Headlines

धूम धाम से मनाया गया श्री श्रीठाकुर अनुकूलचंद्र जी का 137 वाँ जन्म महोत्सव

धूम धाम से मनाया गया श्री श्रीठाकुर अनुकूलचंद्र जी का 137 वाँ जन्म महोत्सव
गाजे बाजे के साथ निकली भव्य शोभा यात्रा,
उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़,
रविवार को ऊषा कीर्तन से हुई जन्मोत्सव की शुरुआत.
जाज़क गण ने कहा श्रीठाकुर के बताए मार्ग पर चल कर ही होगा जनकल्याण

श्रीनारद मीडिया, चंद्रशेखर, छपरा (बिहार):

परमप्रेममय युगपुरुषोतम श्री श्रीठाकुर अनुकूलचंद्र जी का 137 वां जन्म महोत्सव रविवार को गुदरी बाजार स्थित मिलन पैलेश में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. जन्मोत्सव में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ी. इस दौरान गाजे बाजे के साथ एक भव्य शोभा यात्रा निकाली गई जो श्रीमंदिर से धर्मनाथ जी मंदिर होते कटरा के रास्ते भगवान बाजार और गुदरी बाजार होते हुए मिलन पैलेस के मैदान में पहुंच धर्म सभा में तब्दील हो गई.

 

शोभा यात्रा में वंदे पुरूषोत्तमम के उदघोष से पूरा शहर गुंजायमान हो गया वहीं श्रीठाकुर के भजन के बीच श्रद्धालु झूमते दिखे. इसके पूर्व जन्मोत्सव का प्रारंभ ऊषा कीर्तन और प्रभात फेरी से किया गया. इसके उपरान्त नवीगंज स्थित श्री मंदिर में विनती प्रार्थना की गई. उत्सव स्थल पर नारी शक्ति की अभूतपूर्व उपस्थिति रही तो वहीं श्रीठाकुर के अनुयायियों की भीड़ अपने इष्ट का आशीर्वाद पाने को लालायित दिखी. मातृ सम्मेलन मे रीना मां ने अपनी ओजस्वी उदबोधन से महिलाओं को नई सीख दी तो वहीं नेहा मां ने एक सुंदर सा भजन गाकर मन मोह लिया.

 

सम्मेलन को आशा मां, सावित्री मा,  पुष्पा मां, सीमा मां, मीरा मां आदि ने संबोधित किया. इसके उपरान्त धर्म सभा एवं भजन कीर्तन के कार्यक्रम किए गए. गोड्डा से पधारे सर्वश्री गिरधारी यादव, डेहरी ऑन सोन के चितरंजन दा उर्फ फौजी, हाजीपुर से आए गीता दा, जनार्दन दा, श्री राम गिरी दा आदि ने श्रीठाकुर से जुड़े अपने अनुभव साझा किए. उन्होंने बताया कि श्रीठाकुर के बताए मार्ग पर चल कर ही जनकल्याण होगा.


त्रिलोकी ठाकुर , रामजी प्रसाद गुप्ता, जटाधारी पंडित, प्रदीप दा, जनकदेव ठाकुर, डॉ रामजीवन प्रसाद आदि ने अपने भजन एवं कीर्तन से पूरा वातावरण उत्सवपूर्ण और भक्तिमय बना दिया. संचालन एस पी आर डॉ विनय प्रसाद ने किया. जन्मोत्सव का समापन संध्या विनती प्रार्थना से किया गया. कार्यक्रम की सफलता में राजेंद्र दा, मनोरंजन दा, हरेंद्र दा, रजनीश दा, आनन्द दा, शशि दा, ओमप्रकाश दा, शिवलाल दा आदि का योगदान सराहनीय रहा.

 

यह भी पढ़े

आरक्षण वापसी के लिए 13 अप्रैल को गांधी मैदान में महाजुटान  

बगौरा के अगस्त दूब ने लहराया परचम।

नव वर्ष के अवसर पर रघुबीर सिंह पुस्तकालय सह वाचनालय में रामचरित्र मानस पाठ  का शुभारंभ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!