख्ती से पालन कराया जा रहा है।

 

दुकानें खुलीं तो हर ओर कोरोना संक्रमण से बचाव को निर्धारित किए गए नियम टूटता दिखा

श्रीनारद मीडिया‚ राकेश सिंह‚ स्टेट डेस्क:

गोपालगंज । लॉकडाउन के चौथे चरण में दुकानों को खोलने की छूट मिलने के बाद शनिवार को जब दुकानें खुलीं तो हर ओर कोरोना संक्रमण से बचाव को निर्धारित किए गए नियम टूटता दिखा। इस बीच न शारीरिक दूरी दिखी। न लॉकडाउन की चिता। न हाथ में ग्लब्स और न ही मास्क। शर्तों के साथ दुकान खोलने की छूट देने की व्यवस्था आम लोगों की सहूलियत के लिए लागू की गई है। लेकिन बाजार खुलते ही लोगों में न तो लॉकडाउन के पालन की चिता दिखाई दी और न ही शारीरिक दूरी बनाए रखने की परवाह।

शनिवार को छूट के साथ बाजार खुलने की बात पर अधिक संख्या में लोग घरों से बाहर निकले। ऐसे में हर ओर शारीरिक दूरी के अनुपालन की व्यवस्था फेल दिखी। चाहे वह सब्जी की मंडी हो या अन्य प्रतिष्ठान। यहां तक की गैराज आदि में काम करने वाले कर्मी भी बगैर मास्क के दिखे। अलावा इसके कपड़े व रेडीमेड के अलावा श्रृंगार प्रसाधन की दुकानों पर भी महिलाओं की भीड़ दिखी। भीड़ में पुरुषों की संख्या भी कम नहीं रही। कुछ लोग तो मास्क लगाए शहर में निकले। लेकिन शारीरिक दूरी के अनुपालन में मास्क लगाने वाले लोग भी बेपरवाह दिखे। कई महिलाएं बाजार में दो-चार अन्य महिलाओं के साथ घूमती नजर आईं। इनके चेहरे पर मास्क नहीं दिखा। कुछ लोग चेहरे पर गमछा लगाए निकले, लेकिन यह गमछा हर दो-चार मिनट पर हटता दिखा। कुल मिलाकर लॉकडाउन को लेकर प्रशासन की ओर से की जा रही सख्ती का यहां धड़ल्ले से मखौल उड़ाता रहा। अभी भी पूरा देश लॉकडाउन के स्थिति में है। लॉकडाउन को सफल बनाने के लिए पूरा सरकारी महकमा एड़ी चोटी एक किए हुए है। लोगों को घरों में रहने की नसीहत दे रही है, लेकिन बाजार में रोस्टर के अनुसार खुलने वाली दुकानों में लोग इन सब बातों से अनभिज्ञ नजर आ रहे है। जानकारों की माने तो यहां ना कोई सुरक्षा का इंतजाम है और ना ही कोई शारीरिक दूरी बनाने की व्यवस्था। इस परिस्थिति में लोग अपनी जान जोखिम में डालकर यहां बाजार में पहुंच रहे हैं। लेकिन शारीरिक दूरी का अनुपालन नहीं होने के पीछे काफी हद तक दुकानदार ही जिम्मेदार हैं।लॉकडाउन में छूट मिलने के बाद शनिवार को बाजार खुलते ही कई दुकानों पर नियम का उल्लंघन हुआ। जबकि जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया हैं कि शारीरिक दूरी के पालन के लिए दुकानों के आगे निश्चित दूरी पर सफेद पेंट से गोलाकार घेरा बनाना है। ताकि ग्राहकों की एक दूसरे से शारीरिक दूरी बरकरार रहे। लेकिन कई दुकानों पर इस नियम का पालन नहीं हो रहा है। ज्यादातर दुकानदारों ने अपनी दुकानों के आगे इस तरह का कोई घेरा नहीं बनाया है। जिससे ग्राहक शारीरिक दूरी का पालन नहीं कर पा रहे हैं। दुकानों पर सैनिटाइजर रखने की भी प्रशासन के आदेश जारी किया है। लेकिन इसकी भी अनदेखी भी हो रही है।

 

प्रशासन दूसरे प्रांतों से घर लौटने वाले प्रवासी किस जोन से आए हैं, उस पर भी नजर रख रहा

श्रीनारद मीडिया‚ राकेश सिंह‚ स्टेट डेस्क:

