मनभोग: लोकगंध, श्रद्धा और स्मृति का प्रसाद
मनभोग: लोकगंध, श्रद्धा और स्मृति का प्रसाद श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क गोरक्ष क्षेत्र की यात्रा में हूँ। पथ जैसे बाहर कम, भीतर अधिक खुलता जाता है। ऐसे ही एक पड़ाव पर पंकज भैया का फ़ोन आया। बक्सर से। सहज कुशल-क्षेम के बाद, बातों की धारा जाने कैसे भोजन और प्रसाद की ओर मुड़ गई। और…
