अभी ठंड से नहीं मिलने वाली है राहत,क्यों?
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

बिहार में जनवरी के दूसरे सप्ताह में भी ठंड का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. शनिवार को राजधानी पटना समेत पूरे राज्य में दिन की शुरुआत घने कोहरे और तेज ठिठुरन के साथ हुई. सुबह के समय हालात ऐसे रहे कि कई इलाकों में विजीबिलिटी बेहद कम हो गई और सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया. दफ्तर जाने वाले लोग, स्कूली बच्चे और सुबह की सैर पर निकलने वाले लोग ठंड से बेहाल नजर आए.
अगले 7 दिनों तक कैसा रहेगा मौसम ?
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले सात दिनों तक बिहार में मौसम शुष्क बना रहेगा, लेकिन ठंड से फिलहाल राहत मिलने के आसार नहीं हैं. इस दौरान बिहार के कई हिस्सों में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की संभावना है. खासकर उत्तरी और दक्षिण-पश्चिमी बिहार में शीत दिवस की स्थिति बनी रह सकती है.
तापमान में मामूली बदलाव
पूर्वानुमान के मुताबिक अगले 48 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री की हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन इसके बाद फिर से तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी. वहीं न्यूनतम तापमान में अगले 24 घंटों में मामूली बढ़ोतरी के बाद किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है.
मौसम विभाग ने दी सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे सुबह और देर रात अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें. बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. साथ ही कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय सतर्क रहने और ठंड से बचाव के पर्याप्त इंतजाम करने की अपील की गई है.
कैसा रहा पटना मौसम ?
पटना में सुबह के समय ठंडी पछुआ हवाओं के कारण सर्दी का असर ज्यादा महसूस किया गया. कोहरा छंटने के बाद करीब तीन से चार घंटे तक निकली धूप ने लोगों को बड़ी राहत दी. धूप निकलते ही छतों, पार्कों और खुले स्थानों पर लोग धूप सेंकते दिखाई दिए. कई लोगों ने इसी दौरान अपने रोजमर्रा के जरूरी काम निपटाए. शनिवार का दिन इस लिहाज से थोड़ा बेहतर रहा कि लोगों को कुछ समय के लिए ठंड से राहत मिली.
लेकिन यह राहत ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी. जैसे ही शाम ढली, ठंडी हवाओं के साथ एक बार फिर तापमान गिरने लगा और पूरा मौसम फिर से ठंड के आगोश में चला गया. देर शाम और रात के समय ठंड का असर और तेज हो गया, जिससे लोग जल्दी घरों में दुबकने को मजबूर हो गए.
कैसा रहा प्रदेश का मौसम ?
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार का मौसम शुष्क बना रहा. पूर्णिया, छपरा, दरभंगा, अररिया, मधेपुरा, वैशाली, सहरसा, अरवल और मुंगेर के कुछ इलाकों में भीषण शीत दिवस दर्ज किया गया. वहीं पटना और भागलपुर के कुछ हिस्सों में शीत दिवस की स्थिति बनी रही. कई जिलों में सुबह 10 बजे तक घना कोहरा छाया रहा.
तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो बिहार का अधिकतम तापमान 11.2 से 19.1 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा. सबसे अधिक तापमान जीरादेई में 19.1 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि वाल्मीकि नगर में अधिकतम तापमान सिर्फ 11.2 डिग्री रहा. न्यूनतम तापमान की बात करें तो गयाजी में पारा 4.2 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया. कोहरे के कारण कई जगहों पर विजीबिलिटी घटकर मात्र 40 मीटर तक पहुंच गई.
टना मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को गयाजी में सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि भागलपुर के सबौर का न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस और पटना का न्यूनतम तापमान 9.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
अगले 7 दिनों तक कैसा रहेगा मौसम
अगले 5-7 दिनों में मौसम में कोई विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है जिसके कारण अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बहुत अंतर आने की उम्मीद नहीं है. राज्य के दक्षिण, उत्तर-पूर्वी और उत्तर-मध्य भागों में शीत दिवस की स्थिति बनी रहेगी.
दरभंगा और छपरा में शीत दिवस
राज्य का न्यूनतम तापमान 4.1 डिग्री सेल्सियस से 9.6 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया. पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के अनेक स्थानों के न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं दर्ज किया गया. विगत 24 घंटों के दौरान राज्य का मौसम शुष्क बना रहा. राज्य के दरभंगा में भीषण शीत दिवस, छपरा और वाल्मीकिनगर में शीत दिवस दर्ज किया गया.
DM ने स्कूल बंद का दिया आदेश
पटना जिले में ठंड के कारण जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने जिले के सभी निजी, सरकारी विद्यालयों (प्री-स्कूल, आंगनबाड़ी केन्द्रों सहित) में 8वीं कक्षा तक की शैक्षणिक गतिविधियों पर 11 जनवरी तक प्रतिबंध लगा दिया है. वहीं, 8वीं से ऊपर की कक्षाओं की शैक्षणिक गतिविधियां पूर्वाह्न 10:30 बजे से अपराह्न 3:30 बजे के बीच संचालित करने के निर्देश दिए हैं.
पटना में धूप निकली पर कोई राहत नहीं
पटना में गुरुवार को दोपहर के बाद धूप निकली लेकिन तपिश न के बराबर रही. उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के अधिकांश इलाकों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबीटी कम रही. पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के अनेक स्थानों के न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं दर्ज किया गया है.

