सरस्वती पूजा को लेकर डीआईजी सख्त:डीजे पूरी तरह बैन, सोशल मीडिया पर नजर, सहरसा में पुलिस को विशेष ट्रेनिंग
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

कोशी प्रमंडल के डीआईजी कुमार आशीष ने आगामी 23 जनवरी को होने वाली सरस्वती पूजा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसी कड़ी में मंगलवार शाम सहरसा पुलिस लाइन में प्रशिक्षु कांस्टेबलों और ट्रेनी सब-इंस्पेक्टरों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया।
इसमें पर्व-त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए। डीआईजी कुमार आशीष ने स्पष्ट किया कि सरस्वती पूजा के दौरान डीजे पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। किसी भी परिस्थिति में डीजे बजाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अश्लील गाने बजाने, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले कृत्यों या आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ, आपत्तिजनक या विवादित पोस्ट करने वालों पर पुलिस की विशेष निगरानी रहेगी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।पेशेवर दक्षता के साथ कार्य करना अनिवार्य डीआईजी ने जानकारी दी कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर आयोजित इस प्रशिक्षण सत्र में एंटी-राइट ड्रिल (दंगा-रोधी अभ्यास) से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों को राइट गियर के सही उपयोग, भीड़ नियंत्रण के प्रभावी तरीकों और ड्यूटी के दौरान सतर्कता व अनुशासन बनाए रखने के उपायों से अवगत कराया गया।उन्होंने जोर दिया कि ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों की भूमिका संवेदनशील होती है, इसलिए संयम और पेशेवर दक्षता के साथ कार्य करना अनिवार्य है।लगातार गश्त सुनिश्चित करने के निर्देश उन्होंने पूजा पंडालों और मेलों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के विशेष निर्देश दिए।
मेले में छेड़खानी या महिलाओं-बच्चियों से संबंधित किसी भी घटना पर शून्य सहनशीलता की नीति अपनाते हुए तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है। इसके अतिरिक्त, प्रतिमा विसर्जन के दौरान पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतने, संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त बल तैनात करने और लगातार गश्त सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। डीआईजी कुमार आशीष ने आश्वासन दिया कि सहरसा पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है और जिले भर में लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि सरस्वती पूजा शांति, सुरक्षा और अनुशासन के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।

