04 फरवरी 📜 🌺 चौरी चौरा कांड दिवस पर विशेष

04 फरवरी 📜 🌺 चौरी चौरा कांड दिवस पर विशेष

श्रीनारद मीडिया, सेंट्रल डेस्‍क:

000
previous arrow
next arrow
000
000
previous arrow
next arrow

तिथि : 04 फरवरी, 1922

‘चौरी चौरा’ उत्तर प्रदेश के गोरखपुर ज़िले में स्थित एक कस्बा है। चौरी चौरा कस्बे में 4 फरवरी को स्वयंसेवकों ने बैठक की और जुलूस निकालने के लिये पास के मुंडेरा बाज़ार को चुना गया।

पुलिसकर्मियों ने उन्हें जुलूस निकालने से रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान पुलिस और स्वयंसेवकों के बीच झड़प हो गई। पुलिस ने भीड़ पर गोली चला दी, जिसमें कुछ लोग मरे और कई घायल हो गए। गुस्साई भीड़ ने एक पुलिस स्टेशन में आग लगा दी, जिसमें 23 पुलिसकर्मी मारे गए।

कुछ भागने की कोशिश कर रहे पुलिसकर्मियों को पीट-पीटकर मार डाला गया। हथियारों सहित पुलिस की काफी सारी संपत्ति नष्ट कर दी गई।

गांधीजी ने पुलिसकर्मियों की हत्या की निंदा की और आस-पास के गाँवों में स्वयंसेवक समूहों को भंग कर दिया गया।

गांधीजी ने असहयोग आंदोलन में हिंसा का प्रवेश देख इसे रोकने का फैसला किया। उन्होंने अपनी इच्छा ‘कॉन्ग्रेस वर्किंग कमेटी’ को बताई और 12 फरवरी, 1922 को यह आंदोलन औपचारिक रूप से वापस ले लिया गया।

यह भी पढ़े

चरित्र प्रमाण पत्र निर्गत करने में लापरवाही बरतने पर थानाध्‍यक्ष पर एसपी ने की कार्रवाई 

सिसवन की खबरें : पंचायत समिति की बैठक संपन्‍न

वाई. खेमचंद सिंह ने मणिपुर के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली

बौद्धिक जगत का एक सूरज हुआ अस्त!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!