दावोस में 56वें विश्व आर्थिक मंच शिखर सम्मेलन में भारत सशक्त उपस्थिति दर्ज कराएगा
Davos 2026: दमदार मौजूदगी के लिए भारत तैयार
श्रीनरद मीडिया सेंट्रल डेस्क

दावोस में आयोजित हो रहे पांच दिवसीय विश्व आर्थिक मंच के 56वीं वार्षिक शिखर सम्मेलन में भारत अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसमें सरकार, व्यापार जगत, शिक्षा जगत, बहुपक्षीय संगठनों, नागरिक समाज और श्रमिक संघों से जुड़े 130 से अधिक देशों के लगभग तीन हजार वैश्विक नेता शिरकत कर रहे हैं।
इनमें 1,700 से अधिक व्यापारिक नेता शामिल हैं जिनमें से आधे सीईओ या अध्यक्ष हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अलावा यूक्रेनी राष्ट्रपति व्लोदिमिर जेलेंस्की भी उपस्थित रहेंगे। इस सम्मेलन में अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्दों के अलावा यूक्रेन, गाजा और वेनेजुएला सहित लैटिन अमेरिका के मुद्दों पर भी गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।
ट्रंप अब तक का सबसे बड़ा प्रतिनिधिमंडल लेकर आ रहे हैं। इनमें विदेश मंत्री मार्को रुबियो, वित्त मंत्री स्काट बेसेंट, वाणिज्य मंत्री हावर्ड लुटनिक, ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर के शामिल होने की उम्मीद है। दुनिया भर से कम से कम 64 राष्ट्राध्यक्ष या शासनाध्यक्ष उपस्थित रहेंगे, जबकि जी-7 देशों में से छह देशों के शीर्ष नेतृत्व का भी प्रतिनिधित्व होगा।
चीन और पाकिस्तान के बड़े प्रतिनिधिमंडल भी इस आयोजन में भाग ले रहे हैं। विश्वभर से रिकार्ड संख्या में 400 शीर्ष राजनीतिक नेता इस बैठक में शामिल होंगे। 30 से अधिक विदेश मंत्री, 60 से अधिक वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक के गवर्नर तथा 30 से अधिक व्यापार मंत्री भी इसमें शामिल होंगे।
भारत से चार केंद्रीय मंत्री – अश्विनी वैष्णव, शिवराज सिंह चौहान, प्रल्हाद जोशी और के. राममोहन नायडू – और छह मुख्यमंत्री, साथ ही देश के 100 से अधिक शीर्ष सीईओ के उपस्थित रहने की उम्मीद है। मुख्यमंत्रियों में महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस, आंध्र प्रदेश के एन. चंद्रबाबू नायडू, असम के हिमंता बिस्वा सरमा, मध्य प्रदेश के मोहन यादव, तेलंगाना के ए. रेवंत रेड्डी और झारखंड के हेमंत सोरेन हैं।
भारतीय नेता कई चर्चाओं में भाग लेंगे। इनमें ‘क्या भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है’ विषय पर एक चर्चा भी शामिल है। सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रमुख कारोबारी नेताओं में रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी, टाटा समूह के एन. चंद्रशेखरन, बजाज समूह के संजीव बजाज, जुबिलेंट भारती समूह के हरि एस. भारती, टीवीएस मोटर्स के सुदर्शन वेणु और महिंद्रा समूह के अनीश शाह शामिल हैं।
अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था : सशस्त्र बलों के पांच हजार से अधिक जवान, महत्वपूर्ण स्थानों पर स्नाइपर, एआइ-संचालित ड्रोन और जासूसी उपकरणों तथा खुफिया गतिविधियों का मुकाबला करने के लिए विशेष उपकरण तैनात किए गए हैं।
दावोस: कभी स्वास्थ्य पर्यटन का केंद्र रहा, अब चर्च में बना ‘यूएसए हाउस’
एक वक्त था जब दावोस स्वास्थ्य पर्यटन का प्रमुख केंद्र होता था। वर्ष 1880 में टीबी की बीमारी से पीडि़त अंग्रेज लोग स्वस्थ होने की उम्मीद में दावोस की पहाड़ी आबोहवा में शरण लेने आए और उन्होंने यहां एक चर्च भी बनवाया। वही ऐतिहासिक चर्च अब विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में भाग लेने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों, व्यापारियों और अन्य लोगों की मेजबानी करेगा।
इस छोटे से शहर के मुख्य सैरगाह पर स्थित इंग्लिश किर्चे चर्च को 1970 के दशक के उत्तरार्ध में एक अपार्टमेंट काम्प्लेक्स बनाने के लिए ध्वस्त किया जाना था, लेकिन स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर इसे रोक दिया। अब, इसे एक ऐतिहासिक स्मारक के रूप में सूचीबद्ध किया गया है और स्विट्जरलैंड के फ्री इवेंजेलिकल चर्च के गेमाइंडेबुंड ने इसका स्वामित्व ले लिया है।
Davos 2026: दमदार मौजूदगी के लिए भारत तैयार
विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum or WEF) की 56वीं सालाना आम बैठक 19 जनवरी से स्विट्जरलैंड के शहर दावोस में होने जा रही है। इस 5 दिन के ईवेंट में भारत एक दमदार प्रतिनिधित्व के लिए तैयार है। ईवेंट के लिए दुनिया भर के दिग्गज दावोस में जुटना शुरू हो गए हैं। इस साल WEF की सालाना बैठक में 130 देशों से 3,000 से अधिक ग्लोबल लीडर्स की भागीदारी देखने को मिलेगी। 1700 से अधिक बिजनेस लीडर होंगे, जिनमें से आधे CEO या चेयरपर्सन हैं।

