श्रीविद्या मठ में बसन्त पञ्चमी पर माँ सरस्वती का पूजन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम सम्पन्न

श्रीनारद मीडिया / सुनील मिश्रा वाराणसी, उत्तर प्रदेश
वाराणसी,23,2,26 / काशी के केदार घाट स्थित श्रीविद्या मठ में बसन्त पञ्चमी के शुभ अवसर पर जगद्गुरुकुलम् के विद्यार्थियों के साथ माँ सरस्वती का विधिवत् पूजन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम श्रद्धा और भक्ति के साथ सम्पन्न हुआ।मठ प्रांगण वेद-मन्त्रों,धूप-दीप और भक्तिमय वातावरण से सुशोभित रहा।
माँ सरस्वती का पूजन ब्रह्मचारी परमात्मानंद जी द्वारा विधि-विधान से सम्पन्न कराया गया।इस अवसर पर गुरुकुल के बटुकों ने पूरे नियम और श्रद्धा के साथ पूजन में भाग लिया।
कार्यक्रम का संयोजन श्रीविद्या मठ के व्यवस्थापक श्री कृष्णकुमार द्विवेदी ने किया।कार्यक्रम का संचालन जगद्गुरुकुलम् के उपप्रधानाचार्य जी ने किया तथा धार्मिक अनुष्ठानों का आचार्यत्व पण्डित शुभम् भारद्वाज जी ने निभाया।
जगद्गुरुकुलम् के प्रधानाचार्य श्री शम्भु शरण पाण्डेय जी ने बसन्त पञ्चमी के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए बटुकों को संबोधित किया।उन्होंने बताया कि यह पर्व विद्या,संस्कार और नई चेतना का प्रतीक है तथा विद्यार्थियों के जीवन में अध्ययन,अनुशासन और सदाचार को मजबूत करने का संदेश देता है।
पूजन के बाद बटुकों द्वारा सरस्वती वन्दना,गुरु वन्दना और भजनों की सुंदर प्रस्तुति दी गई, जिसे सभी उपस्थित लोगों ने सराहा।
कार्यक्रम में उपस्थित साध्वी पूर्णाम्बा दीदी जी ने गुरुकुल शिक्षा के महत्व पर बोलते हुए कहा कि गुरुकुल की शिक्षा केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं होती,बल्कि यह जीवन को अनुशासन, सेवा,संस्कार और सच्चाई के मार्ग पर चलना सिखाती है।यहाँ विद्यार्थी ज्ञान के साथ-साथ अच्छा आचरण और गुरु के प्रति सम्मान भी सीखता है।उन्होंने भारतीय शिक्षा प्रणाली के बारे में कहा कि प्राचीन समय से हमारी शिक्षा का उद्देश्य चरित्र निर्माण और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना पैदा करना रहा है।गुरुकुल परम्परा आज भी इसी सोच को आगे बढ़ा रही है।
इस कार्यक्रम में गुरुकुल के बटुक और उनके शिक्षक उपस्थित रहे।कार्यक्रम का समापन माँ सरस्वती की आरती, प्रसाद वितरण और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ हुआ।उक्त जानकारी शंकराचार्य जी महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने दी है।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सर्वश्री~ गिरीश चंद्र त्रिपाठी,अविनाश चंद्र,शिवकांत मिश्र,शुभम भारद्वाज,रोहित कुमार,सत्यप्रकाश शुक्ला,अजय कुमार सिंह,महेंद्र जायसवाल,नीलम पांडेय,सीमा सान्याल,निर्मला त्रिपाठी आदि जन उपस्थित रहे।

