गौरैया कहती है अभी मैं जिंदा हूं…अब ‘सेव स्पैरो’ एप से आप भी ऐसे बचा सकते हैं गौरैया

गौरैया कहती है अभी मैं जिंदा हूं…अब ‘सेव स्पैरो’ एप से आप भी ऐसे बचा सकते हैं गौरैया

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

अब अाप अपने स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर गौरैया को बचाने में योगदान दे सकते हैं. गौरैया संरक्षण के लिए अब एप भी बन गया है. सेव स्पैरो नाम का मोबाइल एप पटना में लांच किया गया. इसके डेवलपर गौरैया संरक्षण के क्षेत्र में काम कर रहे  पीआइबी के सहायक निदेशक संजय कुमार हैं जबकि इसका डिजायन मनीष कुमार ने किया है.
“सेव स्पैरो” ऐप की लांचिंग में पीआइबी अपर महानिदेशक एसके मालवीय,  दूरदर्शन समाचार, बिहार  के निदेशक विजय कुमार, पीआईबी के निदेशक दिनेश  कुमार और सहायक निदेशक सह सेव स्पैरो ऐप के डेवेलपर संजय कुमार मौजूद थे.
इसके बारे में जानकारी देते हुए संजय  कुमार ने  कहा कि गौरैया सरंक्षण को एक अभियान देने की पहल करते हुए सेव  स्पौरो  ऐप लेकर आए हैं, जिसमें गौरैया संरक्षण से जुड़ी सभी जानकारियां दी  गई हैं।  ऐप के माध्यम से देशभर में गौरैया  की स्थिति, उनके आहार, संरक्षण की विधियां, घोंसले की व्यवस्था आदि के बारे  में विस्तार से जानकारी प्राप्त की जा सकती है. साथ ही ऐप पर जाकर गौरैया  संरक्षण को लेकर एसएमएस के माध्यम से सवाल भी पूछे जा सकते हैं.
गौरैया कहती है अभी मैं जिंदा हूं…
‘सेव स्पैरो’ ऐप खुलते ही गौरैया की चींचीं की  आवाज आती है. अभी मैं जिन्दा हूं…. लिखा पेज खुलता है और लोगों से  अपील करता है, आइये रूठे ‘गौरैया’ को बुलाने की करें पहल.  मुख्य पृष्ठ पर  15 विभिन्न आइकन बने हैं, जिसे खोलते ही गौरैया संरक्षण के संदेश यानी  गौरैया के बारे में सुंदर तस्वीरों के साथ पढ़ने को काफी रोचक जानकारियां मिलती हैं.
अभी मैं  जिन्दा हूं, विलुप्ति, याद आता है बचपन, आइये करें पहल, घोंसला, संरक्षण,  कम होती संख्या, कविता, विलुप्ति के कारण, जीवन 3 वर्ष, रखिये दाना पानी,  सृजन, आहार, पानी की तलाश में और संरक्षण आइकन के जरिये सहज शब्दों में  गौरैया की विलुप्ति की दास्तान भी इसमें है. इसके अलावे हमसे पूछे सवाल, मेरी  बात, वालपेपर, रिंगटोन आदि भी है. ऐप से किसी भी रिंगटोन या वालपेपर को  डाउनलोड कर अपने मोबाइल में निःशुल्क प्रयोग किया जा सकता है.

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