जल, जीवन व हरियाली अभियान के तहत पुराने तालाब व बड़े जल स्त्रोत पर कब्जा करने वाले लोगों के विरुद्ध अब नए सिरे से अभियान चलाया जाएगा

जल, जीवन व हरियाली अभियान के तहत पुराने तालाब व बड़े जल स्त्रोत पर कब्जा करने वाले लोगों के विरुद्ध अब नए सिरे से अभियान चलाया जाएगा

श्रीनारद मीडिया‚ राकेश सिंह‚ स्टेट डेस्क:

गोपालगंज । जल, जीवन व हरियाली अभियान के तहत पुराने तालाब व बड़े जल स्त्रोत पर कब्जा करने वाले लोगों के विरुद्ध अब नए सिरे से अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के दौरान जिले के सभी 14 प्रखंड में एरियल सर्वे के दौरान चिह्नित किए गए 3130 परंपरागत जलस्त्रोत से अतिक्रमण हटाया जाएगा। इस अभियान के तहत प्रथम चरण में लोगों को नोटिस जारी करने का कार्य करने के बाद कुछ तालाबों का अतिक्रमण हटाया गया था। लेकिन इसी बीच कोरोना संकट के बीच लॉकडाउन लागू होने से अभियान पर ब्रेक लग गया। दूसरे चरण में तमाम तालाबों को अतिक्रमण से मुक्त कराने की जिम्मेदारी संबंधित अंचल पदाधिकारियों की होगी। ताकि सभी पुराने जल स्त्रोत को उनके पुराने स्वरूप में लाया जा सके।प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि जिले के सभी चौदह प्रखंड में पुराने जल स्त्रोत को अतिक्रमण से मुक्त कराने की योजना तैयार की गई है। पहले चरण में जिले के तीन प्रखंड विजयीपुर, थावे व उचकागांव के 38 पंचायतों में जल स्त्रोतों को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए अभियान की शुरुआत की गई थी। शेष बचे 11 प्रखंड में हुए एरियल सर्वे से नए आंकड़े सामने आए। इन आंकड़ों के अनुसार पूरे जिले में 3130 पुराने तालाब व पारंपरिक बड़े जलस्त्रोत हैं। जिन्हें अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए अभियान चलाने की जरूरत महसूस की गई। इसके तहत संबंधित लोगों को नोटिस भी जारी किया गया। लेकिन लॉकडाउन के कारण आगे की कार्रवाई अधर में लटक गई। लेकिन अब तालाबों को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए नए सिरे से अभियान प्रारंभ किया गया है। इसके तहत अतिक्रमण वाद चलाकर अंचल पदाधिकारी सरकारी जल स्त्रोत पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई करेंगे। मनरेगा के तहत पुराने स्वरूप में लौटेंगे तालाब

गोपालगंज : इस अभियान के तहत एक एकड़ तक के क्षेत्रफल में फैले तालाबों को मनरेगा के तहत उनके पुराने स्वरूप में लाया जाएगा। इस अभियान में अतिक्रमण से मुक्त कराए जाने के बाद तालाबों के किनारे पौधों को लगाने के साथ ही तालाब के किनारे को पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा। पार्क के रूप में विकसित किए जाने वाले तालाब के किनारे बैठने के लिए सिमेंटेड सिटिग बेंच भी बनायी जाएंगी। किस प्रखंड में कितने तालाब व बड़े जलस्त्रोत होंगे अतिक्रमण मुक्त

प्रखंड जल स्त्रोत की संख्या

बैकुंठपुर 364

बरौली 348

भोरे 129

गोपालगंज 45

हथुआ 239

कटेया 550

कुचायकोट 181

मांझा 240

पंचदेवरी 144

सिधवलिया 259

थावे 89

उचकागांव 71

विजयीपुर 360

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