सिद्धारमैया ने DK को ‘ब्रेकफास्ट’ पर बुलाया,क्यों?

सिद्धारमैया ने DK को ‘ब्रेकफास्ट’ पर बुलाया,क्यों?

विवाद के लिए कांग्रेस नेता ने लीडरशिप को ठहराया जिम्मेदार

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

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कर्नाटक में मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर घमासान जारी है। इस बीच CM सिद्धारमैया ने डिप्टी सीएम डी के शिवकुमार को ब्रेकफास्ट पर बुलाया है। मुख्यमंत्री ने खुद इस बात की जानकारी दी है। सिद्धारमैया ने एक बयान में बताया कि उन्होंने डिप्टी CM शिवकुमार को शनिवार को सुबह के नाश्ते पर बुलाया है। उन्होंने बताया है कि पार्टी आलाकमान की ओर से उन्हें एक बैठक करने को कहा गया था।

मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को बताया, “हाईकमान ने डीके शिवकुमार को बुलाया था। उन्होंने मुझे भी बुलाया था। पार्टी ने हम दोनों को मिलने और बात करने के लिए कहा है। इसलिए मैंने उन्हें नाश्ते पर बुलाया है। जब वह वहां आएंगे, तो हम दोनों हर बात पर चर्चा करेंगे।” रिपोर्ट्स के मुताबिक कर्नाटक में सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच लीडरशिप की लड़ाई सार्वजनिक होने से पार्टी हाईकमान खुश नहीं है और दोनों नेताओं को आपसी बातचीत से इस मुद्दे को जल्द से जल्द सुलझाने के निर्देश दिए गए हैं।

इससे पहले गुरुवार को शिवकुमार और सिद्धरमैया के बीच सोशल मीडिया पर तीखी जुबानी जंग देखने को मिली थी, जहां दोनों नेताओं ने इशारों इशारों में अपनी मंशा जाहिर कर थी। शिवकुमार ने एक पोस्ट में लिखा कि शब्दों की ताकत दुनिया दुनिया की सबसे बड़ी ताकत होती है। वहीं CM सिद्धा CM की कुर्सी छोड़ने के मूड में नहीं हैं।

उन्होंने शिवकुमार के पोस्ट के थोड़ी देर ही बाद एक पोस्ट में लिखा कि शब्दों की तब तक कोई ताकत नहीं होती जब तक उससे लोगों का भला ना होता हो। सिद्धारमैया ने यह भी लिखा कि कर्नाटक की जनता ने अपना जनादेश पूरे 5 साल के लिए सुनाया था, कुछ पलों के लिए नहीं।

कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच खींचतान चल रही है। इस बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली ने इसके लिए पार्टी की लीडरशिप पर सवाल उठाते हुए उन्हें जिम्मेदार बताया है और कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस की स्थिति और खराब हो जाए, उससे पहले तुरंत अनुशासन बहाल करना चाहिए।

मोइली ने शुक्रवार को कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि यह राजनैतिक उथल-पुथल है और अगर नहीं है तो यह उस ओर जा सकती है। इसके लिए सेंट्रल लीडरशिप जिम्मेदार है। उन्हें पता होना चाहिए कि कैसे इसे कंट्रोल करना है, लेकिन मामला अलग-अलग दिशाओं में जा रहा है, जिससे कर्नाटक में कांग्रेस खराब हो जाएगी। उन्होंने आगे कहा, “स्वामीजी और कम्युनिटी के नेता अपने-अपने नेताओं का समर्थन करने आ रहे हैं, इससे गलत मैसेज जाता है। अनुशासन समय की जरूरत है, पहले इसे लाओ, नहीं तो भाजपा हर जगह कांग्रेस को हरा रही है।”

 

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