रेप करने के आरोपी यू ट्यूबर को जेल.

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हत्या में चार लोगों को हो गई सजा, वह 13 साल बाद जिंदा मिला.

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

किशोरी का शारीरिक शोषण करने वाले फर्जी यू ट्यूबर को फूलपुर पुलिस ने अपहरण और रेप केस के आरोप में गिरफ्तार कर बुधवार को जेल भेज दिया। दो महीने से पुलिस आरोपी युवक की तलाश कर रही थी। जेल भेजा गया युवक पीड़िता का सगा जीजा है। इससे पूर्व उसने उसकी बड़ी बहन को झांसा देकर प्रेम विवाह किया था।

फूलपुर पुलिस ने बताया कि क्षेत्र के एक गांव से सात जनवरी 2021 की रात कक्षा आठवीं में पढ़ने वाली एक छात्रा गायब हो गई। उसके परिजनों ने आठ जनवरी को फूलपुर थाने में मनीष यादव के खिलाफ बहला फुसलाकर भगा ले जाने का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस को पूछताछ में पता चला कि आरोपी मनीष यादव गायब छात्रा का जीजा है। यह भी खुलासा हुआ कि आठ वर्ष पहले मनीष गायब छात्रा की बड़ी बहन को बहला फुसलाकर भगा ले गया था। उस वक्त वह भी 18 साल से कम उम्र की थी। लेकिन पीड़ित परिवार ने मुकदमा दर्ज नहीं कराया।

पीड़िता के लौटने पर गांव वालों ने समझौता करा दिया। दोनों की शादी करा दी गई। एक बच्ची भी है। इस बीच वह अपनी साली को प्रेम का झांसा देकर भगा ले गया। सर्विलांस की मदद से पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी थी। 27 फरवरी 2021 को पुलिस ने फूलपुर स्टेशन के पास से किशोरी को बरामद कर लिया। उसका कोर्ट में बयान कराया तो उसने रेप का आरोप लगाया। इसके बाद पुलिस ने अपहरण के साथ रेप और पॉक्सो एक्ट की धारांए बढ़ा दी। बुधवार को आरोपी मनीष यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

भदोही में एक अचंभित कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति की हत्या के आरोप में चार लोगों को कोर्ट ने पांच साल की सजा सुनाकर जेल भेज दिया था। जिसकी हत्या के आरोप में चार लोग पांच साल तक जेल में रहे वह व्यक्ति 13 साल बाद जिंदा मिला है।

गोपीगंज थाना क्षेत्र के चकनिरंजन गांव निवासी सगे भाईयों समेत चार लोगों को अपहरण के मामले में वर्ष 2009 में पांच साल की सजा हुई थी। चार वर्षों तक जेल में रहने के बाद हाईकोर्ट से सभी को जमानत मिली। इस बीच, बुधवार की भोर में 13 साल से गायब अधेड़ घर पर पाया गया। पुलिस ने उसे हिरासत में लिया है। गुरुवार को जिला न्यायालय में उसे पेश किया जाएगा। उधर, अपहरण व हत्या के झूठे मामले का पर्दाफाश होने पर सजा काट रहे परिजनों ने राहत की सांस ली है।

गोपीगंज थाना क्षेत्र के चकनिरंजन गांव निवासी बेचन तिवारी ने 31 अक्तूबर 2008 को तहरीर देकर छोटे भाई जोखन तिवारी का अपहरण कर हत्या के बाद शव गायब करने का आरोप पड़ोसी काशीनाथ, दयाशंकर तिवारी और उनके साले बंशनाथ व छोटन पर लगाया था। पुलिस ने चारों के खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेज दिया था।

चारों के खिलाफ चार्जशीट भी दायर कर दी गई। वर्ष 2009 में जिला न्यायालय ने चारों आरोपितों को पांच वर्ष की सजा सुनाई। करीब तीन साल जेल में रहने के बाद चारों को प्रयागराज हाईकोर्ट से जमानत मिली। इसी बीच, बुधवार की भोर में अचानक पड़ोसी घर की महिलाओं ने जोखन को घर में देखा तो चौंक गईं। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस उसे गोपीगंज थाने ले आई।

न पुलिस और न ही कोर्ट की गलती: एसपी
इस बारे में एसपी राम बदन सिंह ने कहा कि अपहरण के मामले में चार लोगों को पांच वर्ष की सजा के मामले में न तो पुलिस की गलती है और न ही न्यायालय की। शिकायत के बाद केस दर्ज कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई थी और उसके बाद न्यायालय ने फैसला सुनाया। जिंदा मिले बेचन को हिरासत लिया गया है। गुरुवार को उसे जिला न्यायालय में पेश किया जाएगा। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस अगला कदम उठाएगी।

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