मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बेतिया से अपनी समृद्धि यात्रा शुरू कर दी
मुख्यमंत्री ने यात्रा के पहले दिन पश्चिम चंपारण को विकास के कई तोहफे दिए
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्धि यात्रा के पहले दिन पश्चिम चंपारण को विकास के कई तोहफे दिए। नीतीश ने जिले में 153 करोड़ रुपए की लागत से 125 योजनाओं का शिलान्यास तथा 29 करोड़ रुपए की लागत से 36 योजनाओं का उद्घाटन किया। नीतीश सुबह 11.30 बजे बेतिया पहुंचे। इसके बाद वो कुमारबाग के स्पेशल इकनॉमिनक जोन पहुंचे और फिर वहां से रमना मैदान गए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा का पहला चरण 16 जनवरी से शुरू होकर 24 जनवरी तक चलेगा। इस दौरान वह बिहार के 9 जिलों का दौरा करेंगे।
सबसे कहिएगा या नहीं- नीतीश
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पश्चिमी चंपारण को बहुत कुछ और देंगे- नीतीश
पश्चिमी चंपारण के कुमारबाग में ओद्योगिक क्षेत्र की स्थापना कर नए उद्योग, बंद पड़ी चनपटिया चीनी मिल को किसानों के लिए फिर से चालू किया जाएगा। डेयरी को बढ़ावा देने के लिए जिले के 434 गांव में दुग्ध उत्पादन समितियों का गठन किया जाएगा। दूध बिक्री के लिए सुधा के बूथ खोले जाएंगे। बेतिया शहर अस्पताल को अति विशिष्ट अस्पताल बनाया जाएगा। खेलों के लिए यहां सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी।- सीएम नीतीश कुमार -
सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने के लिए नीति
सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने के लिए नीति। सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने के लिए नई पॉलिसी लाई जाएगी। इसके पीछे की वजह ये है कि वो सरकारी अस्पताल में होने वाले इलाज में अपना पूरा ध्यान दे पाएंगे। -
पुरानी बंद पड़ी चीनी मिलों को चालू करने का ऐलान
पुरानी बंद पड़ी चीनी मिलों को चालू करने का ऐलान। सीएम नीतीश कुमार ने पुरानी और बंद पड़ी चीनी मिलों पर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पुरानी और बंद पड़ी चीनी मिलों को चालू कराएंगे। मखाना, मछली का कारोबार बढ़ाने के लिए काम किया जाएगा। एक नई एजुकेशन सिटी बनाई जाएगी। सीएम नीतीश ने 7 निश्चय 3 को फिर से गिनाया। -
दो साल में सभी जगह स्कूल-कॉलेज खुलेंगे : चौधरी
सम्राट चौधरी ने कहा कि रक्सौल और वाल्मीकि नगर में एयरपोर्ट बनाने का काम हो रहा है। यह इलाका टूरिस्ट हब बनेगा। यह स्थान भगवान लव-कुश का जन्मस्थान माना जाता है। 60 करोड़ रुपये से भव्य स्मारक बनाने का काम हो रहा है। अगले दो साल में जहां स्कूल कॉलेज नहीं है, वहां इसकी शुरुआत की जाएगी। -
सीएम नीतीश कुमार की द्वारा समृद्धि यात्रा में बड़े तोहफे
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सीएम नीतीश ने पीएम मोदी की तारीफ की
सीएम नीतीश कुमार ने की पीएम मोदी की तारीफ। कहा- केंद्र से भी बिहार के लिए बहुत काम किया जा रहा। पीएम मोदी बिहार के काम को लगातार आकर देखते रहते हैं। हम इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद करते हैं। बिहार में अगले 5 साल में 2030 तक और ज्यादा काम होगा. -
सीएम नीतीश ने गिनाई बिहार सरकार की उपलब्धियां
