अबतक 200 बार दुर्घटनाग्रस्त हो चुका है ‘लियरजेट’ प्लेन,क्यों?

अबतक 200 बार दुर्घटनाग्रस्त हो चुका है ‘लियरजेट’ प्लेन,क्यों?

क्या होता है Readback, Mayday कॉल से कितना अलग?

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

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क्या होता है ‘रीडबैक’?

SKYbrary फ्लाइट ऑपरेशन, एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट और एविएशन सेफ्टी से जुड़े सेफ्टी नॉलेज के एक इलेक्ट्रॉनिक रिपॉजिटरी के अनुसार, ‘रीडबैक’ एक अनिवार्य सुरक्षा प्रक्रिया है, जिसमें पायलट एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से मिले निर्देशों, जैसे कि रनवे नंबर, ऊंचाई, दिशा-निर्देशों को हूबहू दोहराकर वापस सुनाते हैं।

इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निर्देश सही ढंग से समझा गया है, जिससे संचार में किसी भी प्रकार की गलतफहमी के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके। हालांकि, मंत्रालय ने कहा कि Learjet की पायलट कैप्टन शाम्भवी पाठक ने यह रीडबैक नहीं दिया।

रूट क्लीयरेंस क्या है?

किसी एयरपोर्ट के ऊपर एयरस्पेस में प्रवेश करने, रनवे पर लैंड करने, टेक-ऑफ या किसी अन्य उड़ान गतिविधि के लिए क्लीयरेंस और निर्देश, गति, ऊंचाई और दिशा को मैनेज करने या बदलने के बारे में निर्देश, और कोई भी अन्य संदेश, जिसमें कंडीशनल क्लीयरेंस शामिल हैं। इन सभी को रीडबैक किया जाना चाहिए ताकि ATC को यकीन हो जाए कि पायलट ने संदेश समझ लिया है।

कैसे हुआ हादसा?

सुबह 8:18 बजे दिल्ली स्थित नॉन-शेड्यूल्ड एयर ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के स्वामित्व वाले प्लेन ने बारामती एयरपोर्ट से संपर्क स्थापित किया। इस समय, पायलट को मौसम की स्थिति के बारे में बताया गया और उन्हें अपनी मर्जी से लैंड करने की सलाह दी गई।

सरकारी बयान में कहा गया है कि पायलट ने इस दौरान हवा और विजिबिलिटी के बारे में पूछा, ये स्टैंडर्ड सवाल हैं जो दुनिया भर के पायलट लैंडिंग से पहले ग्राउंड स्टाफ या ATC से पूछते हैं। पायलट को बताया गया कि विजिबिलिटी लगभग 3000 मीटर है, जिसे स्टैंडर्ड माना जाता है। इसके बाद एयरक्राफ्ट ने रनवे 11 पर अपनी फाइनल अप्रोच की रिपोर्ट दी।

इसके तुरंत बाद, पायलट ने बताया कि लैंडिंग स्ट्रिप ‘नजर नहीं आ रही है’ और उसे गो-अराउंड शुरू करने के लिए कहा गया। इसका मतलब है कि प्लेन के पूरी तरह रुकने तक किसी भी समय शुरुआती लैंडिंग कैंसिल करना।

पहली लैंडिंग में नहीं दिखा रनवे

विमान ने रनवे-11 पर अंतिम अप्रोच की सूचना दी, लेकिन पायलट ने बताया कि रनवे नजर नहीं आ रहा है। इसके बाद पहली कोशिश में गो-अराउंड किया गया। गो-अराउंड के बाद एटीसी ने विमान की स्थिति पूछी।

क्रू ने फिर से रनवे-11 पर फाइनल अप्रोच की जानकारी दी। जब उनसे पूछा गया कि रनवे दिख रहा है या नहीं, तो उन्होंने कहा कि अभी रनवे नजर नहीं आ रहा है, लेकिन कुछ सेकंड बाद उन्होंने रनवे दिखने की पुष्टि की।

‘लियरजेट’ प्लेन

अजित पवार अपने प्राइवेट चार्टर प्लेन ‘लियरजेट’ से बारामती पहुंचे थे। कई बड़े बिजनेसमैन और नेता हवाई यात्रा के लिए ‘लियरजेट’ के ही प्लेन का इस्तेमाल करते हैं। आइए जानते हैं इस प्लेन आखिर क्यों खास है?

  • 860 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरने वाला ये विमान महज 18-20 मिनट में 41 हजार फीट की ऊंचाई तक पहुंचने में सक्षम है।
  • इस प्लेन में 6 लोग आसानी से बैठ सकते हैं।
  • ये प्लेन बारामती जैसे छोटे रनवे पर भी आसानी से लैंडिंग और टेक ऑफ कर सकता है। यही वजह है कि ज्यादातक लोगों के लिए ‘लियरजेट’ उनकी पहली पसंद है।
  • ‘लियरजेट’ प्लेन में 2 प्रैट एंड व्हिटनी टर्बोफैन इंजर लगे हैं, जिससे ईंधन की भी काफी बचत होती है। ये विमान एक बार में 4000 किलोमीटर तक की यात्रा करने में सक्षम है।
  • ‘लियरजेट’ वाई-फाई, सैटेलाइट फोन, डिजिटल फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम और एडवांस नेविगेशन की सुविधाओं से लेस है।
  • 1960 में पॉवेल लीयर ने ‘लियरजेट’ की नींव रखी थी। बाद में बॉम्बार्डियर एयरोस्पेस ने इसका अधिग्रहण कर लिया। 2021 में कंपनी ने ‘लियरजेट’ प्लेन बनाना बंद कर दिया था। मगर, पुराने प्लेन का रखरखाव जारी है।
  • ‘लियरजेट’ के विमान कई बार क्रैश हो चुके हैं। अब तक दुनिया में 200 ‘लियरजेट’ प्लेन दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं।

दुखद हादसे में विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई है। अजित पवार के साथ विमान में पायलट सुमित कपूर और को-पायलट सांभवी पाठक शामिल थे। इनके अलावा अजित पवार के दो स्टाफ मेंबर-विदिप जाधव और पिंकी माली मौजूद थे।

लैंडिंग के दौरान कंट्रोल से बाहर हुआ विमान

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अजित पवार का प्लेन बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान कंट्रोल से बाहर हो गया और क्रैश हो गया। क्रैश के बाद विमान में आग लग गई। एक चश्मदीद ने बताया कि प्लेन रवने पर पहुंचने से करीब 100 फीट पहले क्रैश हो गया।

पहले धमाका हुआ फिर आग लग गई- चश्मदीद

चश्मदीद ने कहा, “जब विमान नीचे गिरा तो ऐसा लगा कि क्रैश हो जाएगा और ऐसा ही हुआ। फिर इसमें धमाका हुआ और आग लग गई। इसके बाद 4-5 और धमाके हुए। स्थानीय लोग मदद के लिए पहुंचे और यात्रियों को निकालने की कोशिश की लेकिन तेज आग के कारण वे मदद नहीं कर पाए।”

दोबारा लैंडिंग के दौरान जमीन से टकराया विमान

मिली जानकारी के मुताबिक, सुबह कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम थी। पायलटों ने बारामती एयरपोर्ट के रनवे 11 पर लैंडिंग की कोशिश की लेकिन उन्हें रवने नहीं दिखा। पायलटों ने प्लेन दोबारा ऊपर ले लिया और थोड़ी देर बार दोबारा लैंडिग की कोशिश की। इसी दौरान प्लेन रवने से पहुंचने से पहले ही जमीन से टकरा गया।

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