चुनाव आयोग ने नहीं मानी ममता बनर्जी की बात,क्यों?

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श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

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चुनाव आयोग ने मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी के अनुरोध को खारिज करते हुए बंगाल में आवासीय परिसरों में मतदान केंद्र खोलने का निर्णय लिया है। बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार राज्य में जिन बहुमंजिला इमारतों में 300 से अधिक लोग वास करते हैं, उनके परिसरों में मतदान केंद्र खोले जाएंगे।

आयोग ने फिलहाल कोलकाता समेत सात जिलों में ऐसे कुल 69 मतदान केंद्र खोलने की बात कही है। दक्षिण कोलकाता के दो, उत्तर कोलकाता के आठ, दक्षिण 24 परगना के 25, उत्तर 24 परगना के 22, हावड़ा के चार, पूर्व बद्र्धमान के तीन व हुगली के पांच आवासीय परिसरों में मतदान केंद्र खोले जाएंगे।

ममता बनर्जी ने चुनाव आयुक्त को लिखा था पत्र

मालूम हो कि ममता ने आवासीय परिसरों में मतदान केंद्र खोलने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखा था। उन्होंने कहा था कि इससे बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोगों को परेशानी होगी। चुनाव आयोग के निर्णय पर तृणमूल ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इससे फिर साबित हो गया है कि वह भाजपा की ‘बी’ टीम है। सीईओ कार्यालय भाजपा का पार्टी दफ्तर बन गया है।

सुनवाई रोकने को ममता का चुनाव आयुक्त को फिर पत्र

ममता ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित सुनवाई रोकने को मुख्य चुनाव आयुक्त को फिर पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में कहा, ‘जिस तरह से सुनवाई चल रही है, उससे मैं हैरान व परेशान हूं। त्रुटिपूर्ण पद्धति के कारण अमत्र्य सेन (नोबेल जयी अर्थशास्त्री), मोहम्मद शमी (भारतीय क्रिकेटर) व जय गोस्वामी (बंगाल के कवि) जैसे समाज के विशिष्ट जनों को सुनवाई का नोटिस भेजा जा रहा है। यह अवांछित, असंवेदनशील व वास्तविकता से अनभिज्ञ होने का नतीजा है। इससे लोकतांत्रिक ढांचा कमजोर हो रहा है। सुनवाई अविलंब बंद की जानी चाहिए।’

एईआरओ ने दिया इस्तीफा

हावड़ा के बगनान इलाके में सहायक चुनाव पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) मौसम सरकार ने ‘तर्कसंगत विसंगतियों’ का हवाला देकर वैध मतदाताओं के नाम काटे जाने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया है। ब्लाक डिजास्टर मैनेजमेंट आफिसर के पद पर कार्यरत मौसम ने आरोप लगाया कि यह समाज के वंचित वर्ग के लोगों का मताधिकार छीनने की साजिश है। इसपर तृणमूल ने कहा कि एसआईआर को लेकर चल रहे घोटाले का पर्दाफाश हो गया है। चुनाव आयोग के अपने अधिकारी आरोप लगाकर इस्तीफा दे रहे हैं।

चार और विशेष मतदाता सूची पर्यवेक्षकों की होगी नियुक्ति

इस बीच सीईओ कार्यालय के सूत्रों के हवाले से खबर है कि एसआईआर की प्रक्रिया पर निगरानी के लिए राज्य में चार और विशेष मतदाता सूची पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे। 13 जनवरी के बाद वे दिल्ली से बंगाल आएंगे।

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