
प्रदोष व्रत कल और मास शिवरात्रि व्रत 18 नवंबर को मनाई जायेगी।
श्रीनारद मीडिया, दारौंदा, सिवान (बिहार)।
सिवान जिला सहित दारौंदा प्रखण्ड के विभिन्न क्षेत्रों में मार्गशीर्ष मास की मासिक शिवरात्रि हिन्दू पंचांग के अनुसार 18 नवंबर 2025, मंगलवार को मनाई जाएगी।
इससे एक दिन पूर्व 17 नवंबर सोमवार को श्रद्धालु प्रदोष व्रत रखकर भगवान शिव की आराधना करेंगे। दोनों ही तिथियाँ शिवभक्तों के लिए अत्यंत पुण्यदायी मानी जाती हैं।
स्थानीय पंडितों के अनुसार, मार्गशीर्ष मास की मासिक शिवरात्रि का विशेष महत्व होता है, क्योंकि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
वहीं 17 नवंबर सोमवार को सोमप्रदोष व्रत को भी अत्यंत शुभ माना जाता है। सोमवार का दिन होने के कारण इसका महत्व और बढ़ जाता है। श्रद्धालु पूरे दिन व्रत रखकर शाम के समय प्रदोष काल में भगवान शिव-शंकर की पूजा-अर्चना करेंगे। कई घरों में रुद्राभिषेक, शिव चालीसा का पाठ करने की भी परंपरा है।
सोम प्रदोष व्रत रखने से चंद्र दोष से मुक्ति मिलती है। शिव पार्वती की पूजा करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है। विवाहित और अविवाहित दोनों के लिए यह व्रत शुभ माना गया है।
अच्छे जीवनसाथी और वैवाहिक सुख की प्राप्ति के लिए भी यह व्रत किया जाता है।
अष्ट सिद्धि और नव निधियों का आशीर्वाद मिलता है.
शिवभक्तों का मानना है कि मार्गशीर्ष माह में शिव की उपासना करने से घर-परिवार में सुख-समृद्धि और शांति का आशीर्वाद मिलता है।

