शिवम के शव को रखकर भेल्दी चौक पर धरना, परिजन बोले– SSP आएंगे तभी हटेगा जाम
श्रीनारद मीडिया, पंकज मिश्रा, अमनौर, सारण (बिहार):

लापता शिवम हत्याकांड को लेकर मंगलवार को परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। न्याय की मांग को लेकर परिजनों ने रेवा–छपरा एनएच-722 स्थित भेल्दी चौक पर शिवम के शव को रखकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान “शिवम को न्याय दो” और “गुनहगार को फांसी दो” के नारे गूंजते रहे।
पटना पीएमसीएच में पोस्टमार्टम के बाद सोमवार देर रात शव गांव लाया गया था, लेकिन आक्रोशित परिजनों ने अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि 12 दिन तक पुलिस शिवम को सकुशल बरामद नहीं कर सकी। परिजन लगातार बच्चे की तलाश में भटकते रहे, लेकिन न तो पुलिस प्रशासन और न ही जनप्रतिनिधियों ने समय रहते गंभीरता दिखाई।
धरना-प्रदर्शन के कारण छपरा–रेवा मार्ग सहित अमनौर–डेरनी मुख्य पथ पूरी तरह जाम हो गया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। घंटों तक यातायात बाधित रहा और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सूचना पर भेल्दी, अमनौर और डेरनी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अंचलाधिकारी अजय कुमार, मरहौरा एसडीपीओ नरेश पासवान और एसडीएम निधि राज भी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को समझा-बुझाकर जाम हटवाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन और ग्रामीण सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को बुलाने की मांग पर अड़े रहे।
इसी दौरान अमनौर पुलिस के पहुंचते ही ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया। भीड़ ने पुलिस वाहन पर हमला कर दिया और अमनौर थाना की एक गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना में दो चौकीदार रोहित अभिषेक, एक होमगार्ड चंचल कुमार और इंस्पेक्टर का चालक घायल हो गया, जिनका इलाज अमनौर पीएचसी में कराया गया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शिवम के अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस की गंभीर लापरवाही के कारण समय रहते कार्रवाई नहीं हो सकी। भीड़ का कहना था कि जब तक एसएसपी स्वयं मौके पर आकर ठोस आश्वासन नहीं देंगे, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर बीएसएपी और बीएमपी की टीम तैनात की गई।
गौरतलब है कि शिवम का अपहरण 31 दिसंबर को किया गया था, जबकि 11 जनवरी को उसका शव गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर झाड़ियों से बरामद हुआ था।
दोपहर करीब दो बजे ग्रामीण एसपी संजय कुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत की। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले में दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाई जाएगी। इसके बाद आक्रोशित ग्रामीण शांत हुए और सड़क जाम समाप्त किया गया।
इस संबंध में ग्रामीण एसपी संजय कुमार सिंह ने बताया कि मामले में एसओपी के तहत कार्रवाई की गई है। एसडीआरएफ, डॉग स्क्वायड और एफएसएल की टीमों को लगाया गया था। विशेष जांच टीम गठित की गई है और जल्द ही मामले का उद्भेदन किया जाएगा।
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