Raghunathpur:रेफरल अस्पताल में महिला डॉक्टर की प्रतिनियुक्ति करा पाएगी,सीवान की पहली महिला सांसद

Raghunathpur:रेफरल अस्पताल में महिला डॉक्टर की प्रतिनियुक्ति करा पाएगी,सीवान की पहली महिला सांसद

जिलाधिकारी सीवान महिला व प्रदेश स्वास्थ्य मंत्री का गृह जिला सीवान फिर भी बीमार रघुनाथपुर का रेफरल अस्पताल

10 बजे लेट नही,12 बजे भेंट नही की तर्ज पर मरीजो का इलाज करते हैं डॉक्टर,निजी प्रैक्टिस को तवज्जो

श्रीनारद मीडिया, प्रसेनजीत चौरसिया, रघुनाथपुर, सीवान (बिहार)

12 मई को सीवान का अगला सांसद कौन होगा उसके भाग्य का फैसला जनता जनार्दन ने ईवीएम में बंद कर दिया है, जो 23 मई को दोपहर तक खुलासा हो जाएगा ।लेकिन एक बात तो तय है कि एनडीए व महागठबंधन के बीच सीधा मुकाबला है और दोनों प्रत्यासी अपने अपने जीत का दावा करते हुए सन्तुष्ट नजर आ रहे हैं।दोनों प्रत्यासी सहयोग से महिला ही हैं।उक्त चुनाव में एक बात खुलकर सामने आई कि स्थानीय मुद्दों से किसी को कोई सरोकार नही है।नेता हो या जनता।

कहते हैं कि एक महिला की तकलीफों को सबसे ज्यादे कोई समझ सकता है तो वो है एक महिला।और संयोग से देश की आजादी के बाद पहली बार सीवान का अगला सांसद महिला ही बनेगी।लाखो की आबादी के बीच असाध्य रोग से पीड़ित एक मात्र रघुनाथपुर का रेफरल अस्पताल अपने बदहाली पर खून की आंसू बहा रहा है।सेवा में आने के बाद से ही डॉक्टर,महिला डॉक्टर,कम्पाउंडर,ड्रेसर,एएनएम व अन्य पदों की कमी का दंश झेल रहा है।प्रसव पीड़ा से पीड़ित महिलाओं को सुरक्षित प्रसव कराना एएनएम के हाथों में है।प्रसव सिजेरियन की व्यवस्था तो सोचना बेमानी हैं रघुनाथपुर के रेफरल अस्पताल में।उक्त व्यवस्था अस्पताल में नही रहने के कारण निजी अस्पताल संचालक दिन दहाड़े गरीब मजबूर पीड़ित को बिना हथियार दिखाए लूट रहे है।सीवान की अगली महिला सांसद से रघुनाथपुर प्रखण्ड की महिलाएं अनुरोध करती हैं कि रघुनाथपुर के रेफरल अस्पताल में एक महिला डॉक्टर की स्थायी प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित किया जाय।

सीवान की जिलाधिकारी सुश्री रंजीत एक महिला है।और बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का गृह जिला होने के नाते भी अस्पतालों की दिशा दशा बेहतरी की अपेक्षा बढ़ जाती हैं।लेकिन अफसोस कि उक्त अस्पताल की व्यवस्था बद से बदतर होती जा रही हैं।लोग तो तंज कसते हुए कहते हैं कि अस्पताल का नाम रेफरल से बदलकर रेफ़र कर दिया जाय।जब अस्पताल ही खुद बीमार है तो लोगो का इलाज कैसे सम्भव है।
शनिवार को 10 बजे के करीब श्रीनारद मीडिया ने जब अस्पताल का निरीक्षण किया तो पाया की अस्पताल में मरीजो की काफी भीड़ है, और ऑन ड्यूटी डॉक्टर नरेंद्र पाठक अस्पताल में मरीजो का इलाज करने के बजाय निजी क्लिनिक पर मरीजो का इलाज कर रहे हैं।अस्पताल कर्मी ने बताया कि मरीजो के भीड़ की सूचना डॉक्टर को दे दी गई हैं।तपती धूप में एक बुजुर्ग महिला से बात चीत के दरम्यान महिला ने बताया कि करीब एक घण्टे से डॉक्टर का इंतजार कर रही हु।अगर डॉक्टर समय से अस्पताल में रहते तो ठंढे ठंढे अपने घर को चली गई होती।अब धूप में जाना होगा।

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