फाइलेरिया के खिलाफ जिलेभर में चलेगा सर्वजन दवा सेवन अभियान, स्वास्थ्य कर्मियों को मिला प्रशिक्षण
• 14 दिनों तक आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर दवा खिलाएंगी
• एडीआर की तुरंत रिपोर्टिंग पर जोर, स्वास्थ्य कर्मी रहेंगे मुस्तैद
• दवा खिलाने के साथ सुरक्षा भी प्राथमिकता
श्रीनारद मीडिया, छपरा (बिहार):

राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सारण जिले में आगामी 10 फरवरी से सर्वजन दवा सेवन अभियान की शुरुआत की जाएगी। इस अभियान के अंतर्गत आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर योग्य लाभार्थियों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाएंगी। अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला स्तर पर टीओटी (Training of Trainers) प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया।
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. दिलीप कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में जिले के सभी बीएचएम, बीसीएम, वीबीडीएस एवं डाटा ऑपरेटरों को प्रशिक्षक के रूप में प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान सर्वजन दवा सेवन अभियान से पूर्व माइक्रोप्लान निर्माण, फैमिली रजिस्टर संधारण, सर्वे-लाइन लिस्ट, एडीआर (Adverse Drug Reaction) रिपोर्टिंग सहित अभियान से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी गई।
14 दिनों तक आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर दवा खिलाएंगी
प्रशिक्षण सत्र में जिला वेक्टर रोग सलाहकार सुधीर कुमार एवं पिरामल के प्रोग्राम लीड चंदन कुमार ने स्वास्थ्य कर्मियों को तकनीकी जानकारी प्रदान की। बताया गया कि अभियान के तहत 14 दिनों तक आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर दवा खिलाएंगी, जबकि अंतिम तीन दिनों में बूथ लगाकर दवा का सेवन कराया जाएगा।
सरकारी विद्यालयों, आंगनवाड़ी केंद्रों, पंचायत भवनों, प्रमुख चौक-चौराहों, स्कूल-कॉलेज, सरकारी कार्यालय, अस्पताल एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर बूथ लगाए जाएंगे। मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पूरे 14 दिनों तक बूथ संचालित किए जाएंगे।
प्रशिक्षण में यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि भ्रमण के दौरान घर का कोई सदस्य उपस्थित नहीं मिलता है, तो यह अवश्य पता करें कि वह किस समय घर पर मिलेगा और उसी अनुसार पुनः भ्रमण कर उसे दवा खिलाई जाए। छूटे हुए लाभार्थियों को दवा खिलाने के लिए कुल 14 दिनों का समय निर्धारित है। सातवें दिन 1 से 6 दिन के छूटे लाभार्थियों को और 14वें दिन 8 से 13 दिन के छूटे लाभार्थियों को दवा खिलाने का निर्देश दिया गया है।
दवा खिलाने के उंगली पर लगायी जायेगी स्याही
जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार सुधीर कुमार ने बताया कि दवा खिलाने के बाद लाभार्थी के बाएं हाथ की तर्जनी उंगली पर अमिट स्याही से पूरा नाखून एवं थोड़ा चमड़ी का हिस्सा लेते हुए निशान लगाने का निर्देश दिया गया। यह निशान केवल उन्हीं लाभार्थियों को लगाया जाएगा, जिन्हें स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति में दवा खिलाई गई हो।
बूथ प्लानिंग पर विशेष जोर
बूथ संचालन के लिए अलग से माइक्रोप्लान तैयार किया जाएगा तथा बूथ कवरेज की रिपोर्टिंग के लिए अलग टैली शीट का उपयोग किया जाएगा। पर्यवेक्षक प्रतिदिन अपने क्षेत्र में लगाए गए बूथों का निरीक्षण करेंगे और प्रतिदिन संध्या में अपनी रिपोर्ट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सौंपेंगे।
दवा से होने वाले दुष्प्रभाव की सूचना देना जरूरी
प्रशिक्षण के दौरान दवा से होने वाले दुष्प्रभावों यानी एडवर्स ड्रग रिएक्शन (ADR) की जानकारी देने पर विशेष जोर दिया गया। बताया गया कि दवा लेने के बाद सरदर्द, बुखार, चक्कर आना, मिचली, उल्टी, पेट दर्द, डायरिया, बदन दर्द, थकान या कमजोरी जैसे लक्षण दिख सकते हैं। ऐसे किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करते हुए तुरंत इसकी सूचना संबंधित आशा कार्यकर्ता, एएनएम, सीएचओ या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र को देनी चाहिए।
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