विलुप्तप्राय अठन्नी को इस प्रेम कथा ने अमर कर दिया
विलुप्तप्राय अठन्नी को इस प्रेम कथा ने अमर कर दिया श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क 000000 “अपनी मातृभाषा से कटा हुआ आदमी उस कृत्रिम पौधे की तरह होता है, जो देखने में सुंदर तो लगता है, मगर उसमें जान नहीं होती।” “अठन्नी एक प्रेम कथा” की पंक्ति जो मुझे बहुत प्यारी लगी। अग्रज स्वरूप मित्र और…