पिछली सरकार ने क्या किया था, कुछ नहीं किया। हमने मंदिरों तक की घेराबंदी करवाई। सबसे पहले हमने शिक्षा और स्वास्थ्य पर काफी काम किया। पोशाक-साइकिल योजना और नियोजित शिक्षकों की बहाली कर शिक्षा को पटरी पर लाए। बाद में लगा कि कुछ सरकार की तरफ से भी बनाना चाहिए। हम लोगों ने बिहार लोकसेवा आयोग द्वारा 2 लाख 58 हजार सरकारी शिक्षकों की नियुक्ति की। फिर हमको लगा कि कुछ नियोजित शिक्षकों को बीपीएससी में जाने की जरूरत नहीं है। उसके लिए हमलोगों ने अलग से परीक्षा शुरू की। हमने नियोजित शिक्षकों को 5 मौके दिए, इनमें से 4 परीक्षा हो चुकी है। अब सिर्फ 74 हजार नियोजित शिक्षक बचे हैं। एक मौका अभी भी बाकी है- नीतीश कुमार -
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना में 2 लाख से भी ज्यादा रुपये देंगे- नीतीश
सीएम नीतीश कुमार ने बेतिया में कहा कि हमलोगों ने जो दो लाख रुपयों की बात की है, उसमें भी और ज्यादा राशि दी जाएगी। पंचायती राज में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण दिया। अब तक 4 चुनाव हुए, पहले महिला को लोग नहीं देखते थे, लेकिन हमने महिलाओं के लिए काम किया। हमलोगों ने 2013, 2019 में 35 फीसदी आरक्षण दिया।- सीएम नीतीश कुमार -
पहले बेतिया आना सपना था : सम्राट
सम्राट चौधरी ने कहा कि बेतिया तक पहुंचना बाहरी लोगों के लिए सपना था। 5 से 6 घंटे लगते थे पर अब फोर लेन सड़क बन रही है। साथ ही कई एक्सप्रेस वे बन रहे हैं। गोरखपुर से सिलिगुड़ी तक एक्सप्रेस वे के बारे में किसी ने सोचा नहीं होगा।
हमने 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी- नीतीश
हर क्षेत्र में पूर्णता और संपन्नता को समृद्धि का पर्याय बताते हुए RJD (राष्ट्रीय जनता दल) के प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा पर कटाक्ष किया।
पूछा कि आखिर CM Nitish Kumar किसकी समृद्धि देख रहे। बिहार देश का सर्वाधिक गरीब राज्य है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में 19 राज्यों में 18वें क्रमांक पर। साक्षरता दर मात्र 61.3 प्रतिशत है।
60 प्रतिशत डॉक्टरों के पद रिक्त
देश की जीडीपी और उद्योग में बिहार की हिस्सेदारी सबसे कम (क्रमश: 4.3 और 1.39 प्रतिशत) है। मातृ मृत्यु दर, नवजात मृत्यु दर, स्कूल ड्राप-आउट राष्ट्रीय औसत से अधिक है।
अस्पतालों में 60 प्रतिशत डाक्टरों और 40 प्रतिशत नर्सिंग स्टाफ के पद रिक्त हैं, जबकि विश्वविद्यालयों-महाविद्यालयों में शिक्षकों के आधे से अधिक पद रिक्त हैं।
तीन करोड़ से अधिक बिहार-वासी रोजी-रोटी के लिए दूसरे राज्यों में हैं। यह कैसी समृद्धि है? इससे पहले प्रगति यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने 50000 करोड़ की कुल 430 योजनाओं की घोषणा की थी।
उनमें से अधिसंख्य विज्ञापन और प्रोपेगंडा रहे। नल-जल और गली-नाली आदि योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी हैं। प्रेस-वार्ता में भाई अरुण, डा. प्रेम गुप्ता, संजय यादव, प्रमोद राम, अभिषेक कुमार, विजय यादव आदि उपस्थित रहे।
डाक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर राजद ने दिखाया सरकार को आईना
सरकारी डाक्टरों के लिए प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक लगा दी गई है। इस हवाले से राजद के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने सरकार को सीख दी है कि ऐसे निर्णयों से पहले स्वास्थ्य व्यवस्था ठीक की जाए।

