श्रवण मास के पहले सोमवार को मंदिर के बंद रहे कपाट, बाहर से श्रद्धालुओं ने किया पूजा पाठ

श्रवण मास के पहले सोमवार को मंदिर के बंद रहे कपाट, बाहर से श्रद्धालुओं ने किया पूजा पाठ

श्रीनारद मीडिया‚ लक्ष्मण सिंह‚ बाराबंकी (यूपी)

बाराबंकी। कोरोना वायरस के बीच आज सावन का पहला सोमवार देश भर के मंदिरों में भगवान शिव के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ रही है कोरोना संकट के मद्देनजर मंदिर प्रशासन द्वारा नियमों का पालन किया जा रहा है हालांकि कोविड19 के चलते माहौल वैसा नहीं है जैसा पहले आमतौर पर देखा जाता था। इसके बाद भी भगवान शिव की आराधना करने के लिए भक्तों की भीड़ कम संख्या में ही सही लेकिन लगातार मंदिरों में पहुंच रही है। मंदिरों के बाहर सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करवाने के लिए गोले बनाए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं एक दूसरे से उचित दूरी बनाकर खड़े हो सके।
सावन के प्रथम सोमवार को लोधेश्वर महादेव में श्रद्धालुओं ने मंदिर की बाहर से ही पूजा अर्चना की और भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया लोधेश्वर महादेव में श्रद्धालुओं बाहर ही खड़े होकर पूजा-पाठ करते नजर आए पुलिस प्रशासन भी चुस्त-दुरुस्त दिखा एक दूसरे से सामाजिक दूरी बनाकर ही श्रद्धालुओं ने पूजा-पाठ अर्चना किया और भगवान शिव को जलाभिषेक भी किया। तहसील रामनगर अन्तर्गत महादेवा में लोधेश्वर महादेव का प्राचीन पौराणिक स्थल आज श्रावण मास के प्रथम सोमवार को शिवलिंग के दर्शन व जलाभिषेक करने के लिए मंदिर प्रशासन द्वारा कोविड 19 महामारी के दृष्टिगत लोगों से अपने घरों में रहकर पूजन अर्चन के लिए अनुरोध कर सूचना पूर्व में ही मठ रिसीवर द्वारा प्रशासन को भारी भीड़ के कारण सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने में असमर्थता जाहिर किया और मंदिर को बंद रखने का फैसला किया इसी क्रम में बताते चलें कि स्थानीय लोग काफी संख्या में मंदिर परिसर पहुंचकर भोलेबाबा की चौखट पर माथा टेक कर आशिर्वाद प्राप्त किया प्राचीन पौराणिक स्थल से कई जनपदों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर जलाभिषेक कर मनवांछित फल की कामना करते थे लेकिन इस बार कोविड़ 19 वैश्विक महामारी के चलते लोगों को समाचार के माध्यम से पहले ही इसकी सूचना प्रशासन को अवगत कराकर दे दी गई थी यहां पर जानकारों का मानना है की बहुत बड़ा पवित्र पौराणिक तीर्थ स्थल लोधेश्वर महादेवा के नाम से प्रसिद्ध है आज के दिन यहां पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच कर जलाभिषेक करके मनवांछित फल प्राप्त करते थे और महादेवा नगरी बोल बम भोले के जयकारों से गूंज उठता था।

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