दुर्गा नवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा आज

दुर्गा नवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा आज

श्रीनारद मीडिया‚ सेंट्रल डेस्कः


नवरात्रि के नौ दिन महानवमी तिथि पर समाप्त हो जाते हैं नवमी तिथि बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, इस दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा करने का विधान है। मां सिद्धिदात्री की पूजा करने से भक्त रोग मुक्त हो जाते हैं।

नवरात्र के नौवें दिन यानी महानवमी या दुर्गा नवमी पर होती है मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा।मां सिद्धिदात्री की पूजा करने से सभी दुख, रोग और भय दूर हो जाते हैं तथा सिद्धियां प्राप्त होती हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव भी मां सिद्धिदात्री की पूजा-आराधना करते हैं।
मां दुर्गा का अंतिम और नौवां स्वरूप सिद्धीदात्री है। महानवमी या दुर्गा नवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा होती है। मान्यताओं के अनुसार, मां सिद्धिदात्री की पूजा करने से भक्तों की सभी तकलीफें दूर हो जाती हैं तथा वह रोग मुक्त हो जाते हैं। इतना ही नहीं मां सिद्धिदात्री की पूजा करने से यश, बल और धन की प्राप्ति होती है। जो भी भक्त मां सिद्धिदात्री की पूजा करता है वह सभी सिद्धियों में निपुण हो जाता है। मां सिद्धिदात्री को सिद्धि और मोक्ष की देवी कहा जाता है। मां सिद्धिदात्री को कई नाम से पुकारा जाता है जैसे अणिमा, लघिमां, प्राप्ति, प्राकाम्य, महिमा, वाशित्व, सर्वज्ञत्व आदि। मां अपने भक्तों की सभी इच्छाओं को पूर्ण करती हैं तथा हर क्षेत्र में सफलता प्रदान करने की शक्ति प्रदान करती हैं।

WhatsApp Image 2020-07-09 at 15.09.10
website ads
WhatsApp Image 2021-10-09 at 07.44.49
1
mira devi
rameshwar singh
meghnath prasad
arbind singh
kiran devi
WhatsApp Image 2021-10-25 at 06.46.32
previous arrow
next arrow
WhatsApp Image 2020-07-09 at 15.09.10
website ads
WhatsApp Image 2021-10-09 at 07.44.49
1
mira devi
rameshwar singh
meghnath prasad
arbind singh
kiran devi
WhatsApp Image 2021-10-25 at 06.46.32
previous arrow
next arrow

मां सिद्धिदात्री की आरती
================
जय सिद्धिदात्री मां, तू सिद्धि की दाता।

तू भक्तों की रक्षक, तू दासों की माता।

तेरा नाम लेते ही मिलती है सिद्धि।

तेरे नाम से मन की होती है शुद्धि।

कठिन काम सिद्ध करती हो तुम।

जभी हाथ सेवक के सिर धरती हो तुम।

तेरी पूजा में तो ना कोई विधि है।

तू जगदंबे दाती तू सर्व सिद्धि है।

रविवार को तेरा सुमिरन करे जो।

तेरी मूर्ति को ही मन में धरे जो।

तू सब काज उसके करती है पूरे।

कभी काम उसके रहे ना अधूरे।

तुम्हारी दया और तुम्हारी यह माया।

रखे जिसके सिर पर मैया अपनी छाया।

सर्व सिद्धि दाती वह है भाग्यशाली।

जो है तेरे दर का ही अंबे सवाली।

हिमाचल है पर्वत जहां वास तेरा।

महा नंदा मंदिर में है वास तेरा।

मुझे आसरा है तुम्हारा ही माता।

भक्ति है सवाली तू जिसकी दाता।

मां सिद्धिदात्री बीज मंत्र
===============
हीं क्लीं ऐं सिद्धये नमः।

मां सिद्धिदात्री की कथा
===============
मां सिद्धिदात्री की प्रसिद्ध कथाओं के अनुसार, भगवान शिव मां सिद्धिदात्री की कठोर तपस्या कर रहे थे तब प्रसन्न होकर मां सिद्धिदात्री ने भगवान शिव को आठों सिद्धियों का वरदान दिया था। मां सिद्धिदात्री की कृपा प्राप्त करने के बाद भगवान शिव का आधा शरीर देवी के शरीर का रूप ले लिया था। इस रूप को अर्धनारीश्वर कहा गया। जब महिषासुर ने अत्याचारों की अति कर दी थी तब सभी देवतागण भगवान शिव और प्रभु विष्णु के पास मदद मांगने गए थे। महिषासुर का अंत करने के लिए सभी देवताओं ने तेज उत्पन्न किया जिससे मां सिद्धिदात्री का निर्माण हुआ।

मां सिद्धिदात्री का भोग
==============
महानवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा करके उन्हें तिल का भोग लगाना चाहिए। ऐसा करने से मां सिद्धिदात्री अनहोनी से अपने भक्तों की रक्षा करती हैं।

यह भी पढ़े

भारतीय मानक ब्यूरो राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप मानक तैयार कर रहा है: अश्विनी चौबे

अगर देखनी है सुंदर दुनिया तो मानें डाक्टर का कहना.

बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र में विस्तार से बंगाल और पंजाब में सियासी बवाल,क्‍यों?

पूजा पंडालों में लोग लगवा रहे हैं कोविड टीका: जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी

 

shrinarad media

Leave a Reply

Next Post

3 साल पुराने मामले को लेकर एक बार फिर मगध विश्वविद्यालय चर्चा में आ गया

Thu Oct 14 , 2021
3 साल पुराने मामले को लेकर एक बार फिर मगध विश्वविद्यालय चर्चा में आ गया श्रीनारद मीडिया‚ सेंट्रल डेस्कः 3 साल पुराने मामले को लेकर एक बार फिर मगध विश्वविद्यालय चर्चा में आ गया है । मगध यूनिवर्सिटी के नाम पर 17 लोगों ने पहले फर्जी डिग्रियां हासिल की और […]
error: Content is protected !!