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शब्द, समय और सच के बीच: हिंदी पत्रकारिता की अनकही धड़कन

शब्द, समय और सच के बीच: हिंदी पत्रकारिता की अनकही धड़कन हिंदी पत्रकारिता दिवस पर विशेष आलेख श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क समाचार कभी केवल सूचना नहीं होते; वे समय की धड़कनों पर रखी उँगलियाँ होते हैं। जब मनुष्य ने पहली बार अपनी बात को अक्षरों में बाँधा, तब शायद उसे यह अंदाज़ा नहीं रहा होगा…

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हिंदी पत्रकारिता के दो सौ वर्ष

हिंदी पत्रकारिता के दो सौ वर्ष 30-05-1826 से 30-05-2026 श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क आज हिंदी पत्रकारिता दिवस है। अर्थात आज से ठीक दो सौ वर्ष पूर्व 30 मई 1826 को कानपुर के व्यवसायी पंडित युगल किशोर शुक्ल ने कोलकाता से हिंदी में ‘उदंत मार्तंड’ नाम से अखबार निकाल कर हिंदी पत्रकारिता का आरंभ किया था।…

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नये मिज़ाज के शहर में मनुष्य की उदासी

नये मिज़ाज के शहर में मनुष्य की उदासी श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क कोई हाथ भी न मिलाएगा जो गले मिलोगे तपाक से। ये नए मिज़ाज का शहर है, ज़रा फ़ासले से मिला करो।।~ बशीर बद्र कोई हाथ भी न मिलाएगा जो गले मिलोगे तपाक से” केवल एक सामाजिक सावधानी नहीं है बल्कि आधुनिक मनुष्य की…

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पृथ्वी के प्राचीन ताप में डूबा मलमास

पृथ्वी के प्राचीन ताप में डूबा मलमास श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क राजगीर पृथ्वी की देह पर रखा हुआ वह प्राचीन ताप है जो समय के इतने लंबे प्रवाह के बाद भी ठंडा नहीं हुआ। पहाड़ों की पाँच परतों से घिरा यह नगर किसी भूगोल का हिस्सा कम, किसी बहुत पुराने स्वप्न का अवशेष अधिक लगता…

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राजनीति साहित्य को क्यों अपना उपनिवेश बनाए रखना चाहती है?

राजनीति साहित्य को क्यों अपना उपनिवेश बनाए रखना चाहती है? श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क   राजनीति को साहित्य से केवल भय ही नहीं होता, आकर्षण भी होता है। राजनीति जानती है कि जनता का मन केवल योजनाओं और भाषणों से नहीं जीता जा सकता। मनुष्य आँकड़ों से कम, कथाओं से अधिक प्रभावित होता है। इसीलिए…

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सोना और चांदी

सोना और चांदी सोना सदियों से केवल गहना नहीं रहा, वह साम्राज्यों का अहंकार रहा है श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्‍क मनुष्य ने धातुओं को केवल धातु की तरह कभी नहीं देखा। उसने उनमें अपनी इच्छाओं का रंग भरा, भय की चमक भरी, सुरक्षा का भ्रम भरा और भविष्य की काँपती हुई आशाओं को पिघलाकर उनमें…

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प्रतियोगी परीक्षाओं की चुनौतियां

प्रतियोगी परीक्षाओं की चुनौतियां श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्‍क भारत में प्रतियोगी परीक्षाएँ अब केवल परीक्षाएँ नहीं रह गई हैं, वे सामाजिक आकांक्षाओं, आर्थिक असुरक्षाओं, पारिवारिक दबावों और राजनीतिक व्यवस्थाओं का एक विशाल संगम बन चुकी हैं। विशेषकर ऐसी प्रतियोगी परीक्षाएँ, जहाँ एक सीट केवल एक सीट नहीं होती बल्कि लाखों परिवारों के लिए प्रतिष्ठा, भविष्य,…

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सीवान में  महिला की संदिग्ध स्थिति में मौत,  पुलिस ने शव को  किया बरामद

सीवान में  महिला की संदिग्ध स्थिति में मौत,  पुलिस ने शव को  किया बरामद फांसी पर झूलने से मौत होने की हो रही चर्चा पति एवं नन्द को पुलिस ने लिया हिरासत में मायके वालों ने हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई श्रीनारद मीडिया, एम सावर्ण, भगवानपुर हाट, सीवान (बिहार)     सीवान जिला के भगवानपुर…

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क्या कम्युनिस्ट शासन का अन्त हो गया है?

क्या कम्युनिस्ट शासन का अन्त हो गया है? श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क 5 अप्रैल 1957 की वह सुबह भारतीय राजनीति के लिए एक ऐसा मोड़ थी, जिसने दुनिया के दो सबसे शक्तिशाली देशों अमेरिका और सोवियत संघ को एक साथ चौंका दिया था। एक ब्राह्मण जमींदार परिवार का दुबला-पतला शख्स, इलम कुलम मनक्कलम शंकरन नंबूदरीपाद…

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पेट्रोल-डीजल के दाम कब से बढ़ेंगे?

पेट्रोल-डीजल के दाम कब से बढ़ेंगे? श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका ईरान तनाव का असर अब भारत की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जिंदगी पर साफ दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हो रही तेजी, रुपये पर बढ़ता दबाव और विदेशी मुद्रा भंडार को लेकर गहराती चिंता…

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नए समय की राजनीति : विचार नहीं, प्रभाव चाहिए

नए समय की राजनीति : विचार नहीं, प्रभाव चाहिए श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क आज की राजनीति का सबसे बड़ा परिवर्तन शायद यही है कि उसका वैचारिक केंद्र लगातार धुँधला होता जा रहा है और “शक्ति” उसका एकमात्र स्थायी आकर्षण बनती जा रही है। पहले राजनीतिक दलों के बीच मतभेद केवल चुनावी नहीं होते थे, वे…

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मनभोग: लोकगंध, श्रद्धा और स्मृति का प्रसाद

मनभोग: लोकगंध, श्रद्धा और स्मृति का प्रसाद श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क गोरक्ष क्षेत्र की यात्रा में हूँ। पथ जैसे बाहर कम, भीतर अधिक खुलता जाता है। ऐसे ही एक पड़ाव पर पंकज भैया का फ़ोन आया। बक्सर से। सहज कुशल-क्षेम के बाद, बातों की धारा जाने कैसे भोजन और प्रसाद की ओर मुड़ गई। और…

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पूर्वी बंगाल के आँसुओं से लेकर पश्चिम बंगाल की सबसे बड़ी कुर्सी तक 

पूर्वी बंगाल के आँसुओं से लेकर पश्चिम बंगाल की सबसे बड़ी कुर्सी तक  श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क ये हैं गायत्री अधिकारी — नाम पढ़ते ही शायद आप समझ गए होंगे कि मैं किसकी बात कर रहा हूँ। हाँ, ये वही महिला हैं जिनके बेटे सुवेंदु अधिकारी कुछ ही घंटों में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद…

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आज महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती है

आज महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती है श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क आज महाराणा प्रताप की जयंती है. देशप्रेम, साहस, शौर्य, पराक्रम से भारतीयों के मन में गौरव और गर्व का भाव भरकर, मनोबल बढ़ानेवाले इतिहास के विलक्षण अमर महानायक.उनकी वीरता, साहस, शौर्य और सरोकार को शत-शत नमन. उन्हें याद करते हुए श्यामनारायण पांडेय की कविता…

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