समाजसेवी स्वर्गीय शंकर चौधरी जी की पुण्यतिथि पर निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर सह श्रद्धांजलि सभा आयोजित

समाजसेवी स्वर्गीय शंकर चौधरी जी की पुण्यतिथि पर निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर सह श्रद्धांजलि सभा आयोजित

श्रीनारद मीडिया, गोपालगंज (बिहार):

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गोपालगंज जिले के हथुआ प्रखंड के घोसियां गाँव में संचालित शंकर नेत्रालय में तेतरी देवी मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा शुक्रवार को महावीरी सरस्वती विद्या मंदिर,विजय हाता सिवान के प्रबंधकारिणी समिति के  अध्यक्ष डॉ शरद चौधरी जी के पिता  स्वर्गीय शंकर चौधरी जी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा सह निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिवरि में लोक शिक्षा समिति के क्षेत्रीय संगठन मंत्री  ख्यालीराम, दरौंदा के विधायक कर्णजीत सिंह उर्फ व्यास सिंह, सीवान बीजेपी के जिलाध्यक्ष राहुल तिवारी,ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ रामाजी चौधरी, सचिव डॉ.शरद चौधरी, सुभाष चंद्र, डॉ संगीता चौधरी,डॉ अलका सोनी चौधरी, डॉ मधुरेश, सजल कुमार, डॉ राजन कल्याण सिंह,डॉ शशि भूषण सिन्हा,डॉ एम ए अकबर,डॉ शिमईला हैदर, डॉ विनय कुमार सिंह ,डॉ अभिषेक कुमार सिंह,  पूनम यादव, सुशीला देवी एवं मुखिया मुन्ना सिंह आदि ने  स्मृति शेष स्व. शंकर चौधरी के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा  संयुक्‍त रूप से दीप प्रज्जवलित कर  स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया। इस मौके पर ट्रस्ट के सचिव डॉ शरद चौधरी ने सभी आगंतुक अतिथियों का स्‍वागत एवं सम्मान किया ।

 


इस अवसर पर क्षेत्रीय संगठन मंत्री  ख्यालीराम जी ने महाभारत के प्रसंग के माध्यम से कहा कि पूर्वजों के स्मरण और सामाजिक उत्तरदायित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारा अस्तित्व पितृ-पुरखों की देन है, इसलिए उनके योगदान को याद रखना अत्यावश्यक है। उन्‍होंने डॉ शरद चौधरी जी द्वारा शिक्षा,खेल एवं समाजसेवा के क्षेत्र में किये जा रहे उत्कृष्ट कार्यों को अनुकरणीय एवं प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि,“ चाहे व्यक्ति कहीं भी रहे, गांव, भाषा-संस्कृति और समाज से जुड़ाव बनाए रखना ही सच्चा विकास है।पूर्वजों के स्मरण और सामाजिक उत्तरदायित्व पर विस्तार से चर्चा की।

उन्होंने कहा कि हमारा शरीर और अस्तित्व हमारे पितृ-पुरखों की देन है, इसलिए उन्हें याद रखना और समाज में उनके योगदान को जीवित बनाए रखना आवश्यक है.ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल कार्यक्रम करना नहीं, बल्कि बुजुर्गों और महापुरुषों के कार्यों से नई पीढ़ी को प्रेरणा देना है.उन्होंने डॉ शरद चौधरी का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा और सेवा के क्षेत्र में उनका योगदान यह सिखाता है कि व्यक्ति चाहे जितना आगे बढ़ जाए, उसे अपने गांव और समाज को नहीं भूलना चाहिए। बाहर रहकर भी बिहार और गांव की चिंता करना,अपनी भाषा-संस्कृति से जुड़े रहना और सेवा भाव रखना ही सच्चा विकास है.  उन्होंने बच्चों में अच्छे संस्कार डालने और सामूहिक प्रयास से समाज को मजबूत बनाने पर जोर दिया.

 

शिविर में सीवान से आई स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर संगीता चौधरी,डॉ अलका सोनी चौधरी ने शिविर में आयीं माताएं व बहनों में हो रही अनेक प्रकार के गुप्त रोग एवं बांझपन की समस्या का निदान एवं उसका उपचार बताया।बहनें पुनः गर्भधारण कर सके.इसकी संपूर्ण जानकारी दी साथ ही मुफ्त में दवाएं भी दी गयी.वहीं नेत्र सर्जन डॉ शरद चौधरी एवं डॉक्टर शिमाईला हैदर ने मोतियाबिंद एवं नेत्र रोग के मरीजों का शिविर में उपचार किया गया.ऑपरेशन के बाद निःशुल्क दवा एवं चश्मा दिया गया।
शिविर में करीब दो सौ तीस लोगों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन नि:शुल्क किया गया.

सिवान के प्रसिद्ध वरिष्ठ नस एवं हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ रामाजी चौधरी एवं डॉ विशाल चौधरी ने हड्डी से संबंधित बीमारियों के मरीजों को देखा एवं दो दिव्यांग मरीजों का चयन ऑपरेशन के लिए किया।
मरीजों का शुगर जांच एवं दवा के साथ ऑपरेशन कर के लेंस लगाया गया.इस अवसर पर वैभव कुमार,दिलीप कुमार,रूबी कुमारी,शंभू प्रसाद एवं मुंशी कुमार यादव व्यवस्था में जुड़े रहे.कार्यक्रम का संचालन जादूगर श्री विजय जी ने किया।

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