पुलिस एनकाउंटर मारा गया कुख्यात शूटर प्रिंस
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

पीएमसीएच से फरार दो लाख रुपये के इनामी अपराधी प्रिंस उर्फ अभिषेक को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया है. इस कार्रवाई में उसका एक साथी घायल हालत में गिरफ्तार किया गया है. प्रिंस पर हाजीपुर कोर्ट में एक पुलिस जवान की हत्या समेत कुल 28 आपराधिक मामलों में शामिल होने का आरोप था.
पुलिस के अनुसार प्रिंस को कुख्यात अपराधी सुबोध सिंह का शार्प शूटर माना जाता था. वह वैशाली जिले के गोरौल थाना क्षेत्र के हसना गांव का रहने वाला था. 300 किलों सोना लूट मामले का मास्टरमाइंड भी प्रिंस था. सरकार ने उसके सिर पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था.
इलाज के लिए पीएमसीएच में कराया गया था भर्ती
कुछ समय पहले पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर बेऊर जेल भेजा था. बीमारी के कारण उसे इलाज के लिए पटना के पीएमसीएच में भर्ती कराया गया था, जहां से वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था. इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थी.
पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि प्रिंस वैशाली जिले में एक मकान में छिपा हुआ है. सूचना के आधार पर विशेष टीम का गठन किया गया और इलाके की घेराबंदी की गई. जैसे ही पुलिस टीम उस मकान के पास पहुंची, प्रिंस ने पुलिस पर गोली चला दी.
पुलिस ने क्या बताया
पुलिस ने जवाबी फायरिंग की. इसमें प्रिंस गंभीर रूप से घायल हो गया. उसे तुरंत सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस दौरान उसके साथ मौजूद एक अन्य युवक को पुलिस ने घायल अवस्था में पकड़ लिया.
वैशाली के पुलिस कप्तान विक्रम सिहाग ने बताया कि एनकाउंटर के दौरान जिस पिस्टल से फायरिंग की गई थी, उसे जब्त कर लिया गया है. गिरफ्तार साथी के पास से भी हथियार बरामद हुआ है. उसके खिलाफ अलग से मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस का कहना है कि प्रिंस के मारे जाने से इलाके में सक्रिय अपराधियों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और कानून-व्यवस्था मजबूत होगी.
एसपी ने बताया कि जिस पिस्टल से गोली चलाई गयी थी उसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। दूसरे युवक के पास भी हथियार मिला। उस पर अलग से प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। प्रिंस के सिर पर सरकार ने दो लाख का इनाम रखा था। वह शार्प शूटर था। वह जिले के गोरौल थाना इलाके के हुसेना खुर्द गांव का रहने वाला था। हाजीपुर कोर्ट में पुलिस कर्मी की हत्या में वह शामिल था। सोना लूट के दो कांडों में उसकी संलिप्तता थी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बीमार होने पर पीएमसीएच में भर्ती कराया गया था जहां से वह चकमा देकर फरार हो गया था।