गोपालगंज । प्रशासन दूसरे प्रांतों से घर लौटने वाले प्रवासी किस जोन से आए हैं, उस पर भी नजर रख रहा है। अलग-अलग जोन से जाने वाले प्रवासियों को अलग-अलग क्वारंटाइन सेंटर में रखा जा रहा है। इस व्यवस्था के तहत देश के देश के तीन रेड जोन स्टेट से से लौटे प्रवासियों को प्रखंड स्तरीय क्वारंटाइन सेंटरों में रखा जा रहा है। रेफरल अस्पताल भोरे के स्वास्थ्य प्रबंधक कामरान हसन ने बताया कि दिल्ली, महाराष्ट्र और गुजरात को रेड जोन स्टेट स्टेट माना जा रहा है। इन राज्यों से आने वाले प्रवासियों कामगारों में संक्रमण की आशंका अधिक है। इसलिए इन राज्यों से आने वाले प्रवासी कामगारों को प्रखंड स्तरीय क्वारंटाइन सेंटरों में ही रखा जा रहा है। इन सेंटरों के रखरखाव और व्यवस्था की जिम्मेदारी बीडीओ के जिम्मे है। जबकि हरियाणा, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु से से आने वाले प्रवासी कामगारों को पंचायत स्तरीय क्वारंटाइन सेंटरों में रखने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावे दूसरे राज्यों से आने वाले प्रवासी कामगारों को ग्राम स्तर पर बनाए गए क्वारंटाइन सेंटरों में रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि पंचायत स्तरीय और ग्रामीण क्वारंटाइन सेंटरों की देखरेख और व्यवस्था की जिम्मेदारी स्थानीय मुखिया को दी गई है।

 

गर्भवती महिला कोरोना पॉजिटिव मिली तो उसके प्रसव के लिए अलग वार्ड बनाया जाएगा

श्रीनारद मीडिया‚ राकेश सिंह‚ स्टेट डेस्क:

गोपालगंज । कोरोना संकटकाल के बीच अगर कोई गर्भवती महिला कोरोना पॉजिटिव मिली तो उसके प्रसव के लिए अलग वार्ड बनाया जाएगा। इसी वार्ड में महिला के प्रसव की व्यवस्था कोविड 19 के मानकों के अनुसार की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में सिविल सर्जन को दिशानिर्देश जारी किया है ताकि कोरोना पॉजिटिव गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव कराया जा सके।

राज्य स्वास्थ्य समिति ने इस संबंध में सिविल सर्जन को लिखे पत्र में कहा है कि अगर किसी गर्भवती महिला को कोविड 19 संक्रमण के लक्षण हो, ट्रेवल हिस्ट्री के आधार पर लक्षण दिखते हों या कोविड पॉजिटिव के साथ कॉनटैक्ट हिस्ट्री हो एवं स्क्रीनिग के दौरान इनकी जांच नहीं हो पाई है तो प्रसव के दौरान सभी संलग्न स्वास्थ्य कर्मी भारत सरकार द्वार बताए गए इंफेक्शन प्रीवेंशन एंड कंट्रोल गाइडलाइन में निहित प्रावधान का अनुसरण किया जाएगा। उस गर्भवती महिला के प्रसव के लिए अस्पताल के अलग कमरे को चिह्नित कर एक लेबर टेबल और एक बेड तैयार रखा जाए। इन गर्भवती महिलाओं के प्रसव कार्य में कम से कम चिकित्सा कर्मियों का उपयोग किया जाए। साथ ही जब तक उक्त मरीज का कोविड जांच निगेटिव नहीं आ जाए तब तक संक्रमण से सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रसव कक्ष का उपयोग अन्य चिकित्सीय कार्य में नहीं किया जाय। स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्साकर्मियों को भी मरीज के निगेटिव रिजल्ट आने तक क्वारंटाइन में रखने की व्यवस्था करने को कहा है। प्रसव के बाद संस्थान में कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से प्रसव गृह, ऑपरेशन थियेटर एवं वार्ड को अच्छी तरह सैनिटाइज करने को भी कहा है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने प्रसव संबंधी कार्य को संजीवनी व ई-जननी पोर्टल पर प्रविष्टि करने को कहा है। ताकि किये गये कार्रवाई एवं प्रगति से मुख्यालय भी अवगत हो सके।

 

 

 

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