यूनुस ने धार्मिक चरमपंथियों के साथ किया गठबंधन-तस्लीमा नसरीन
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

बांग्लादेशी-स्वीडिश लेखिका तस्लीमा नसरीन ने बांग्लादेश सरकार पर आरोप लगाया कि उसके मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने देश में ”धार्मिक चरमपंथियों और विभाजन की शक्तियों” के साथ गठबंधन किया है।
यहां केरल विधान सभा अंतरराष्ट्रीय पुस्तक महोत्सव (केएलआईबीएफ) के चौथे संस्करण में ‘शांति के लिए पुस्तक’ विषय पर तस्लीमा नसरीन ने कहा कि नोबेल शांति पुरस्कार विजेता यूनुस ”ऐसे एजेंडे को बढ़ावा दे रहे हैं जो पंथनिरपेक्षता और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं।”
‘बांग्लादेश सरकार ने नहीं की कोई कार्रवाई’
उन्होंने कहा कि जब ”कुछ धार्मिक उन्मादियों और चरमपंथियों” ने उनके जीवन को खतरे में डाला और उनके पुस्तकों के संबंध में उनके खिलाफ फतवे जारी किए, तब बांग्लादेश सरकार ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की और इसके बजाय उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया।
उन्होंने कहा,”अगर सरकार ने तब उन्मादियों और जिहादियों के खिलाफ कार्रवाई की होती, तो बांग्लादेश अब इतना बुरा नहीं होता। सरकार ने अपने राजनीतिक हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग किया।”
‘धार्मिक स्कूलों का कर रही निर्माण’
उन्होंने बांग्लादेश सरकार पर आरोप लगाया कि वह उन्मादियों का समर्थन प्राप्त करने के लिए धार्मिक स्कूलों का निर्माण कर रही है ”ताकि सत्ता में अधिक समय तक बनी रह सके”, बजाय इसके कि पंथनिरपेक्ष शैक्षणिक संस्थान और विज्ञान अकादमियों का निर्माण किया जाए।
भारत में स्वनिर्वासन में रह रही बांग्लादेश की लेखिका तस्लीमा नसरीन ने ‘विश्वसनीय सूत्र’ के हवाले से ये दावा किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्लीमा ने लिखा, ‘एक विश्वसनीय सूत्र का कहना है कि यूनुस 3872 सैन्य कर्मियों के साथ-साथ मुख्य सेना अधिकारी समेत 64 वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को उनके पदों से हटाना चाहते हैं।’
छात्र लीग को लेकर घेरा
इसके साथ ही तस्लीमा ने अवामी लीग की स्टूडेंट विंग छात्र लीग पर प्रतिबंध को लेकर भी यूनुस को निशाने पर लिया। तस्लीमा ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, ‘मिस्टर यूनुस पागल हो रहे हैं। उन्होंने जमात-ए-इस्लामी और उसके छात्र विंग शिबिर पर प्रतिबंध हटा दिया, लेकिन बांग्लादेश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी अवामी लीग के स्टूडेंट विंग छात्र लीग पर प्रतिबंध लगा दिया। उन्होंने हिज्ब-उत-तहरीर, अंसारुल्लाह बांग्ला टीम जैसे अन्य इस्लामी आतंकवादी संगठनों पर से भी प्रतिबंध लगा दिया।’
छात्र लीग पर बांग्लादेश में प्रतिबंध
बुधवार को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने छात्र लीग पर प्रतिबंध लगाया था। छात्र लीग पर जुलाई में हुए हसीना विरोधी आंदोलन के दौरान हत्या और हमले करने के साथ ही आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तता का आरोप लगाया गया है। अंतरिम सरकार की अधिसूचना के अनुसार, छात्र लीग को आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल किया गया है।
तस्लीमा ने यूनुस पर शेख हसीना का विरोध करने वाले भेदभाव मोर्चा विरोधी आंदोलन का फायदा लेने की बात कही है। उन्होंने कहा, यूनुस उन लड़कों के आभारी हैं, जिन्होंने शेख हसीना को बाहर कर दिया क्योंकि अब उन्हें 666 करोड़ टका के आयकर का भुगतान करने की जरूरत नहीं है।
इसके पहले तस्लीमा नसरीन ने शेख हसीना के इस्तीफा विवाद का हवाला देते हुए मोहम्म्द यूनुस को अवैध बताया था। बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के इंटरव्यू का हवाला देते हुए तस्लीमा ने कहा कि ‘शेख हसीना ने अपने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिया था और वह अभी भी जिंदा हैं। यूनुस सरकार अवैध है।’
बांग्लादेशी लेखिका ने एक अन्य पोस्ट में कहा, ‘बांग्लादेश में हर कोई झूठ बोल रहा है। सेना प्रमुख ने कहा कि हसीना ने इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति ने कहा कि हसीना ने इस्तीफा दे दिया है। यूनुस ने कहा कि हसीना ने इस्तीफा दे दिया है। लेकिन किसी ने भी त्यागपत्र नहीं देखा है। त्यागपत्र भगवान की तरह है, हर कोई कहता है कि यह वहां है, लेकिन कोई भी यह नहीं दिखा सकता या साबित नहीं कर सकता कि यह वहां है।’

