इलाज व जागरुकता से सर्पदंश की घटनाओं पर लगेगा अंकुश

इलाज व जागरुकता से सर्पदंश की घटनाओं पर लगेगा अंकुश

श्रीनारद मीडिया स्टेट डेस्क

शहर के डीएवी पीजी कॉलेज में शनिवार को प्राणी शास्त्र विभाग में सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का वर्चुअल उद्घाटन जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. फारुक अली द्वारा किया गया। इस दौरान उन्होंने सेमिनार में उपस्थित छात्र-छात्राओं से विषयवार सवाल जवाब भी किया। सेमिनार की अध्यक्षता प्राचार्य डा. अजय कुमार पड़ित ने की। सेमिनार के दौरान कुलपति ने कहा कि सही समय पर इलाज और जागरुकता से सर्पदंश की घटनाओं को कम किया जा सकता है। कहा कि यह जरूरी नहीं है कि सांप के काटने से व्यक्ति की मौत हो जाएगी। 98 फीसदी सर्पदंश के मामले में मौत नहीं होती है। दहशत से सबसे ज्यादा मौत होती है। शरीर के अंदर स्थित एड्रिनल ग्लैंड दहशत की स्थिति में हृदय गति को तीन गुना अधिक बढ़ा देती है। इससे मौत होती है। व्यक्ति का ढांढ़स देते रहने से धड़कनें सामान्य ही रहती है। अगर किसी व्यक्ति को सांप के काटने पर असहनीय दर्द हो रहा है और सूजन हो तो बिना देर किए सीधे अस्पताल ले जाना चाहिए। इस दौरान महाविद्यालय के रिया कुमारी, आरती कुमारी, अंशिका, अनु कुमारी, फकैया, प्रत्युष चंदन, प्रवीण कुमार व मिथिलेश कुमार समेत अन्य छात्र-छात्राओं ने पावर प्वाइंट द्वारा अपने-अपने विषय की प्रस्तुति की। साथ ही पूर्ववर्ती शिक्षक प्रो. रामचंद्र प्रसाद सिंह, प्रो. मनोरंजन प्रसाद, प्रो. ओवैदुल्लाह अंसारी, प्रो. बसंत कुमार, एवं प्राणी शास्त्र विज्ञान विभाग के पूर्ववर्ती विभागाध्यक्ष प्रो. रविद्र नाथ पाठक ने अपने-अपने विचार प्रस्तुत किए।

गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाली छात्रा को किया गया सम्मानित :

डीएवी पीजी कॉलेज में पीजी चतुर्थ सेमेस्टर की प्राणी शास्त्र विभाग की छात्रा को जयप्रकाश विश्वविद्यालय में सर्वाधिक अंक 78.46 प्रतिशत प्राप्त करने पर प्राणी शास्त्र विज्ञान विभाग द्वारा सम्मानित किया गया। इस दौरान प्राचार्य डा. अजय कुमार पड़ित, प्रो. रविद्र नाथ पाठक, डा. रीता कुमारी, डा. निवेदिता प्रियदर्शी व डा. विभूति दत्ता ने संयुक्त रूप से सम्मानित कर उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

सेमिनार में ये रहे उपस्थित :

सेमिनार में जेडए इस्लामिया कॉलेज के जंतु विज्ञान विभाग के प्रो. जावेद इकबाल, डा. सुरुचि, डा. रुचिका, डा. शमशाद अहमद, डा. अरविद कुमार, डा. रियाद, डा. धनंजय कुमार, डा. कृष्ण कुमार, डा. मुरारी प्रसाद, डा. मुरली मनोहर, डा. मंजूर आलम, डा. आशुतोष शरण, डा. मुस्तफा समेत अन्य शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मचारी उपस्थित थे।

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