Raghunathpur:प्रसव से लेकर मृत्यु तक साथ निभाने वाले डॉक्टर सच में होते है भगवान का दूसरा रूप

Raghunathpur:प्रसव से लेकर मृत्यु तक साथ निभाने वाले डॉक्टर सच में होते है भगवान का दूसरा रूप

रात-दिन,दंगा-फसाद व मारपीट का इलाज करने वाले सभी डॉक्टर्स को “डॉक्टर्स डे”की शुभकामना

श्रीनारद मीडिया,प्रसेनजीत चौरसिया,रघुनाथपुर,सीवान (बिहार)

डाक्टर्स दिवस पर विशेष हरनाथपुर निवासी डॉ० प्रवीन किशोर, सामुदायिक स्वास्थ्य समन्वय समिति, प्रखंड अध्यक्ष, रघुनाथपुर सिवान, बिहार की तरफ से
डॉक्टर एक ऐसे मनुष्य होते है जो की हमे और हमारे जीवन को सभी बुरी बीमारियों से दूर रखते हुए बचाते है| डॉक्टर दिवस हर साल 1 जुलाई को भारत में मनाया जाता है| यह पर्व वैसे तो पूरे विश्व में मनाया जाता है, पर यह हर अलग-अलग देशो में अलग-अलग तिथियों में मनाया जाता है| यह पर्व हमारे देश के चिकित्सको के लिए बड़ा महत्व रखता है| डॉक्टर हमारे लिए भगवान् का दूसरा रूप होते है| यह हमारे जीवन की रक्षा करते है|
ईश्वर के बाद किसी से आशा रखी जाती है! वह है डॉक्टर…कुछ भी हुआ तो बडी उम्मीद के साथ उसके पास लोग जाते हैं! डॉक्टर का केवल यह कहना भर मात्र की चिन्ता की कोई बात नहीं मन को सुकून मिल जाता हैl आधी बीमारी यू ही भाग जाती है, प्रसव से लेकर मृत्यु तक साथ निभाने वाले, नन्हें दूध मुँहे बच्चे को भी उसके इलाज पर छोडकर निश्चिंत यहॉ सब कोई बराबर होता हैl न कोई अमीर न कोई गरीब न जात न पात,न धर्म का बंधन अपनी जीवन की डोर उस पर सौंपते हैंl रात हो या दिन हर वक्त इलाज को तत्पर दंगा फसाद हो या दुर्घटना लाइलाज बीमारी हो या सर्दी जुखाम, और वह भी अपने पुरी ताकत और ज्ञान के साथ अगर अच्छा हो जाय तो तमाम दुआएं मिलती है, हर शख्स धन्यवाद देता हैl चेहरे खिल उठते हैंl पर अगर वह सफल न हुआ तो तोड- फोड शुरु हो जाती हैl वह ईश्वर तो नहीं है वह भी जब ऑपरेशन करता होगा तो कामना करता होगा कि उसके हाथ कांपे नहीं तभी तो कहता है ऑपरेशन सफल है, आगे ईश्वर के हाथ में हैl जीवन बचाने वाले का धन्यवाद तो करना ही चाहिए, चाहे वह शहरी डॉक्टर बड़े-बड़े MBBS, MS, MD, FRCS हो या ग्रामीण चिकित्सक होl डॉक्टर का सम्मान हम सभी को करना चाहिए।

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