छात्रा केस को लेकर पटना-गया और भागलपुर में प्रदर्शन
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क
पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा के साथ दुष्कर्म और फिर उसकी मौत पर सियासी घमासान तेज हो गया है. घटना को दस दिन बीत चुके हैं. लेकिन अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं. न आरोपी पकड़े गए हैं और न ही कोई ठोस नतीजा सामने आया है. इसी गुस्से के बीच बिहार के कई शहरों में सड़क पर आक्रोश फूट पड़ा. पटना, गया और भागलपुर में बुधवार को जोरदार प्रदर्शन हुआ. हर जगह एक ही मांग थी. न्याय चाहिए. आरोपियों की गिरफ्तारी चाहिए.
महिला कार्यकर्ताओं ने कहा- राजधानी में बेटियां सुरक्षित नहीं
पटना में RJD नेताओं और महिला कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. नारे लगे. सवाल उठे. गुस्सा दिखा. महिला कार्यकर्ताओं ने सीधे सरकार पर निशाना साधा. उनका कहना था कि अगर राजधानी में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं, तो पूरे बिहार का क्या हाल होगा.
RJD नेताओं ने कहा कि हमें कागजों वाला सुशासन नहीं चाहिए. जमीन पर दिखने वाला सुशासन चाहिए. हॉस्टल के अंदर अगर लड़कियों के साथ ऐसी घटनाएं हो रही हैं, तो बाहर क्या हो रहा होगा. यह सरकार की नाकामी है. दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए.
‘बेटियां सुरक्षित नहीं तो देश सुरक्षित नहीं’
गया में माहौल और भी भावुक हो गया. जीडी पब्लिक स्कूल और ज्ञान भारती पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं ने न्याय मार्च निकाला. हाथों में पोस्टर थे. नारों में दर्द था. पोस्टर पर लिखा था- ‘न्याय दो’, ‘आरोपियों को गिरफ्तार करो’, बेटियां सुरक्षित नहीं तो देश सुरक्षित नहीं’, ‘दरिंदों को सजा दो’.

भागलपुर में ABVP ने निकाला आक्रोश मार्च
भागलपुर में ABVP ने आक्रोश मार्च निकाला. छात्राओं के हाथ में तख्तियां थीं. नारों से सड़क गूंज रही थी. प्रशासन और सरकार के खिलाफ खुलकर नारे लगे. प्रदर्शन में शामिल लड़कियों ने साफ कहा- अब चुप नहीं बैठेंगे. जरूरत पड़ी तो झांसी की रानी बनेंगे. पटना की NEET छात्रा के साथ जो हुआ, उसने पूरे समाज को हिला दिया है. फिर भी अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई. यह शर्मनाक है.

प्रदर्शन में शामिल छात्राओं ने कहा कि पटना के SSP कार्तिकेय शर्मा को तुरंत सस्पेंड किया जाए. उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है. अगर समय पर कार्रवाई होती, तो शायद एक बेटी की जान बच सकती थी. अब बेटियां डरेंगी नहीं, लड़ेंगी.
तेज प्रताप बोले- कुछ नेताओं के बेटे भी इसमें शामिल
इस मामले में तेज प्रताप यादव ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि छात्रा के परिजनों से उनकी बात हुई है. इस पूरे केस को दबाया गया है. सत्ता में बैठे कुछ नेताओं के बेटे इसमें शामिल हैं. पैसे देकर मामला रफा-दफा करने की कोशिश हुई है. उन्होंने कहा कि सरकार से जवाब मांगा जाएगा. जो भी दोषी है, उस पर कार्रवाई होनी चाहिए.
SIT को AIIMS की रिपोर्ट का इंतजार
वहीं दूसरी तरफ SIT की जांच जारी है. SIT को अभी दिल्ली AIIMS की ओपिनियन रिपोर्ट और FSL रिपोर्ट का इंतजार है. सूत्रों के मुताबिक, अब तक की जांच में हॉस्टल या किसी अन्य जगह पर रेप के पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं.
पुलिस के पास छात्रा के पटना आने से लेकर अस्पताल में भर्ती होने तक के CCTV फुटेज मौजूद हैं. हर मूवमेंट कैमरे में कैद है. लेकिन परिजनों का दावा कुछ और है. उनका कहना है कि हॉस्टल में छात्रा के साथ घिनौनी हरकत हुई. फिर उसकी हत्या कर दी गई.
पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है. मामले की जांच कर रही SIT पूरी तरह एक्टिव मोड में है. पुलिस के हाथ कई अहम सबूत लगे हैं. इन्हीं सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है. मंगलवार को SIT की टीम शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंची थी. करीब 15 मिनट तक अंदर रही और सबूत जुटाने का प्रयास की.
टीम के साथ SDPO सचिवालय-1 अनु कुमारी भी मौजूद थीं. हॉस्टल के बाहर अजीबोगरीब हरकत देखने को मिली. पहले सभी अधिकारी शंभू हॉस्टल पहुंचे. करीब तीन मिनट तक हॉस्टल के गेट पर रुके. इसके बाद बिना अंदर गए लौट गए. इस दौरान मीडिया में कई तरह की चर्चाएं होती रहीं.
5 मिनट बाद फिर पहुंची टीम, 15 मिनट तक अंदर रही
करीब पांच मिनट बाद फिर एक गाड़ी हॉस्टल पहुंची. इस बार टीम के साथ एक युवती भी थी, जो सादे लिबास में थी. कौन है वो लड़की इसपर सस्पेंस बरकरार है. इसके बाद हॉस्टल का ताला खोला गया. SIT, पुलिस अधिकारी और वह युवती सभी अंदर दाखिल हुए. टीम करीब 15 मिनट तक अंदर रही. अंदर क्या जांच हुई, इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी मीडिया को नहीं दी गई.
SDPO ने प्रभात खबर से बात करने से किया इनकार
प्रभात खबर की टीम ने SDPO अनु कुमारी से बात करने की कोशिश की. हालांकि उन्होंने इस मामले पर कुछ भी कहने से साफ इनकार कर दिया. पुलिस की चुप्पी ने मामले को और रहस्यमय बना दिया है.
छात्रा की पर्सनल डायरी SIT के हाथ लगी
इसी बीच जांच से जुड़ा एक बड़ा सुराग सामने आया है. पुलिस को छात्रा की पर्सनल डायरी मिली है. सूत्रों के अनुसार, यह डायरी SIT के हाथ लगी है. छात्रा इसमें रोज की बातें लिखा करती थी. डायरी में पटना आने के बाद उसके जीवन में आए बदलावों का भी जिक्र है.
सूत्र बता रहे हैं कि डायरी में मेंटल स्ट्रेस, निजी रिश्तों और भावनात्मक दबाव की बातें भी लिखी हुई हैं. यह भी सामने आया है कि छात्रा किसी गहरे सदमे से गुजर रही थी. कुछ पन्नों में उसकी मानसिक स्थिति को लेकर भी गंभीर संकेत मिले हैं.

