बिहार में अप्रैल 2026 से शुरू होगी जनगणना
1 अप्रैल से पूछे जाएंगे ये 33 सवाल
श्रीनारद मीडिया सेन्ट्रल डेस्क

बिहार में होने वाली जनगणना को लेकर राज्य सरकार ने आधिकारिक रूप से तारीखों की घोषणा कर दी है. डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने बताया कि बिहार में जनगणना का काम दो फेजों में किया जाएगा. इसकी कुल अवधि करीब 45 दिन होगी. यह जिम्मेदारी राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के जनगणना विभाग को सौंपी गई है.
डिप्टी सीएम ने क्या बताया
जनगणना का पहला चरण अप्रैल 2026 में शुरू होगा. इस दौरान मकानों और घरों से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी. सिन्हा ने बताया कि यह चरण 17 अप्रैल से 1 मई 2026 तक चलेगा. इसके बाद दूसरा चरण शुरू होगा. इसमें घर-घर जाकर लोगों से जुड़ी पूरी जानकारी ली जाएगी. यह काम 2 मई से 31 मई 2026 तक पूरा किया जाएगा.
क्या- क्या जानकारी ली जाएगी
इस सर्वे के दौरान हर परिवार की स्थिति, घर में उपलब्ध सुविधाएं और अन्य बुनियादी जानकारियां दर्ज की जाएंगी. सरकार ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया जनगणना अधिनियम 1948 के तहत होगी और लोगों द्वारा दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी. किसी भी जानकारी का दुरुपयोग नहीं किया जाएगा.
दूसरे फेज में क्या होगा
इस बार की जनगणना को खास माना जा रहा है क्योंकि इसमें जाति से जुड़ी जानकारी भी शामिल की जाएगी. केंद्र सरकार पहले ही संसद में स्पष्ट कर चुकी है कि जनगणना हमेशा दो चरणों में होती है. दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक स्थिति से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं. इसी चरण में जाति से संबंधित सवाल भी जोड़े जाएंगे, ताकि देश और राज्य की सामाजिक संरचना की साफ तस्वीर सामने आ सके.
विभाग ने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग भविष्य की योजनाओं, विकास कार्यों और नीतिगत फैसलों में किया जाएगा. इससे सरकार को यह समझने में मदद मिलेगी कि किन क्षेत्रों और वर्गों को किस तरह की सहायता की जरूरत है.
पूरे राज्य में दो चरणों में 45 दिन की अवधि में जनगणना होगी. उन्होंने कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के जनगणना कोषांग द्वारा राज्य में इसे पूरा किया जाएगा. इसके लिए 17 अप्रैल 2026 से 1 मई 2026 तक स्व गणना चलेगी. वहीं घर घर सर्वेक्षण मकान सुचिकरण 2 मई से 31 मई तक किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह कार्य जनगणना अधिनियम 1948 के तहत पूर्णता गोपनीय रहेगी .
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के जनगणना कोषांग द्वारा राज्य में इसे पूरा किया जाएगा. इसके लिए 17 अप्रैल 2026 से 1 मई 2026 तक स्व गणना चलेगी. वहीं घर घर सर्वेक्षण मकान सुचिकरण 2 मई से 31 मई तक किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह कार्य जनगणना अधिनियम 1948 के तहत पूर्णता गोपनीय रहेगी
1 अप्रैल से पूछे जाएंगे ये 33 सवाल
जनगणना का दूसरा चरण फरवरी 2027 में
जनगणना का दूसरा चरण (असली गणना) फरवरी 2027 में होगा, जिसकी प्रश्नावली अभी जारी नहीं की गई है। दूसरे चरण में ही देश में आजादी के बाद पहली बार जातिगत गणना की जाएगी। गजट में जारी अधिसूचना में कहा गया है कि सभी जनगणना अधिकारी, अपने-अपने नियुक्त स्थानीय क्षेत्रों की सीमाओं के भीतर जनगणना को लेकर आवास और घर-सूचीकरण जनगणना अनुसूची के माध्यम से जानकारी एकत्र करने के लिए सभी व्यक्तियों से तय किए गए 33 प्रश्न पूछ सकेंगे। बता दें कि पहली बार डिजिटल गणना की जा रही है।
ये होंगे मुख्य प्रश्न
जनगणना मकान संख्या, मकान के फर्श, दीवार व छत की मुख्य सामग्री, मकान का उपयोग, परिवार में सामान्य रूप से रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या, परिवार के मुखिया का नाम व ङ्क्षलग, मकान के स्वामित्व की स्थिति, मकान में कितने कमरे, विवाहित जोड़ों की संख्या, पीने के पानी का मुख्य स्रोत व उपलब्धता, प्रकाश का मुख्य स्रोत, शौचालय की उपलब्धता व प्रकार, अपशिष्ट जल निकासी की स्थिति, स्नान सुविधा, रसोई व एलपीजी कनेक्शन की उपलब्धता, खाना पकाने में प्रयुक्त मुख्य ईंधन, घर में खाया जाने वाला मुख्य अनाज, रेडियो, टीवी व इंटरनेट की उपलब्धता, लेपटॉप, कंप्यूटर, टेलीफोन व मोबाइल की उपलब्धता, घर में कौन सा वाहन।

