स्कारयुक्त शिक्षा से ही विकसित राष्ट्र का निर्माण — जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय

संस्कारयुक्त शिक्षा से ही विकसित राष्ट्र का निर्माण — जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय

महावीरी विद्यालय विजयहाता का वार्षिकोत्सव “अभ्यूदय” संपन्न

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श्रीनारद मीडिया, सीवान (बिहार):

 

विकसित राष्ट्र के निर्माण में शिक्षा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, किंतु केवल पाठ्य ज्ञान पर्याप्त नहीं होता। बच्चों को मिलने वाली शिक्षा संस्कारयुक्त हो, यह समय की प्रमुख आवश्यकता है। उक्त विचार सिवान के जिलाधिकारी श्री विवेक रंजन मैत्रेय ने गुरुवार को विजयहाता स्थित विद्या भारती विद्यालय, महावीरी सरस्वती विद्या मंदिर के वार्षिकोत्सव ‘अभ्युदय 2026’ को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि जब शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश होता है, तभी समाज में जिम्मेदार, नैतिक और जागरूक नागरिकों का निर्माण संभव है। विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता की सराहना करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि यहां विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शिक्षा के साथ चरित्र निर्माण और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का सुसंगत मार्गदर्शन दिया जाता है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की अनुशासनशीलता, आत्मविश्वास और प्रतिभा इस बात का प्रमाण है कि विद्यालय बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दे रहा है। उन्होंने विद्या भारती को ऐसी संस्था बताया, जहां ज्ञान के साथ व्यक्तित्व और बौद्धिक विकास पर भी समान रूप से बल दिया जाता है।


वार्षिकोत्सव का उद्घाटन जिलाधिकारी श्री मैत्रेय, विद्या भारती के क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री ख्यालीराम, विभाग निरीक्षक श्री अनिल कुमार राम, विद्यालय अध्यक्ष डॉ. शरद चौधरी, आरएसएस विभाग प्रचारक श्री चंदन कुमार, सचिव प्रो. शम्भू प्रसाद एवं प्रधानाचार्य डॉ. कुमार विजय रंजन ने संयुक्त रूप से किया।

इस अवसर पर क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री ख्यालीराम ने कहा कि यह आयोजन साहित्य, संस्कृति और शिक्षा के समन्वय का जीवंत उदाहरण है। विद्यालय को “विद्या का मंदिर” बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां विद्यार्थियों में सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, नैतिक मूल्यों और बौद्धिक क्षमता के विकास की प्रेरणा दी जाती है।

कार्यक्रम में ‘भैया-बहनों’ ने 30 से अधिक सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं परंपरागत प्रस्तुतियां दीं। मंत्रोच्चारण और भक्तिमय वातावरण के साथ प्रारंभ हुए आयोजन ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। यह आयोजन इस बात का सशक्त प्रमाण बना कि जब शिक्षा साहित्य और संस्कृति से जुड़ती है, तब वह केवल ज्ञान नहीं देती, बल्कि संस्कारित पीढ़ी का निर्माण करती है।

वार्षिकोत्सव में विद्यालय के पूर्व प्राचार्यों, सेवानिवृत्त आचार्यों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। सम्मानित पूर्व प्रधानाचार्यों में श्रीराम सिंह, वाणीकांत झा एवं शम्भू शरण तिवारी प्रमुख रहे।

इस अवसर पर क्षेत्रीय मीडिया समन्वयक नवीन सिंह परमार, विद्यालय संरक्षक प्रो. रविन्द्र पाठक, कोषाध्यक्ष जीव नारायण, सह-सचिव ओमप्रकाश सिंह, उपाध्यक्ष डॉ. राम एकबाल गुप्ता, डॉ. विनय कुमार सिंह, डॉ. ममता सिंह, ओमप्रकाश दूबे, पारस नाथ सिंह, कमलेश नारायण सिंह, रविन्द्र राय एवं सिम्मी कुमारी सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे।

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