शराबी ड्राइवर ‘आतंकी’ के समान है,कैसे?

शराबी ड्राइवर ‘आतंकी’ के समान है,कैसे?

बस में रखे 234 स्मार्टफोन की बैटरियों के फटने से आग लगी

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श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

आंध्र प्रदेश के कुरनूल में हुए भीषण बस हादसे के बाद हैदराबाद पुलिस कमिश्नर वीसीसजनार ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि नशे में वाहन चलाने वाले लोग आतंकियों से कम नहीं हैं और पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ बिलकुल भी रहम नहीं दिखाएगी। इस हादसे में 20 लोगों की जान चली गई थी।

कमिश्नर सजनार ने एक्स पर लिखा, “ड्रंक ड्राइवर आतंकी हैं और उनकी हरकतें सड़कों पर आतंक फैलाने जैसी हैं। कुरनूल बस हादसा कोई साधारण दुर्घटना नहीं, बल्कि शराब के नशे में की गई लापरवाही से हुआ एक नरसंहार था।”

उन्होंने कहा कि बाइक सवार बी. शिवा शंकर शराब के नशे में था। सीसीटीवी फुटेज में वह रात 2:24 बजे पेट्रोल भरवाते हुए दिखा और 2:39 बजे उसने नियंत्रण खो दिया। इस हादसे से कई परिवार पलभर में खत्म हो गए।

हादसे की जांच में खुलासा

जांच में पता चला कि शिवा शंकर और उसका दोस्त एर्री स्वामी रात में एक ढाबे पर शराब पीने के बाद लौट रहे थे। शिवा बाइक चला रहा था और एर्री पीछे बैठा था। नशे की हालत में शिवा ने बाइक से नियंत्रण खो दिया, डिवाइडर से टकराया और मौके पर ही मारा गया। बाइक बस के नीचे फंस गई, जिससे ईंधन लीक होकर आग लग गई। इसी आग में बस में सवार 19 यात्रियों की जलकर मौत हो गई।

पुलिस कमिश्नर ने क्या कहा?

सजनार ने कहा, “हमारी नीति साफ है ड्रंक ड्राइविंग पर जीरो टॉलरेंस। जो भी व्यक्ति नशे में वाहन चलाते पकड़ा जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब इसे गलती नहीं, अपराध समझना होगा।” उन्होंने अपील की कि समाज को भी नशे में वाहन चलाने को छोटी गलती मानना बंद करना चाहिए, क्योंकि यह अपराध कई मासूम जानें ले लेता है।

बस में रखे 234 स्मार्टफोन की बैटरियों के फटने से आग लगी

दरअसल, आंध्र प्रदेश के कुरनूल में बस अग्निकांड की जांच जारी है। हैदराबाद से बेंगलुरु जा रही बस में आग लगने के पीछे की बड़ी वजह सामने आई है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह जिस बस में हादसा हुआ, उसमें 234 स्मार्टफोन रखे हुए थे। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि इन फोनों की बैटरियों के फटने से बस में भीषण आग लग गई, जिससे यात्रियों की मौत हो गई।

हैदराबाद से बेंगलुरू जा रहे थे स्मार्टफोन

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, स्मार्टफोन की खेप की कीमत 46 लाख रुपये थी। इन स्मार्टफोन को हैदराबाद के एक व्यापारी मंगनाथ पार्सल के जरिए भेज रहे थे। यह खेप बेंगलुरु स्थित ई-कॉमर्स कंपनी के लिए भेजी गई थी। लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही वो ब्लॉस्ट हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि फोन में आग लगने के साथ ही बैटरियों के फटने की आवाज भी सुनाई दी।

AC की भी फटी बैटरियां

आंध्र प्रदेश अग्निशमन सेवा विभाग के महानिदेशक पी. वेंकटरमन ने बताया कि स्मार्टफोन में विस्फोट के अलावा, बस के एयर कंडीशनिंग सिस्टम में इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रिक बैटरियां भी फट गईं।
ईंधन रिसाव के कारण आग लगी

ईंधन रिसाव के कारण लगी आग

पी. वेंकटरमन ने आगे बताया कि ऐसा माना जा रहा है कि शुरुआती आग ईंधन रिसाव के कारण बस के अगले हिस्से में लगी थी। एक बाइक बस के नीचे फंस गई, जिससे पेट्रोल के छींटे, गर्मी या चिंगारी के साथ मिलकर आग में बदल गए, जिसने देखते ही देखते पूरी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया।

महानिदेशक पी. वेंकटरमन ने ने बस के निर्माण में संरचनात्मक दोष बताया। उन्होंने बताया लोहे के स्थान पर हल्के एल्यूमीनियम का उपयोग, जो कि आमतौर पर वाहन का वजन कम करने और गति बढ़ाने के लिए किया जाता है। जिसका उपयोग किया गया था। जो आपातकाल के दौरान हानिकारक साबित हुआ, जिससे दुर्घटना की गंभीरता और बढ़ गई। गर्मी इतनी अधिक थी कि बस के फर्श पर लगी एल्युमीनियम शीटें पिघल गईं।

बस के अंदर मौजूद था ज्वलनशील पदार्थ

डीआईजी कोया प्रवीण ने कहा कि बकाया निजी बस हैदराबाद से बेंगलुरु जा रही थी, जिसमें 40 से अधिक यात्री सवार थे। बाइक से टक्कर के कारण आग लगी, लेकिन बस के अंदर मौजूद ज्वलनशील पदार्थों के कारण कई लोगों की मौत हुई। उन्होंने बताया कि ईंधन टैंक सही सलामत था और बस में आग लगने की घटनाओं को रोकने या कम करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं थे।

 

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