उद्यमिता की भावना को विकसित करने के प्रयास नितांत आवश्यक
उच्च जातियों के विकास के लिए राज्य आयोग, बिहार की बैठक
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

उच्च जातियों के पिछड़े वर्गों के विकास हेतु सारण प्रमंडलीय स्तरीय बैठक में मैंने अपने सुझाव माननीय अध्यक्ष श्री महाचंद्र प्रसाद सिंह जी को समर्पित किया, आयोग की सक्रियता उम्मीदें बढ़ा रही हैं….
सारण समाहरणालय सभागार में उच्च जातियों के विकास के लिए राज्य आयोग, बिहार के तत्वावधान में आयोजित प्रबुद्धजनों के बैठक में सहभागिता रही। बैठक की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष श्री महाचंद्र प्रसाद जी ने किया।
बैठक में उच्च जातियों के शैक्षणिक और आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों की समस्याओं को समझने और समाज के प्रबुद्धजनों के सुझाव प्राप्त करने के लिए प्रमंडलीय स्तर पर यह बैठक आयोजित की गई थी।
सुझाव निम्न दिए गये—–
1. उच्च जातियों के आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों के युवाओं में उद्यमिता की भावना को विकसित करने के लिए प्रशिक्षण, नेटवर्किंग, उद्यमियों के अनुभव शेयरिंग, आर्थिक सहायता की व्यवस्था सुनिश्चित करने के प्रयास आवश्यक है।
2. कृषि के विविधिकरण मसलन मधुमक्खी पालन, मत्स्ययन, कृषि प्रसंस्करण, कृषि पर्यटन, जैविक खेती के लिए प्रशिक्षण और बेहद कम दर पर ऋण आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
3. उच्च जातियों के पारंपरिक व्यवसायों को संरक्षण और प्रोत्साहन देने के उपाय हो।
4. उच्च जातियों के पिछड़े वर्ग के युवाओं के लिए प्रोफेशनल कोर्सेज के लिए परामर्श और आसान ऋण की सहज उपलब्धता के प्रयास हो।
5. उच्च जातियों के पिछड़े वर्गों के छात्रों के लिए काउंसलिंग और तनाव प्रबंधन कार्यशालाओं का नियमित अंतराल पर आयोजन विविध शैक्षणिक संस्थानों में हो साथ ही प्रखंड स्तर पर स्थाई हेल्प डेस्क बनाया जाए ।

6. सारण प्रमंडल में सब्जियों की खेती अच्छी होती है इसलिए यहां फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री के छोटे छोटे प्लांट स्थापित करने के लिए प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता प्रदान करने की व्यवस्थाओं को संजोया जाए।
7. उच्च जातियों के पिछड़े वर्गों के युवाओं के लिए स्वरोजगार के संदर्भ में बिज़नेस आइडिया, प्रशिक्षण और सहज ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
8.पिछड़े वर्ग के लोगों को दी जा रही अन्य सुविधाओं को भी उच्च जातियों के पिछड़े वर्ग को उपलब्ध कराई जाय मसलन परीक्षा शुल्क, शैक्षणिक संस्थानों के शुल्क आदि में राहत।
9.उच्च जातियों के पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था।
10.उच्च जातियों के पिछड़े वर्ग की युवतियों को भी रोजगारपरक प्रशिक्षण की व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया जाय।
आभार-डॉ. गणेश दत्त पाठक

