बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले को लेकर भारत चिन्तित
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

बांग्लादेश में हिंदुओं को लगातार निशाना बनाकर हमले हो रहे हैं। मामले पर भारत ने शुक्रवार को बांग्लादेश से सांप्रदायिक घटनाओं पर सख्ती दिखाने के लिए कहा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “हम चरमपंथियों द्वारा अल्पसंख्यकों के साथ-साथ उनके घरों और व्यवसायों पर बार-बार होने वाले हमलों का एक परेशान करने वाला पैटर्न देख रहे हैं।” उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बांग्लादेश ऐसी हिंसा को निजी दुश्मनी, राजनीतिक मतभेदों या बाहरी कारणों से जोड़ देता है। ऐसी अनदेखी अपराधियों को और बढ़ावा देती है और अल्पसंख्यकों के बीच डर और असुरक्षा पैदा करती है।
‘लगातार दिख रहा है परेशान करने वाला पैटर्न’
जायसवाल ने कहा, “हमने पिछली ब्रीफिंग में इस मुद्दे पर बार-बार बात की है और बांग्लादेश में चरमपंथियों द्वारा अल्पसंख्यकों, उनके घरों और बिजनेस पर बार-बार होने वाले हमलों का एक परेशान करने वाला पैटर्न देख रहे हैं।”
2025 में 51 मामले किए गए रिपोर्ट
बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद के अनुसार, दिसंबर 2025 में सांप्रदायिक हिंसा के 51 मामले रिपोर्ट किए गए, जिनमें 10 हत्याएं शामिल थीं।
भारत ने पिछले महीने एक बयान में बताया था कि अंतरिम सरकार के कार्यकाल के दौरान अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की 2,900 से ज्यादा घटनाएं हुई हैं, जिनमें हत्या, आगजनी और जमीन पर कब्जे के मामले शामिल हैं।
जायसवाल ने कहा था, “इन घटनाओं को सिर्फ मीडिया की बढ़ा-चढ़ाकर बताई गई बातें या राजनीतिक हिंसा कहकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।”
बांग्लादेश में भीड़ ने एक और हिंदु युवक की जान ले ली है। नौगांव जिले में मिथुन सरकार नामक इस युवक का उपद्रवी भीड़ पीछा कर रही थी। इस दौरान वह उनसे बचने के लिए एक नहर में कूद गया और डूबकर उसकी मौत हो गई। पिछले 19 दिनों में हिंदुओं पर हमले की यह सातवीं और इस हफ्ते में तीसरी घटना है।
ये घटनाएं पूरे बांग्लादेश में हिंदू समुदायों को निशाना बनाकर की जा रही ¨हसा में खतरनाक बढ़ोतरी को दिखाती हैं। नौगांव जिले के एसपी मोहम्मद तारिकुल इस्लाम ने बताया कि उपजिले महादेवपुर में मंगलवार दोपहर चोरी का आरोप लगाकर भीड़ ने 25 वर्षीय मिथुन सरकार नामक हिंदू युवक का पीछा किया।
बचने के लिए वह गहरी नहर में कूद गया। सूचना मिलते ही महादेवपुर पुलिस स्टेशन, फायर सर्विस और सिविल डिफेंस की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया। फायर सर्विस की गोताखोर टीम ने मिथुन को कई घंटों बाद पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।जैसे-जैसे बांग्लादेश में 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव की तिथि नजदीक आ रही है, सांप्रदायिक हिंसा खतरनाक दर से बढ़ रही है। अकेले दिसंबर में सांप्रदायिक हिंसा की कम से कम 51 घटनाएं सामने आई हैं।
बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद ने एक बयान में बताया कि इनमें हत्या के 10; चोरी व डकैती के 10 मामले; घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, मंदिरों और जमीन पर कब्जे, लूटपाट व आगजनी की 23 घटनाएं; ईश निंदा और रा का एजेंट होने के झूठे आरोपों में गिरफ्तारी व यातना के चार मामले; एक दुष्कर्म के प्रयास और शारीरिक हमले की तीन घटनाएं शामिल हैं। हिंसा का यह सिलसिला इस वर्ष जनवरी के पहले हफ्ते में भी जारी है।

