हिंदू-हिंदू कर रही हैं ममता बनर्जी, यह मोदी की कामयाबी-अधीर रंजन चौधरी

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क्या कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल होंगे पीसी चाको?

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने बुधवार को कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अब हिंदू-हिंदू कर रही हैं और चंडीपाठ कर रही हैं, यह पीएम नरेंद्र मोदी की कामयाबी है। नंदीग्राम में मंगलवार को मंच से चंडीपाठ करते हुए ममता बनर्जी ने कहा था कि कोई उन्हें हिंदुत्व सिखाने की कोशिश ना करें, वह खुद हिंदू की बेटी हैं।

संसद के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, ”पीएम मोदी के बंगाल दौरे के बाद ममता बनर्जी को हिंदू-हिंदू कहना पड़ रहा है। यह उनकी कामयाबी है। ममता बनर्जी अब चंडीपाठ कर रही हैं, वह मोदी जी से अधिक पूजा-पाठ कर रही हैं। मोदी जी को याद रखना चाहिए, वह अकेले नहीं है। ममता दीदी कह रही हैं कि हम किसी से कम नहीं।”

नंदीग्राम से चुनाव लड़ रहीं ममता बनर्जी मंगलवार को यहां पहुंचीं तो पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने मंच से चंडीपाठ किया और बीजेपी के हिंदुत्व कार्ड के असर को काटने की कोशिश की। उन्होंने यह भी कहा कि वह खुद ब्राह्मण हिंदू परिवार से हैं और उन्हें हिंदू होना न सिखाया जाए। ममता ने कहा, ‘जो लोग हिंदू-मुस्लिम कार्ड खेल रहे हैं, मैं उन्हें साफ बताना चाहती हूं कि मैं भी एक हिंदू परिवार से आई लड़की हूं। मेरे साथ हिंदू कार्ड मत खेलो।’

बता दें कि नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद ममता बनर्जी का यह पहला औपचारिक दौरा था। उन्होंने कहा, ‘हर दिन जब मैं घर से बाहर निकलती हूं तो चंडीपाठ पढ़ती हूं। उनसे कहो कि हिंदू धर्म को पर मुझसे प्रतिस्पर्धा करें।’ मुख्यमंत्री ने हिंदू विरोधी होने के भाजपा के आरोप खारिज किए। उन्होंने कहा कि वह एक ब्राह्मण हैं और हिंदू रस्मों के बारे में भगवा पार्टी के नेताओं से कहीं ज्यादा जानती हैं। साथ ही चुनौती दी कि अगर किसी को मेरे धर्म के बारे में शक है तो मैं उससे बहस करने और हिंदू श्लोकों के पाठ में प्रतिस्पर्धा करने को तैयार हूं। ममता गुरुवार को नंदीग्राम में शिवरात्रि की पूजा करेंगी।

केरल में चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी से नाता तोड़ने वाले वरिष्ठ नेता पीसी चाको ने कहा कहा है कि उन्होंने किसी और पार्टी में शामिल होने के लिए यह फैसला नहीं किया है। कांग्रेस पार्टी को बिना कप्तान का जहाज बताने वाले पीसी चाको ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा है कि वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल नहीं होने जा रहे हैं। उन्होंने बीजेपी को एक कम्युनल पार्टी बताया और कहा कि यह पार्टी उनके लिए पूरी तरह अस्वीकार्य है।

कांग्रेस से इस्तीफे के बाद टीवी चैनल एनडीटीवी से बातचीत करते हुए पीसी चाको ने बीजेपी में जाने के सवाल पर कहा, ”नहीं, बिल्कुल नहीं। मैं किसी और विकल्प की तलाश नहीं कर रहा हूं। मैंने किसी और पार्टी में जाने के लिए यह फैसला नहीं लिया है। केरल में वे (बीजेपी) किसी की भर्ती कर रहे हों, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। यहां मुकाबला एलडीएफ और यूडीएफ के बीच है, बीजेपी की यहां कोई भूमिका नहीं होगी।”

चाको ने आगे कहा, ”मैं साफ तौर पर कह सकता हूं कि मैं किसी पार्टी में शामिल नहीं होने जा रहा हूं। बीजेपी मेरे लिए पूरी तरह अस्वीकार्य है। मैं कांग्रेस में रहा क्योंकि यह एक सेक्युलर पार्टी है। मैं बीजेपी की तरह किसी कम्युनल पार्टी में कभी शामिल नहीं हो सकता हूं।”

केरल में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बुधवार को कांग्रेस को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब उसके वरिष्ठ नेता पी सी चाको ने पार्टी छोड़ने की घोषणा की और आरोप लगाया कि चुनाव के लिए पार्टी के उम्मीदवार तय करने में गुटबाजी हावी रही। पिछले एक साल के भीतर ज्योतिरादित्य सिंधिया के बाद चाको ऐसे दूसरे वरिष्ठ नेता हैं जिन्होंने पार्टी छोड़ी है। चाको कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य रहे हैं।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह से टकराव के बीच सिंधिया पिछले साल मार्च में भाजपा में शामिल हो गए थे। सिंधिया खेमे के 20 से अधिक विधायकों ने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया था, जिसके बाद कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिर गई थी। कांग्रेस में ‘ग्रुप 23’ से जुड़े विवाद की पृष्ठभूमि में चाको ने यह आरोप भी लगाया कि पिछले दो वर्षों से पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व सक्रिय नहीं है। उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफे की घोषणा की, लेकिन भविष्य के अपने कदम के बारे में कुछ नहीं बताया।

चाको ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को अपना इस्तीफा भेज दिया है। चाको ने यह भी बताया कि वह पार्टी छोड़ने के बारे में कई दिनों से विचार कर रहे थे। उन्होंने दावा किया, ”कांग्रेस में कोई लोकतंत्र नहीं बचा है। उम्मीदवारों की सूची के बारे में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के साथ कोई चर्चा नहीं की गई।”

 

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