सीवान नगर में राजन जी महाराज के श्रीमुख से होगा नौ दिवसीय श्री राम कथा
8 मार्च से 16 मार्च 2026 तक होगा श्रीरामकथा
श्रीरामकथा आयोजन समिति का हुआ गठन, डा0 राजन कल्याण सिंह समिति के बने अध्यक्ष
डा0 शरद चौधरी को स्वागताध्यक्ष की दायित्व मिली
पूर्व के कथा से भी भव्य होगा आयोजन
श्रीनारद मीडिया, सीवान (बिहार):

“सिया राम सब जग जानी, करउँ प्रनाम जोरि जुग पानी।”
सीवान नगर में आगामी 08 मार्च से 16 मार्च 2026 तक पूज्य राजन जी महाराज के द्वारा संगीतमय श्री राम कथा के वाचन का कार्यक्रम होना सुनिश्चित किया गया है। कथा का आयोजन श्रीरामकथा आयोजन समिति के द्वारा किया जाएगा। बुधवार को नगर के सफायर इन होटल में आयोजित प्रेस वार्ता कर आयोजन समिति के संरक्षक, पदाधिकरियों एवं सदस्यों की नामों की घोषणा हुई।
जिसमें समिति में कथा अध्यक्ष महंथ रामनारायण दास, भरौली मठ, संरक्षक डा0 शशिभूषण सिन्हा, डा0 विनय कुमार पांडेय, डा0 रामएकबाल गुप्ता, डा0 ममता सिंह, डा0 रामेश्वर कुमार सिंह को बनाया गया है।
शहर के लक्ष्मी नर्सिंग होम के डा0 राजन कल्याण सिंह को समिति का अध्यक्ष, शहर के प्रसिद्ध नेत्र सर्जन डा0 शरद चौधरी को स्वागताध्यक्ष बनाया गया है। युवा उद्दमी डा0 रूपेश कुमार को संंयोजक , डा0 राकेश कुमार तिवारी को सचिव तथा स्टेट बैंक के सेवा निवृत प्रबंधक राम प्रेमशकर सिंह को कोषाध्यक्ष बनाया गया है।
इसके साथ ही जादूगर विजय को सर्वव्यवस्था प्रमुख, नंद कुमार द्विवेदी को उत्सव प्रमुख, नरेंद्र प्रभु को संत व्यवस्था प्रमुख , राजेश पांडेय को मंच व्यवस्था , सुधाकर प्रसाद गुप्ता को कार्यालय व्यवस्था, अश्विनी कुमार श्रीवास्तव को सह कोषाध्यक्ष बनाया गया है । समिति के सदस्य के रूप में राजीव चौबे, दीपक कुमार सिंह, राजीव कुमार सिंह उर्फ पिंकू, वैभव कुमार, प्रेमकांत यादव, निरज कुमार शर्मा, धनंजय मिश्रा, अंजनी पांडेय शामिल है।
प्रेसवार्ता में अध्यक्ष डा0 राजन कल्याण सिंह कहा कि नौ दिवसीय श्रीरामकथा से एक दिन पूर्व 7 मार्च को श्री राम कथा को लेकर एक भव्य शोभा यात्रा का आयोजन भी सुनिश्चित हुआ है जिसमें स्वयं राजन जी महाराज उपस्थित रहेंगे। यह शोभा यात्रा नगर के तरवारा मोड़ से लेकर कथा स्थल तक सम्पन्न होंगी।
प्रेसवार्ता में स्वागताध्यक्ष डा0 शरद चौधरी ने कहा कि क्योंकि सनातन संस्कृति सदैव से शाश्वत है। यह नित्य नूतन है तो चीर पुरातन है। काल के चक्र में समय-समय पर इसे नूतन बनाने का भार आने वाली पीढ़ी को मिलती रही है। हमारी संस्कृति के चिंतन में धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष है जिसमें मनुष्य जीवन के समस्त मूल समावेशित हैं।
“दैहिक दैविक भौतिक तापा, राम राज नहिं काहुहि व्यापा।”
सनातन संस्कृति में ईश्वर प्रकृति में विद्यमान है यह निराकार भी है. साकार भी है यह आदि भी है और अनंत भी है। इसे पाने के लिए विषय, विकार, व वासना से मुक्त होना होगा। उन्होंने कहा कि राजन जी महाराज के कथा के रसपान करने से निश्चित ही लोगों का दैहिक, दैविक और भौतिक तापों का शमन होगा।
प्रेस वार्ता में संयोजक डा0 रूपेश कुमार ने कहा कि हमारे जीवन का उद्देश्य है कि हम अपने सच्चे आत्मिक स्वरूप का अनुभव करना। इस कार्य को प्राप्त करने में संत, महात्मा, महापुरुष हमारी सहायता करते हैं, क्योंकि जीवन को सार्थक बनाने हेतु जागृत होना आवश्यक है। जागृत होते ही व्यक्ति परमार्थ की बात सोचने व करने लगता है। हमारे आनंद का स्रोत हमारे ही भीतर है यह दूसरे के प्रति संवेदना से पनपता है और यह सारे कार्य इस तरह के आध्यात्मिक कार्यक्रम कराने में उसमें शामिल होने तथा सहयोग प्रदान करने से होता है।
उन्होंने कहा कि सीवान की पावन धरती पर प्रेम मूर्ति पूज्य संत श्री प्रेमभूषण जी महाराज के कृपा पात्र पूज्य राजन जी महाराज के श्रीमुख से नौ दिवसीय श्री राम कथा के वाचन का समारोह 08 मार्च से 16 मार्च तक नगर मुख्यालय के वीएम उच्च विद्यालय के मैदान में होना प्रस्तावित है। जो संध्या 5:00 बजे से प्रारंभ होकर हरि इच्छा तक चलेगी।
प्रेसवार्ता में कोषाध्यक्ष राम प्रेमशंकर सिंह ने सभी श्रीराम भक्तों से अनुनय निवेदन किया कि श्रीराम कथा को सफल बनाने में तन मन धन से सहयोग प्रदान करें। उन्होंने जिला के जनता से करबद्ध निवेदन करते हुए कहा कि आप अपने परिवार, सगे-संबंधियों, एवं पड़ोसियों के साथ पूज्य राजन जी के मुख से श्रीराम कथा का श्रवण करने हेतु पधारें एवं पुण्य के भागी बने।
श्री राम कथा आयोजन समिति सीवान के सभी सरंक्षक, पदाधिकारी एवं सभी सदस्य इस कथा को सपन्न कराने हेतु अथक प्रयास कर रहे हैं।
“जा पर कृपा राम की होई।
ता पर कृपा करहिं सब कोई।”
सादर जय सियाराम।
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