नीतीश सरकार की कैबिनेट बैठक में 32 एजेंडों पर मुहर लगी है
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 32 एजेंडों पर मुहर लगी है. इस बैठक में महिला रोजगार योजना को लेकर बड़ा फैसला लिया गया. सरकार अब महिलाओं को 2-2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त आर्थिक मदद देने की प्रोसेस शुरू करने जा रही है. नीतीश कुमार ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दी.
उन्होंने कहा कि राज्य की महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत की गई थी. इस योजना के तहत महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है. सरकार चाहती है कि हर परिवार की एक महिला उद्यमी बने.
1 करोड़ 56 लाख महिलाओं के खातों भेजा जा चुका है पैसा
मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के पहले चरण में प्रत्येक परिवार की एक महिला को 10 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई है. अब तक 1 करोड़ 56 लाख महिलाओं के खातों में डीबीटी के माध्यम से पैसा भेजा जा चुका है. ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जो आवेदक अब भी बचे हुए हैं, उन्हें भी नियमानुसार जल्द ही उनके खाते में राशि भेजी जाएगी.
महिलाओं को 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता देगी सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सरकार 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर रही है. योजना के तहत रोजगार शुरू करने के 6 महीने बाद लाभुकों का आकलन किया जाएगा. अगर जरूरत पड़ी तो महिलाओं को 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता राशि दी जाएगी. यह राशि किस्तों में दी जाएगी. शर्त यह होगी कि पहले दी गई राशि का सही उपयोग रोजगार में किया गया हो.
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अगर महिला का रोजगार बेहतर तरीके से चल रहा होगा तो आवश्यकता के अनुसार एकमुश्त राशि भी दी जा सकती है.
सरकार ने संबंधित विभाग को निर्देश दिया है कि योजना से जुड़ी महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की मार्केटिंग की समुचित व्यवस्था की जाए. इसके साथ ही लाभार्थियों को पोशाक निर्माण, सुधा बिक्री केंद्र और दीदी की रसोई जैसे सरकारी कार्यों से भी जोड़ा जाएगा.
बिस्मिल्ला खां के नाम पर खुलेगा संगीत महाविद्यालय
कैबिनेट बैठक में एक और अहम फैसला लिया गया. बक्सर के डुमरांव में भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्ला खां के नाम पर संगीत महाविद्यालय खोले जाने को मंजूरी दी गई. पहले इस योजना के लिए 14.52 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई थी, जिसे अब रद्द कर दिया गया है. इसके स्थान पर राज्य योजना के तहत 87.81 करोड़ रुपये की नई प्रशासनिक मंजूरी दी गई है.
इस राशि से कॉलेज का भवन बनेगा. फर्नीचर, अंदरूनी सड़क और चहारदिवारी का भी निर्माण होगा. इस कॉलेज के शुरू होने से राज्य के विद्यार्थियों को संगीत की विभिन्न विधाओं की पढ़ाई का बेहतर अवसर मिलेगा.
बिहार बजट सत्र शुरू होने से पहले नीतीश कैबिनेट की महत्वपूर्णी बैठक हुई। जिसमें 32 एजेंडों को स्वीकृति प्रदान की गई। इसमें सबसे महत्वपूर्ण निर्णय बिहार के छात्रों को मिलनेवाले छात्रवृत्ति को लेकर लिया गया है।
बिहार सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्र-छात्राओं के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति की राशि में ऐतिहासिक वृद्धि करने का निर्णय लिया है । मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में वित्तीय वर्ष 2025–26 से इस योजना को प्रभावी बनाने और छात्रवृत्ति की दरों को दोगुना करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है ।
15 साल बाद बढ़ी छात्रवृत्ति की राशि
गौरतलब है कि इन छात्रवृत्तियों की दरें आखिरी बार वर्ष 2011 में निर्धारित की गई थीं । लंबे अंतराल के बाद सरकार ने महंगाई और शैक्षणिक खर्चों को देखते हुए इन्हें बढ़ाने का फैसला किया है । अब सरकारी और सरकार से मान्यता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों को पहले के मुकाबले काफी अधिक वित्तीय सहायता प्राप्त होगी ।
छात्रवृत्ति की नई दरें (सालाना)
कैबिनेट के फैसले के बाद अब छात्रवृत्ति का ढांचा इस प्रकार होगा :
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कक्षा 1 से 4 तक के छात्र: ₹1200 सालाना ।
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कक्षा 5 से 6 तक के छात्र: ₹2400 सालाना ।
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कक्षा 7 से 10 तक के छात्र: ₹3600 सालाना ।
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छात्रावासी (Class 1-10): ₹6000 सालाना ।
- 27 लाख छात्रों को मिलेगा सीधा फायदा
राज्य सरकार के इस निर्णय से बिहार के लगभग 27 लाख छात्र-छात्राओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है । इस योजना के सुचारू कार्यान्वयन के लिए सरकार ने 519.64 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट का प्रावधान किया है । यह कदम दलित और आदिवासी समाज के बच्चों के बीच ड्रॉपआउट रेट कम करने और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने में मील का पत्थर साबित होगा ।
कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण फैसले
इस बैठक में कुल 32 एजेंडा पारित किए गए, जिनमें बुनियादी ढांचे के विकास, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी शामिल हैं । सरकार का मुख्य ध्यान ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की पहुँच और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के आर्थिक सुदृढ़ीकरण पर है ।

