राष्ट्रीय लोक अदालत में एक 11515 चिन्हित मामलों का हुआ निस्तारण

राष्ट्रीय लोक अदालत में एक 11515 चिन्हित मामलों का हुआ निस्तारण

6 लाख 91 हजार वसूला गया जुर्माना

@ 1 करोड़ 33 लाख का चेक प्रतिकार के रूप में बीमा कंपनियों को दिलाया गया

श्रीनारद मीडिया ब्यूरो प्रमुख / सुनील मिश्रा वाराणसी (यूपी)

वाराणसी /मीरजापुर सर्वोच्च न्यायालय एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दीवानी न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत तथा प्री लिटिगेशन लोक अदालत भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक, इलाहाबाद बैंक पंजाब नेशनल बैंक पंजाब एंड, सिंध बैंक सेंट्रल बैंक के पंडाल लगाकर कुल 38 अदालतों का गठन कर किया गया। जिसका शुभारंभ जनपद न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार सिंह एवं सभी न्यायिक अधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर किया गया। जनपद न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार सिंह ने 12 दुर्घटना प्रतिकर मामलों का निस्तारण किए और मृतक व घायलों के परिजनों को 59 लाख 40 हजार का चेक दिला कर राहत प्रदान किए। वहीं जो मुकदमे और आर्बिटेशन की निस्तारण किए और 34 लाख 58 हजार अवमुक्त किए। इसी तरह शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 11515 चिन्हित मामलों को निस्तारित किया गया। वहीं 6 लाख, 91 हजार का जुर्माना वसूला गया। साथ ही 33 मोटर दुर्घटनाग्रस्त मुकदमें निस्तारित किए गए। वहीं मृतकों और घायलों के परिवार को एक करोड़ 33 लाख का चेक बीमा कंपनियों से प्रति कर के रूप में दिलाया गया। जहां जनपद न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार सिंह सहित प्रथम अपर जनपद न्यायाधीश भगवती प्रसाद सक्सेना, द्वितीय अपर जनपद न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट संजय हरि शुक्ला, तृतीय अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश प्रीति श्रीवास्तव, चतुर्थ अपर जनपद न्यायाधीश समर पाल सिंह, पंचम अपर जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार यादव, अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी जितेंद्र मिश्रा, अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी ज्ञानेंद्र राव, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट यज्ञेश चंद्र पांडेय, सिविल जज इंद्रजीत सिंह, प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लवली जायसवाल, सिविल जज एफटीसी प्रतिभा, द्वितीय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित कुमार यादव, पूर्णकालिक सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नेहा गंगवार, सिविल जज मोना सिंह, सिविल जज चुनार अभिनव जैन, न्यायिक मजिस्ट्रेट आकृति गौतम, अपर सिविल जज भावना भारती, विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट बलराम पांडेय आदि उपस्थित होकर आपराधिक वादों का निस्तारण किए और जुर्माना वसूल कर राजकोष में जमा कराएं। राजस्व वाद के नगर मजिस्ट्रेट एवं उप जिलाधिकारियों व तहसीलदार, नायब तहसीलदारों के न्यायालयों द्वारा 6863 वादों का निस्तारण किया गया। नगर पालिका परिषद द्वारा 1873 मामलों का निस्तारण किया गया। चकबंदी विभाग द्वारा 34 मामलों का निस्तारण किया गया। बीएसएनएल द्वारा टेलीफोन कंपनी के बिल संबंधित 6 मामलों का निस्तारण किया गया। 29 हजार रुपए टेलीफोन बिल का बकाया वसूल किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में दीपक श्रीवास्तव, बद्री विशाल एवं समस्त न्यायिक कर्मचारी उपस्थित होकर सहयोग प्रदान किए।

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