बिहार में हत्या के एक मामले में 27 वर्ष बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया

बिहार में हत्या के एक मामले में 27 वर्ष बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

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बिहार के रोहतास में 12 अक्टूबर 1997 शिवसागर थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव में दो लोगों की निर्ममता से हत्या कर दी गई थी. इस मामले में जिला जज चतुर्थ अनिल कुमार की अदालत ने 19 अभिुयक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने साथ में प्रत्येक अभियुक्त पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है. अगर अभियुक्त जुर्माना नहीं भरेंगे तो छह माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतना पड़ेगा.

अभियुक्तों के नाम

रोहतास जिला जज चतुर्थ अनिल कुमार की अदालत ने डबल मर्डर मामले में शिवसागर थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव के रामाशीष महतो, उमेश महतो, सुनील महतो, राजेश्वर महतो, प्रेमचंद महतो, परमानंद शर्मा, उमाशंकर महतो, बलि महतो, संतन महतो, रमेन्द्र महतो, अर्जुन महतो, हरेराम महतो, दशरथ महतो, रामचंद्र महतो, अशोक महतो, गुपुत महतो, रामनाथ महतो, अरूण महतो और विश्वनाथ महतो को उम्रकैद की सजा सुनाई है. फैसला सुनते वक्त जज ने कहा कि यह अपराध क्रूर और जघन्य है. अभियुक्तों ने यह अपराध असहाय लोगों किया गया था.

पांच अभियुक्तों की हो चुकी है मृत्यु

डबल मर्डर मामले में शिवसागर थाना क्षेत्र के आलमपुर निवासी संजय माली ने 20 नामजद और अन्य अज्ञात आरोपितों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी थी. जांच के बाद पुलिस ने 27 लोगों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट फाइल की थी. ट्रायल के दौरान पांच अभियुक्तों की मौत हो गई. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से नौ गवाहों को पेश किया गया था. दोनों पक्ष के दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने सभी 19 अभियुक्तों को दोषी पाया और सजा सुनाई.

घटना पर क्या बोले संजय

संजय ने कहा कि घटना की सुबह छह बजे हथियार से लैस होकर कुछ लोग उसके दरवाजे पर आए और उसके चाचा जंगबहादुर माली की हत्या कर दी. इस दौरान जब मुनीर माली ने बचाव करने का प्रयास किया तो उसे भी बुरी तरह से पिटा गया. इसी बीच हत्यारों ने विनोद माली नाम के एक शख्स को पकड़ लिया और निर्ममतापूर्वक उसकी हत्या कर दी. हत्या के बाद विनोद माली के सिर को उसके धड़ से अलग कर दिया.

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