बिहार की राजधानी पटना हॉस्टल कांड क्या है?

बिहार की राजधानी पटना हॉस्टल कांड क्या है?

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

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 बिहार की राजधानी पटना में नीट छात्रा की मौत के इस मामले में जैसे-जैसे परतें खुल रही हैं, वैसे-वैसे हॉस्टल सिस्टम और उसकी कार्यशैली पर भी बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है. हॉस्टल मालिक की गिरफ्तारी और संचालक पर मंडराता शक यह संकेत देता है कि आने वाले दिनों में जांच और गहराएगी. जांच एजेंसियों की नजर अब उस जगह पर टिक गई है,
जहां पीड़िता रह रही थी. शंभू गर्ल्स हॉस्टल, जिसे सुरक्षित ठिकाना माना जाता था, अब जांच का केंद्र बन चुका है. पुलिस ने साक्ष्य से छेड़छाड़ की आशंका के चलते हॉस्टल मालिक मनीष रंजन को गिरफ्तार किया है. मनीष रंजन न सिर्फ हॉस्टल का मालिक है, बल्कि वह जहानाबाद जिले से मुखिया चुनाव लड़ने की तैयारी भी कर रहा था. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उसकी हॉस्टल संचालक श्रवण अग्रवाल से करीबी दोस्ती थी और आर्थिक मदद के सहारे चुनावी जमीन मजबूत करने की योजना थी. सवाल यह है कि जिस हॉस्टल में छात्राएं पढ़ाई और सुरक्षा की उम्मीद लेकर रहती हैं, वहां निगरानी और प्रबंधन की जिम्मेदारी निभाने वाले लोग आखिर क्या भूमिका निभा रहे थे.
दरअसल, पीएमसीएच की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गैंगरेप और युवती से अमानवीय यौन हिंसा के संकेत मिलने के बाद मामला और गंभीर हो गया है. पुलिस की शुरुआती थ्योरी और बाद में सामने आए तथ्यों के बीच विरोधाभास ने जांच एजेंसियों को भी कठघरे में खड़ा कर दिया है.
दरअसल, पीएमसीएच की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवती के शरीर पर नाखून के गहरे निशान पाए गए हैं. रिपोर्ट में यह संकेत मिला है कि युवती ने खुद को बचाने की कोशिश की थी. शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान हैं जो जबरन हिंसा की ओर साफ-साफ इशारा करते हैं. रिपोर्ट में एक से अधिक लोगों द्वारा दुष्कर्म यानी गैंगरेप की आशंका जताई गई है. इसके साथ ही युवती को अचेत या नियंत्रित करने के लिए दवा या इंजेक्शन दिए जाने की संभावना भी सामने आई है.

एम्स पटना भेजे गए सैंपल

मामले की गंभीरता को देखते हुए पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विजाइना सैंपल को एम्स पटना भेजा गया है. वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम से राय ली जा रही है. पटना पुलिस का कहना है कि एम्स की रिपोर्ट आने के बाद जांच की दिशा और स्पष्ट होगी. फॉरेंसिक रिपोर्ट भी 24 घंटे के भीतर मिलने की उम्मीद जताई गई है.

जांच की कमान IG सेंट्रल जोन के हाथ

इस बीच बिहार पुलिस मुख्यालय ने इस कांड को लेकर बड़ा फैसला लिया है. मामले की निगरानी अब IG सेंट्रल जोन पटना करेंगे. उनके निर्देश पर विशेष जांच टीम यानी SIT का गठन किया गया है. SIT की अध्यक्षता एसपी नगर पूर्वी कर रहे हैं. टीम में महिला और पुरुष वरीय अधिकारियों को शामिल किया गया है. IG सेंट्रल जोन इस पूरे मामले की रोजाना समीक्षा करेंगे.

थानाध्यक्ष SIT से अलग

चित्रगुप्त नगर थाना कांड 14/26 में थानाध्यक्ष रौशनी कुमारी को SIT से अलग कर दिया गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस की भूमिका पर सवाल उठे थे. शुरुआती दिनों में यौन हिंसा से इनकार और बाद में रिपोर्ट के जरिए गैंगरेप की आशंका सामने आने से पुलिस की कार्यशैली कटघरे में है.

परिजनों को सौंपे जाएंगे सभी साक्ष्य

पटना पुलिस का दावा है कि परिजनों को मामले से जुड़े सभी साक्ष्य उपलब्ध कराए जाएंगे.जहानाबाद से पटना आने के बाद छात्रा की हर मूवमेंट का रिकॉर्ड जुटा लिया गया है. पटना स्टेशन से शंभू गर्ल्स हॉस्टल तक के सीसीटीवी फुटेज पुलिस के पास हैं. जिस अस्पताल में सबसे पहले छात्रा को भर्ती कराया गया था, वहां से भी सीसीटीवी फुटेज पुलिस को मिल चुके हैं.

जुटाए गए ऑडियो वीडियो सबूत

मिली जानकारी के अनुसार, प्रभात मेमोरियल अस्पताल ने ऑडियो और वीडियो दोनों साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं. इसके बाद मेदांता अस्पताल से भी इलाज के दौरान के फुटेज जुटाए गए हैं. ऑन कॉल आई गायनी डॉक्टर के बयान दर्ज कर लिए गए हैं. आईसीयू से जुड़े सभी साक्ष्य पुलिस ने जब्त कर लिए हैं.

हॉस्टल मालिक की गिरफ्तारी

शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस का कहना है कि यह गिरफ्तारी साक्ष्यों से छेड़छाड़ रोकने के लिए की गई है. मनीष रंजन जहानाबाद जिले का रहने वाला है और मुखिया चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था. वह जहानाबाद के मखदुमपुर प्रखंड के जगपुरा पंचायत से चुनाव की तैयारी में था.

आगे और गिरफ्तारी के संकेत

सूत्रों के मुताबिक, उसकी हॉस्टल संचालक श्रवण अग्रवाल से गहरी दोस्ती है और आर्थिक मदद के दम पर चुनाव लड़ने की योजना थी. पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर हॉस्टल संचालक श्रवण अग्रवाल की भी गिरफ्तारी हो सकती है. फिलहाल सभी पहलुओं पर जांच जारी है.

सवालों के घेरे में पुलिस

पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद पटना पुलिस बड़े खुलासे का दावा कर रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद पटना पुलिस की शुरुआती भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. हालांकि पुलिस का कहना है कि किसी भी साक्ष्य से छेड़छाड़ नहीं हुई है और हर पहलू की निष्पक्ष जांच की जा रही है.  हॉस्टल मालिक की गिरफ्तारी और संचालक पर मंडराता शक यह संकेत देता है कि आने वाले दिनों में जांच और गहराएगी.

छात्राओं की सुरक्षा का सवाल

पुलिस का दावा है कि किसी भी कीमत पर सच्चाई सामने लाई जाएगी. लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि सिर्फ अपराधियों की तलाश नहीं, बल्कि उन संरचनाओं की भी जांच जरूरी है, जहां सुरक्षा के नाम पर भरोसा किया जाता है. इस मामले का सच सामने आना सिर्फ एक परिवार के लिए नहीं, बल्कि सैकड़ों छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ा सवाल है.

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