आखिर क्यों करना पड़ा सीजफायर- अखिलेश यादव
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क
उत्तर प्रदेश की कन्नौज लोकसभा सीट से सपा सांसद अखिलेश यादव ने संसद सत्र के दौरान ऑपरेशन सिंदूर पर बोलते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीजफायर क्यों हो गया? जबकि हमें यह प्रतीत हुआ कि PoK हमारा हो जाएगा। अखिलेश यादव मंगलवार को लोकसभा के मानसून सत्र के दौरान बोल रहे थे।
ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना के पराक्रम की प्रशंसा के साथ अखिलेश यादव ने बोलना शुरू किया। उन्होंने कहा कि उस समय हमने बड़े चैनलों पर देखा कि लाहौर, कराची हमारा हो गया है। उस दौरान की कमेंट्री देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि जैसे पीओके हमारा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि छह महीने में पीओके पर कब्जा करने का दावा करने वाली सरकार पीछे कैसे हट गई।
अखिलेश यादव ने कहा कि जिस विषय पर वे बोलने पर खड़े हुए हैं, वह दरअसल होना ही नहीं चाहिए। ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि आजादी के इतने साल बाद भी इस तरह के मुद्दे बने हुए हैं। यह बात पक्ष-विपक्ष की नहीं है, देश की सुरक्षा और जनता की रक्षा की बात है।
उन्होंने सवाल किया हम ऐसी कोई नीति-रणनीति क्यों नहीं बनाते कि हमारी सीमाएं शांत रहें? लेकिन पहलगाम की घटना ने साबित कर दिया है कि लापरवाही देशवासियों की जान ले सकती है। पक्ष पर निशाना साधते हुए अखिलेश ने कहा कि उत्तेजित भाषा का प्रयाेग कर जनता को सम्मोहित करने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के इमोशन का लाभ उठा रही है।
लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव पर चर्चा के दौरान कन्नौज लोकसभा सीट से सपा सांसद अखिलेश यादव और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बीच बहस हुई। अखिलेश यादव ने ऑपरेशन सिंदूर पर बोलते हुए सरकार को घेरा। वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने साफ लफ्जों में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को फिलहाल रोका गया है, लेकिन अगर पाकिस्तान ने फिर कोई गलत हरकत की, तो इसे दोबारा शुरू करने में भारत को कोई हिचक नहीं होगी।
अखिलेश यादव ने कहा?
लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर बहस के दौरान सपा सांसद अखिलेश यादव ने कहा, “आखिर ऐसी क्या वजह थी कि सरकार को युद्धविराम की घोषणा करनी पड़ी? हमें तो उम्मीद थी कि सरकार खुद ही इसकी घोषणा कर देगी। लेकिन चूंकि उनकी गहरी दोस्ती है, इसलिए सरकार ने अपने दोस्त(डोनाल्ड ट्रंप) से ही युद्धविराम की घोषणा करने को कहा।”
ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना के पराक्रम की प्रशंसा के साथ अखिलेश ने कहा कि उस समय हमने बड़े चैनलों पर देखा कि लाहौर, कराची हमारा हो गया है। उस दौरान की कमेंट्री देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि जैसे पीओके हमारा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि छह महीने में पीओके पर कब्जा करने का दावा करने वाली सरकार पीछे कैसे हट गई। उन्होंने कहा कि जिस विषय पर वे बोलने पर खड़े हुए हैं, वह दरअसल होना ही नहीं चाहिए। ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि आजादी के इतने साल बाद भी इस तरह के मुद्दे बने हुए हैं। यह बात पक्ष-विपक्ष की नहीं है, देश की सुरक्षा और जनता की रक्षा की बात है।
अखिलेश ने सवाल किया हम ऐसी कोई नीति-रणनीति क्यों नहीं बनाते कि हमारी सीमाएं शांत रहें? लेकिन पहलगाम की घटना ने साबित कर दिया है कि लापरवाही देशवासियों की जान ले सकती है। सत्ता पक्ष पर निशाना साधते हुए सपा सांसद ने कहा कि उत्तेजित भाषा का प्रयोग कर जनता को सम्मोहित करने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के इमोशन का लाभ उठा रही है.
राजनाथ सिंह ने क्या कहा?
लोकसभा में बोलते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले को अंजाम देने वाले तीन आतंकियों को मार गिराने के लिए सुरक्षा बलों की तारीफ की। रक्षा मंत्री ने कहा कि हमारे जवानों ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद किया, बिना किसी नागरिक की जान गंवाए। यह भारत की ताकत और हिम्मत का सबूत है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारत में किसी भी निशाने पर हमला नहीं कर सका, क्योंकि हमने हर साजिश को नाकाम किया। ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के नौ आतंकी ढांचों को तबाह किया गया और 100 से ज्यादा आतंकी, उनके सरपरस्त और हमदर्द मारे गए।
राजनाथ सिंह ने साफ लफ्जों में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को फिलहाल रोका गया है, लेकिन अगर पाकिस्तान ने फिर कोई गलत हरकत की, तो इसे दोबारा शुरू करने में भारत को कोई हिचक नहीं होगी। रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने खेल बदल दिया है। भारत अब वह मुल्क नहीं, जो चुपके से सहता रहे। हमने दिखा दिया कि हम एक ताकतवर राष्ट्र हैं। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान के परमाणु धमकियों के बावजूद हमने कई जिंदगियां गंवाईं, लेकिन अब ऑपरेशन सिंदूर तब तक चलेगा, जब तक आतंकवाद का खातमा नहीं हो जाता।”