वाराणसी के सभी थानों पर दिखी बेटियों की ताकत, 1 दिन के लिए बनी “दरोगा”

वाराणसी के सभी थानों पर दिखी बेटियों की ताकत, 1 दिन के लिए बनी “दरोगा”

श्रीनारद मीडिया ब्यूरो प्रमुख / सुनील मिश्रा वाराणसी (यूपी)

वाराणसी / 20 नवम्‍बर को अंतरराष्ट्रीय बाल दिवस के मौके पर वाराणसी में विभिन्न थाना क्षेत्रों में बेटि‍यों को एक दिन का थाना प्रभारी बनने का और फरियादियों की समस्याओं को सुनने का मौका मिला।एक दिवसी थाना प्रभारी के रूप में थाना लालपुर पांडेयपुर पर सौम्या पटेल पुत्री अवधेश कुमार पटेल निवासी ग्राम रामदत्तपुर द्वारा थाने का निरीक्षण कर कार्यभार ग्रहण करते हुए जनता की समस्याओं को सुना और उनका समाधान किया। वही लक्सा आने पर 1 दिन की थाना प्रभारी लंका क्षेत्र के रहने वाली हैं बालिका भूमि यादव की उम्र 14 वर्ष है। 1 दिन की भेलूपुर थाना प्रभारी बनाने का मौका बंसल महिला इंटर कॉलेज की कक्षा 10 की छात्रा मुस्कान सोनकर को मिला जहां उन्होंने पुलिस की मदद से जनता की समस्याओं का समाधान किया।जैतपुर थाने में महिला सशक्तिकरण योजना के तहत शुक्रवार को श्वेता वर्मा को 1 दिन का थाना प्रभारी बनाया गया। थाना प्रभारी शशि भूषण राय ने श्वेता को पुलिस के काम का तरीका बताया। थाना अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने के बाद श्वेता ने जेतपुरा थाने पर अपनी फरियाद लेकर आई शाहिना बानो और संजय वर्मा की फरियाद सुनी। बसंत महिला इंटर कॉलेज की कक्षा 10 की छात्रा मुस्कान सोनकर को 1 दिन के लिए भेलूपुर थाने का प्रभारी बनाया गया।इस दौरान मुस्कान ने आने की कार्यप्रणाली को समझा और फरियादियों की फरियाद सुनी इस दौरान थाना प्रभारी सेकंड अॉफिसर के रूप में उपस्थित रहे। लोहता क्षेत्र के बेटा री गांव की रहने वाले धर्मराज तिवारी की बेटी अर्चना तिवारी ने लोहता थाना अध्यक्ष का चार्ज संभाला।विश्व बालिका दिवस के मौके पर 20 वर्षीय छात्रा ने सुबह 1:00 बजे लोटा थाने में पहुंचकर थाना अध्यक्ष विश्वनाथ प्रताप सिंह से 1 दिन के लिए चार्ज लेते हुए थाना परिसर का भ्रमण किया।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की अनुमति के बाद एमबीए की छात्रा अर्चना को थाना अध्यक्ष बनाया गया।जनपद के ग्रामीण क्षेत्र के थाने चौबेपुर में एसओएस हरमन माइनर स्कूल की कक्षा 10 की छात्रा जहान्वी देवी15 वर्ष को 1 दिन के लिए थाने का प्रभार स्वयं थाना अध्यक्ष संजय त्रिपाठी ने सौंपा और उन्हें थाने पर होने वाले कार्यों का तरीका बताया। इस दौरान पहुंचे फरियादियों की व्यवस्था जहान्वी ने सुनी।जहान्वी को थानाध्यक्ष ने सम्मानित भी किया।वही शिवपुर थाने पर थाना अध्यक्ष नागेश सिंह ने ऑटो चालक की बेटी और शिवपुर स्थित राघव राम वर्मा बालिका इंटर कॉलेज में 12 की छात्रा साक्षी पांडे को 1 दिन का थाना अध्यक्ष नियुक्त किया। इस दौरान सेकंड ऑफिसर के रूप में थाना अध्यक्ष नागेश सिंह स्वयं मौजूद रहे।थाना प्रभारी का पद मिलने से साक्षी काफी खुश दिखे और थाने की कार्यप्रणाली समझ साक्षी ने दो मामलों के त्वरित निस्तारण के साथ ही साथ एक जमीनी विवाद के मामले में फैटम दस्ते को भी भेजा। इसके अलावा मिशन शक्ति के तहत महिला थाना महानगर वाराणसी पर सुधाकर महिला इंटरमीडिएट कॉलेज पांडेपुर वाराणसी की कक्षा दसवीं की छात्रा कुमारी प्रज्ञा सिंह को 1 दिन का थाना प्रभारी नियुक्त किया गया। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक प्रभा व प्रभारी मिशन शक्ति सेकंड ऑफिसर की भूमिका में मौजूद रही। इस दौरान कुमारी प्रज्ञा ने कई महिलाओं की समस्याओं को विस्तार से सुना।मिशन शक्ति के तहत नारी सुरक्षा व स्वलम्बन शक्तिकरण व आत्मविश्वास को जागरूक करने के उद्देश्य से आज दिन शुक्रवार को थाना चोलापुर पर एक भी उसी हेतु श्रेया जयसवाल को थाना प्रभारी के लिए नियुक्त किया गया। श्रेया जयसवाल क्लास 7 की छात्रा है। जनपद के सिधोरा थाने पर मिशन शक्ति अभियान के तहत नारी सुरक्षा व स्वालंबन शक्ति करण व आत्मविश्वास को जागरूक करने के उद्देश्य शुक्रवार को एक दिवसी हेतु महिला पल्लवी बादल पुत्री स्वर्गीय रामदेव जो बीएससी की छात्रा है। 1 दिन के लिए मानद थाना प्रभारी नियुक्त किया गया। सिंधोरा निवासी नामित महिला प्रभारी द्वारा फरियादियों को सुना और जांच कर कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया। इस दौरान हेल्पडेस्क, महिला हेल्पलाइन 1090, 181, 108, 112, 102,1098,106 अत्तर आदि के संबंध में जागरूक किया गया।महिला थाना अध्यक्ष द्वारा जन शिकायत, जनसुनवाई, युवा महिला हेल्प डेक्स से संबंधित राष्ट्रों का अवलोकन भी किया गया।इसी क्रम में थाना चौक, सिगरा, चेतगंज, कोतवाली, रामनगर, लंका, रोनिया, फूलपुर, जन्सा, बड़ागांव, मिर्जामुराद ,तुलापुर एवं कपसेठी थाने में भी बालिकाओं को 1 दिन का थाना प्रभारी बनाया गया और फरियादियों की समस्या का समाधान करने का मौका दिया गया।बता दें कि अंतर्राष्ट्रीय बाल दिवस बच्चों से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है।20 नवंबर का बाल दिवस के रूप में महत्व इसलिए और बढ़ जाता है क्योंकि आज ही के दिन 1959 में संयुक्त राष्ट्र की आम सभा (जनरल असेंबली) ने बाल अधिकारों की घोषणा की थी। वयस्कों से अलग बच्चों के अधिकारों को बाल अधिकार कहा जाता है। बाल अधिकारों को चार अलग-अलग भागों में बांटा गया है जीवन जीने का अधिकार, संरक्षण का अधिकार, सहभागिता का अधिकार, और विकास का अधिकार शामिल है।

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